मुख्यमंत्री ने की उद्योग, व्यापार संघों और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व चर्चा

० आशा पटेल ० 
जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राज्य में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं तथा उद्योग एवं सेवा क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में तीन-चौथाई योगदान देते हैं। राज्य सरकार इन दोनों क्षेत्रों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक ले जाने के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के सुझावों का समुचित परीक्षण के पश्चात आगामी बजट 2025-26 में शामिल करने के हरसंभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में उद्योग, व्यापार, कर सलाहकार संघों एवं सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ दो सत्रों में आयोजित बजट पूर्व चर्चा को संबोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले ही साल में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन, आर्थिक क्षेत्र के लिए नवीन नीतियां लागू करना, बड़े निवेश समझौते करना जैसे निर्णय किए।
 शर्मा ने कहा कि पिछले एक साल में करीब 5 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के पंजीकरण हुए हैं तथा एमएसएमई इकाइयों के पंजीयन में राजस्थान का चौथा स्थान है। उन्होंने कहा सौर एवं पवन ऊर्जा उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है। हमारी सरकार ने अल्प अवधि में ही कुशल वित्तीय प्रबंधन के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया है, जिसके फलस्वरूप 2024 में जीएसडीपी की वृद्धि दर 12.56 प्रतिशत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के पूंजीगत व्यय को भी 65.94 प्रतिशत बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 लाई गई है, जिससे सरकार द्वारा 66 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की अतिरिक्त किश्त 650 करोड़ रूपये की राशि सीधे बैंक खातों में स्थानान्तरित की गई। राज्य सरकार ने 11 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय स्वीकृति, पांच नवीन श्रीराम जानकी औद्योगिक क्षेत्रों को भूखंड आवंटन, यूनिटी मॉल के लिए वित्तीय स्वीकृति एवं भूमि आंवटन सहित विभिन्न कदम औद्योगिक विकास के लिए उठाए हैं। शर्मा ने कहा कि कर केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के विकास का आधार है। 
कर से होने वाली आय का उपयोग अधिकतम जनकल्याणकारी कार्यों में हो, इसी सिद्धान्त पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। इस दौरान उद्योगपतियों ने राइजिंग राजस्थान समिट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। बैठक में सी.आई.आई, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, फोर्टी राजस्थान चैप्टर दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ, गारमेंट एक्सपोर्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान, राजस्थान सर्राफा संघ, एसोचेम, फिक्की, राजस्थान टैक्स बार एसोसिएशन,

 दी राजस्थान टैक्स कंसल्टेंट एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, रेवाड़ी औद्योगिक एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ माइंस एसोसिएशन, विश्वकर्मा औद्योगिक संगठन, कोटा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, स्टील चेंबर्स, सोप मैन्युफैक्चरिंग, ऑयल, सीमेंट, प्लास्टिक, सिरेमिक, टाउनशिप, रियल स्टेट, टैक्सटाईल सहित विभिन्न सेक्टर्स के संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड, उद्योग राज्य मंत्री के के विश्नोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव उद्योग अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग राजेश यादव एवं प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास वैभव गालरिया सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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