आरोग्‍य यान ने बारपेटा, असम के 20 हजार लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा तक पहुंच प्रदान की

० योगेश भट्ट ० 
असंम : साइबरसुरक्षा सेवा प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी क्विक हील ने संयुक्‍त राष्‍ट्र के सतत् विकास लक्ष्‍यों से प्रेरित होकर अपनी सीएसआर पहल के माध्‍यम से ‘आरोग्‍य यान’ का दान किया है। आरोग्‍य यान उपकरणों से पूरी तरह लैस एक मेडिकल वैन है, जो बारपेटा, असम में ग्रामीण समुदाय को दान की गई है।
एक स्‍थानीय एनजीओ ‘सृजन एक सोच’ के साथ मिलकर, यह पहल मूलभूत उपचार और जाँच की जरूरी व्‍यवस्‍था के हाशिये पर खड़े लोगों की पहुँच में लाना चाहती है। विशेष सुपुर्दगी समारोह में बारपेटा से एडीएम गीता श्री, सृजन एक सोच की सीईओ दिशा श्रीवास्‍तव, क्विक हील फाउंडेशन की चेयनपर्सन अनुपमा काटकर और बिक्रम ज्‍योति दास मौजूद थे।

  दास एक दृष्टिबाधित पर्वतारोही हैं, जिन्‍होंने हाल ही में एवरेस्ट आधार शिविर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।  इस अत्‍याधुनिक उपकरणों से लैस मेडिकल वैन ने उन 20,000 लोगों तक प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा सुविधाओं को पहुंचाया है, जिन्‍हें पहले इसके लिये 10 से 30 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता था। यह सेवा अपने लाभार्थियों को सरकार की उन विभिन्‍न योजनाओं के बारे में जागरूक भी करेगी, जिनका लक्ष्‍य सार्वजनिक कल्‍याण और बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देना है।

इस मौके पर मौजूद, क्विक हील फाउंडेशन की चेयरपर्सन और क्विक हील टेक्‍नोलॉजीज लिमिटेड में ऑपरेशनल एक्‍सीलेंस की प्रमुख अनुपमा काटकर ने कहा, “क्विक हील का सीएसआर मिशन ‘सिक्‍योरिंग फ्यूचर्स’ भविष्‍य की सोच रखने वाला एक सस्टेनेबल आधार है । आरोग्‍य यान ऐसे लोगों तक पहुँचने का हमारा प्रयास है, जोकि जरूरत के समय सही चिकित्‍सकीय उपचार पाने से मीलों दूर रह जाते हैं। हमारी अत्‍याधुनिक और उपकरणों से लैस मेडिकल वैन्‍स 7 राज्‍यों के 450 से ज्‍यादा गाँवों में 3.5 लाख से ज्‍यादा लोगों तक पहुंच चुकी हैं। और बारपेटा में इस योगदान के जरिये हमें खुशी है कि हमने इन दूरदराज गाँवों के 20,000 लोगों के लिये विशेष प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍यरक्षा सेवाओं को उनके द्वार पर पहुँचाया है।”

इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए, सृजन एक सोच की सीईओ दिशा श्रीवास्‍तव ने कहा, “स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देना सृजन के प्रमुख मूल्‍यों का स्‍वाभाविक हिस्‍सा है और हम क्विक हील फाउंडेशन के आभारी हैं, जिन्‍होंने आरोग्‍य यान नामक अत्‍याधुनिक मोबाइल वैन सुविधा से हमारी सहायता की है। इस गठजोड़ के साथ हम असम के 20 गाँवों तक पहुंच बना रहे हैं, ताकि बारपेटा जिला क्षेत्र में अपने सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट सेंटर के सुदूरतम इलाकों में जाकर प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍यरक्षा को सभी तक पहुंचा सकें। इस प्रकार स्‍कूलों में दाखिला बढ़ाने और स्‍कूल छोड़ने की दर को कम करने के लिये भी काम होगा।”

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान