आकर्षण का केंद्र बना जेजेडीएफ जेजेएस में रत्न-आभूषण स्टार्टअप्स की पहल 'तराश'

० आशा पटेल ० 
जयपुर । देश की प्रमुख बी2बी और बी2सी एग्जीबिशन, 'जयपुर ज्वैलरी शो' के नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में आगंतुकों की भारी भीड़ उमड़ी। जयपुरवासियों के साथ-साथ शहर में आने वाले घरेलु और अंतराष्ट्रीय पर्यटक भी शो में विविध रत्न आभूषणों से मंत्रमुग्ध हो गए। जेजेएस में इस वर्ष 1100 से अधिक बूथ हैं, जिनमें कई प्रकार के उत्कृष्ट रत्न और आभूषणों, कॉस्ट्यूम और सिल्वर आर्टिकल्स आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं।
जेजेएस के मानद सचिव, राजीव जैन ने बताया कि जेजेएस में एक नई और अपनी तरह की एक अनूठी पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से रत्न और आभूषण उद्योग के लिए स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देना है। यह जेजेएस और टाई राजस्थान की एक संयुक्त पहल है। यह इस उद्योग के स्टार्टअप्स में तेजी लाने, फंडिंग, सलाह देने और आगे बढ़ने में मदद करेगा। जेजेएस के मंच के माध्यम से, ताराश के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं और इसका पहला समूह जनवरी 2024 में शुरू होगा।
जेजेएस आयोजन समिति के चेयरमैन विमल चंद सुराणा के अनुसार इस वर्ष की थीम, 'एमरल्ड... योर स्टोन, योर स्टोरी', को ध्यान में रखते हए जेजेएस में एमरल्ड रत्न व आभूषणों को एक खास स्थान दिया गया है। जेजेएस के पिछले संस्करण में पन्ना रत्न की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इस वर्ष भी शो में अन्य रंगीन रत्नों के साथ-साथ पन्ना रत्न को बढ़ावा मिल रहा है। आगंतुकों को शो के माध्यम से एक ही मंच पर देशभर के शीर्ष ज्वैलर्स के नवीन डिजाइन और उत्कृष्ट कारीगरी का खूबसूरत प्रदर्शन देखने का अवसर प्राप्त हुआ है।

 जेजेएस में 67 प्रतिशत ब्रांड्स के डिजाइनर बूथ एक प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। जेजेएस ज्वैलरी डिजाइनरों और आर्टिजंस को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के उदेश्य से इस वर्ष छठी बार जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल की मेजबानी कर रहा है। इस वर्ष ‘गो टैक एंड इट्स इफैक्ट ऑन ज्वैलरी इंडस्ट्री’ थीम के साथ जेजेडीएफ क्रॉफ्ट, डिजाइन और टेक्नोलॉजी का अद्भुत संगम है, जहां आर्टिजंस, शिल्पकारों और उभरते डिजाइनरों को अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया है। फेस्टिवल में कई प्रमुख डिजाइन संस्थानों से उभरते डिजाइनर्स भी हिस्सा ले रहे हैं।

जेजेएस के मानद सचिव, राजीव जैन के अनुसार, इस वर्ष की थीम के अनुरूप फेस्टिवल में ज्वैलरी बनाने की कला में टेक्नोलॉजी की आवश्यकता और इसके प्रभाव पर मंथन भी किया जा रहा है। फेस्टिवल में राजस्थान और असम के आर्टिजंस का पवैलियन मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जहां आर्टिजंस द्वारा राजस्थान की विशेष थेवा ज्वैलरी, कुंदन मीना और असम की बैंबू ज्वैलरी, मुगा सिल्क ज्वैलरी और रत्न नक्काशी का लाइव डेमोस्ट्रेशन दिया जा रहा है। 

जेजेएस के प्रवक्ता अजय काला ने बताया कि जेजेडीएफ में लगभग 9 प्रमुख डिजाइनिंग संस्थानों के नवोदित डिजाइनर अपनी रचना का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें हिस्सा लेने वाले प्रमुख डिजाइनिंग संस्थानों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वैलरी (आईआईजीजे) जयपुर एवं दिल्ली, पर्ल अकेडमी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिजाइन (आईआईसीडी), आर्क अकेडमी, जेके डायमंड इंस्टीट्यूट, जीआईए आदि शामिल हैं।

पिछले वर्ष स्थापित किया गया, 'पिंक क्लब', एक विशेष बी2बी ट्रेडर्स पवेलियन, जेजेएस का मुख्य आधार बन गया है। इस वर्ष विजिटर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्ट्रैटेजी के अनुरूप पिंक क्लब नए स्थान और ज्यादा स्पेस के साथ हॉल 2 का हिस्सा है। 

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