वोकल फॉर लोकल' आंदोलन का प्रतीक दिव्य कला मेला 12 से 22 दिसंबर तक इंडिया गेट दिल्ली में

० पूजा शर्मा ० 
नयी दिल्ली - केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) के माध्यम से 12 दिसंबर से 22 दिसंबर तक इंडिया गेट, दिल्ली में 22वें दिव्य कला मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम देश भर के दिव्यांग कारीगरों, उद्यमियों और कलाकारों की असाधारण प्रतिभा, रचनात्मकता और उद्यमशीलता की भावना को प्रदर्शित करेगा। 20 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 100 दिव्यांग उद्यमियों / कारीगरों की भागीदारी के साथ, यह कार्यक्रम क्षमता, दृढ़ संकल्प और कौशल का एक प्रेरक उत्सव होने का भरोसा दिलाता है। 

11 दिवसीय 'दिव्य कला मेला' प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहेगा, जिससे आगंतुकों को सांस्कृतिक उत्सव देखने, खरीदारी करने और उसका आनंद लेने के लिए मिलेगा। आगंतुकों को उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का अनुभव और खरीदारी करने का मौका मिलेगा, जिनमें शामिल हैं : हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई का काम पर्यावरण के अनुकूल स्टेशनरी और जीवन शैली से जुड़े उत्पाद
गृह सज्जा पैकेज्ड खाद्य पदार्थ और जैविक उत्पाद खिलौने, उपहार, आभूषण और व्यक्तिगत सामान
क्लच बैग और अन्य अनूठी वस्तुएं सांस्कृतिक उत्सव: इस कार्यक्रम में दिव्यांग कलाकारों द्वारा संगीत, नृत्य और अन्य प्रदर्शन कलाओं में मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

 22 दिसंबर 2024 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य समापन होगा, जिसमें दिव्यांगजनों की प्रतिभा और कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का विषय है - दिव्यांगता में क्षमता। पाककला का आनंद: मेले में विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टालों पर आगंतुक देश के विभिन्न क्षेत्रों के अपने पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं दिव्य कला मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक आंदोलन है। यह दिव्यांगजनों के कौशल, शिल्प कौशल और उद्यमशीलता की भावना को प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है, जिससे उन्हें दृश्यता, बाजार तक पहुंच और नए अवसर प्राप्त करने में मदद मिलती है। 

2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, दिव्य कला मेला दिल्ली, मुंबई, भोपाल, गुवाहाटी, बेंगलुरु और पुणे सहित भारत भर के 21 शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। दिल्ली में 2024 का संस्करण इस प्रेरक यात्रा का 22वां अध्याय है। यह कार्यक्रम स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने और दिव्यांगजनों की आर्थिक स्वतंत्रता में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। अतिरिक्त दृढ़ संकल्प और कौशल के साथ तैयार किए गए उत्पाद खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे, जिससे समावेशिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

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