फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वीजवी इन्क्लूसिव डेवलपमेंट पर हुई कॉन्फ्रेंस

० आशा पटेल ० 
जयपुर । आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज की ओर से आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वीजवी इंक्लूसिव डेवलपमेंट ऑफ इंडिया विषय पर नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें राजस्थान के विभिन्न कॉलेजों के 300 से अधिक स्टूडेंट्स, शिक्षाविद और कई प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. पी आर. सोडानी ने भारत की पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के अभिन्न अंग के रूप में समावेशी विकास के महत्व पर जोर दिया।

राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर और फेलो एमेरिटस प्रो सोम देव ने भारत को शीर्ष विकसित देशों में शामिल करने के लिए सरकारी प्रयासों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि समावेशी विकास के बिना यह अभूतपूर्व विकास कायम नहीं रह सकता और सामाजिक शांति भी नहीं रह सकती।उन्होंने भारत के समावेशी विकास को आसान बनाने के लिए युवा प्रोफेशनल्स तैयार करने हेतु मैनेजमेंट डेवलपमेंट में एमबीए प्रोग्राम चलाने के लिए आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी को धन्यवाद दिया।

एसडीएस की प्रोफेसर व डीन और नेशनल कॉन्फ्रेंस की संयोजक डॉ. हिमाद्री सिन्हा ने कहा कि जिस प्रकार प्रत्येक कोशिका के कुशलतापूर्वक कार्य किए बिना इंसान का शरीर ठीक से काम नहीं कर सकता, उसी प्रकार पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तभी बरकरार रह सकती है जब इस अर्थव्यवस्था के विकास में समाज के सभी वर्गों की समान हिस्सेदारी हो। कॉन्फ्रेंस में चैलेंजेज एंड अपॉर्च्युनिटीज ऑफ डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन फॉर एन्श्योरिंग इंक्लूसिव डेवलपमेंट ऑफ इंडिया विषय पर प्रथम पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। 

इसमें बाल रक्षा भारत के सीईओ सुदर्शन सुचि ने भारत के समावेशी विकास को हासिल करने में विकास संगठनों और एनजीओज की भूमिका को रेखांकित किया। नीति आयोग के एडिशनल मिशन डायरेक्टर  आनंद शेखर ने भारत के भविष्य के विकास पथ की परिकल्पना करने और भारत के समग्र विकास को बढ़ावा देने में नीति आयोग के योगदान की जानकारी दी।

चैलेंजेज एंड अपॉर्च्युनिटीज ऑफ सीएसआर इंटरवेंशन फॉर प्रमोटिंग इंक्लूसिव विषय पर दूसरा पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। इसमें इयरवॉर्म फाउंडेशन की कंट्री हेड मालिनी गुप्ता और स्पार्क मिंडा ग्रुप के ग्रुप हेड सीएसआर प्रवीण कर्ण ने भारत के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक सीएसआर अधिकारियों एवं सीएसआर फाउंडेशनों के दायरे व चुनौतियों को रेखांकित किया 
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के एसडीस की डॉ. काजल सीतलानी, डॉ. रत्ना वर्मा, डॉ. गौतम साधु और डॉ. हेमंत के. मिश्रा तथा एमबीए इन डेवलपमेंट मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स और मार्केटिंग टीम द्वारा कॉन्फ्रेंस का समन्वय किया गया।

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