टेक्नोलॉजी और सहयोग को बढ़ावा देने से होगा विकास लक्ष्यों की प्राप्ति

 ० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव 2024 में अभिषेक सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, ने कहा, "सतत विकास लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ने के लिए भारत देश टेक्नोलॉजी का उपयोग करने, डीपीआई का लाभ लेने, और वैश्विक समुदाय के साथ अपने अनुभवों व विशेषज्ञता को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।" नैसकॉम फाउंडेशन ने संयुक्त राष्ट्र के 2030 एसडीजी एजेंडा के अनुरूप नई दिल्ली में अपने टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव 2024 की मेज़बानी की। 
इस कार्यक्रम ने खुद को नागरिक समाज, सामाजिक नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, सरकारी प्रतिनिधियों और टेक्नोलॉजी लीडर के लिए एक आदर्श मंच के रूप में स्थापित किया। साथ ही, यह एक विकास स्थान के रूप में भी उभरकर सामने आया, जिसमें उपरोक्त सभी एक साथ आ सकें और भारत के सतत विकास लक्ष्यों में तेजी लाने की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा दे सकें।

इस कॉन्क्लेव में, नैसकॉम फाउंडेशन ने क्रेआ यूनिवर्सिटी में लीड के सहयोग से एक रिपोर्ट लॉन्च की, जिसका शीर्षक "डिजिटल डिविडेंड: ग्रामीण भारत में महिला उद्यमियों द्वारा सामाजिक वाणिज्य के उपयोग को समझना" है। यह अध्ययन वर्तमान रुझानों, डिजिटल समाधानों को अपनाने और हितधारकों की भूमिका का पता लगाता है, ताकि सामाजिक वाणिज्य और इसकी व्यावसायिक उपयोगिता की बढ़ी हुई उपलब्धता, पहुँच और जागरूकता के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाया जा सके।

नैसकॉम फाउंडेशन ने भाषिनी के साथ भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत नैसकॉम फाउंडेशन डिजिटल साक्षरता और एआई कॉन्टेंट का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए भाषिनी के मंच का लाभ उठाएगा। इससे न सिर्फ पहुँच में वृद्धि होगी और शैक्षिक आउटरीच को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भाषा को लेकर आने वाली बाधाएँ भी दूर होंगी, और साथ ही समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा तथा भागीदार संगठनों के नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी।

 सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति बेहतर भविष्य समय की माँग है। इसकी तात्कालिकता पर अपनी बात रखते हुए, निधि भसीन, सीईओ, नैसकॉम फाउंडेशन, ने कहा, "यदि हमने अब भी इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया, तो एक बेहतर भविष्य की नींव रखने में हम विफल हो जाएँगे। टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव 2024 का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों में भारत की प्रगति में तेजी लाने के लिए चेंजमेकर्स को एकजुट करना है, जिससे स्थिरता, डिजिटल इक्विटी और सामाजिक नवाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साहसिक कार्रवाई शुरू की जा सके। 

यह कॉन्क्लेव कॉर्पोरेट्स, नागरिक समाज, समर्थकों, सामाजिक नवप्रवर्तकों और सामाजिक निवेश समुदाय के लिए एक सार्थक मंच है, जो एक सक्षमकर्ता के रूप में उन्हें टेक्नोलॉजी के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए तत्काल साहसिक कार्रवाई करने के लिए एक साथ लाने का माध्यम है। भाषिनी के साथ हमारी साझेदारी एक समावेशी शैक्षिक इकोसिस्टम स्थापित करने की दिशा में एक कदम है, जहाँ भाषा अब कोई बाधा नहीं है। इस साझेदारी के माध्यम से हम पहुँच, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं।"

कार्यक्रम में बोलते हुए अभिषेक सिंह ने कहा, "टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव सरकार, उद्योग और गैर-लाभकारी क्षेत्र के हितधारकों को एकजुट करने का माध्यम बना है। यह मंच हमें अवसर प्रदान करता है कि व्यापक रूप से सामाजिक भलाई के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ लेकर हम किस तरह एक साथ काम कर सकते हैं। इस तरह की पहल यह पता लगाने में मदद करती है कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में टेक्नोलॉजी कैसे सहायक हो सकती है, लोगों को किस प्रकार सशक्त बना सकती है, देश के दूर-दराज के इलाकों में कैसे शिक्षा का प्रसार कर सकती है और किस तरह सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी अधिकारों तक पहुँच सुनिश्चित कर सकती है।"

अमिताभ नाग, सीईओ, भाषिनी, ने कहा, "नैसकॉम फाउंडेशन के सहयोग से यह समझौता ज्ञापन भाषा की बाधाओं को दूर करके और डिजिटल दुनिया की तरफ कदम बढ़ाकर डिजिटल साक्षरता और एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। भाषिनी अपने अभिनव मंच के साथ डिजिटल साक्षरता की सामग्री को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए एक सुदृढ़ आधारशिला के रूप में काम करेगी, जिससे शैक्षिक कार्यक्रमों की पहुँच को बढ़ावा मिलेगा। यह साझेदारी न सिर्फ एसडीजी एजेंडा को गति प्रदान करेगी, बल्कि विभिन्न सेवा वितरण चुनौतियों को भी निष्पादित करेगी। टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव जैसी सार्थक पहल के माध्यम से, हम अब व्यापक प्रभाव उत्पन्न करने, ज्ञान और सहयोग को बढ़ावा देने में सक्षम हैं।"

श्रीविद्या नटराज, वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेस, सीजीआई, ने कहा, "टेकफॉरगुड इंडिया कॉन्क्लेव अपने साझा लक्ष्यों के साथ विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत, शिक्षण और कार्रवाई के लिए एक आदर्श मंच बन गया है। यह कॉन्क्लेव सतत विकास के लिए वर्ष 2030 के एजेंडा को प्राप्त करने की दिशा में सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करने में मददगार साबित हुआ है। हमें नैसकॉम फाउंडेशन के साथ जुड़ने पर गर्व है।

 इस कार्यक्रम में 80 से अधिक उल्लेखनीय वक्ता और प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें संजय डावर, मैनेजिंग डायरेक्टर, ग्लोबल स्ट्रेटेजी और कंसल्टिंग, एक्सेंचर इंडिया; सुंदरी नंदा, गृह मंत्रालय की विशेष सचिव; टी कोशी, एमडी और सीईओ, ओएनडीसी; अन्ना रॉय, सीनियर एडवाइजर, नीति आयोग; उर्वशी प्रसाद, डायरेक्टर, नीति आयोग; सिंधु गंगाधरण, एसवीपी और एमडी, एसएपी लैब्स इंडिया; अंजलि बंसल, फाउंडिंग पार्टनर, अवाना क्लाइमेट एंड सस्टेनेबिलिटी फंड; नचिकेत सुखतंकर, मैनेजिंग डायरेक्टर, डीएक्ससी टेक्नोलॉजी; धीमंत पारेख, फाउंडर और सीईओ, द बेटर इंडिया सहित अन्य के नाम शामिल हैं।

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