इन 4 आदतों से बना लें दूरी, बढ़ाती है महिला निसंतानता की समस्याएं

० नूरुद्दीन अंसारी ० 
नयी दिल्ली - वर्तमान समय में न जाने ऐसे कितने कारण हैं जिससे महिलाओं को गर्भधारण करने में बहुत बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निसंतानता के अंकड़ों की बात करें तो हर 6 में से 1 दंपति इस समस्या से ग्रसित होते है। पुरुष के अलावा महिला का फिट होना बेहद जरुरी है लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खानपान की आदत के चलते महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या होने लगती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इन दिनों इनफर्टिलिटी इतनी ज्यादा क्यों बढ़ रही है? तो चलिए हम आपको बताते हैं ऐसी चार आदते जो महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या को बढ़ाने का मुख्य कारण बनता है।

यह कहने में संकोच होता है, लेकिन रिसर्च के अनुसार पहले की तुलना में महिलाएं धुम्रपान और शराब का सेवन ज्यादा करती हैं। और यहीं धुम्रपान पीने की आदत महिलाओं की प्रजनन क्षमता को कम करती है, क्योंकि तंबाकू और एल्कोहल में विषाक्त पदार्थ मौजूद होते है जो महिलाओं के अंडाशय को प्रभावित करते है। भूख लगने से कम खाना या ज्यादा मात्रा में खाना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। कम खाने से शरीर को कम या न के बराबर जरुरी पोषक तत्व मिलते है। वहीं दूसरी ओर ज्यादा खाने से मोटापा बढ़ता है जो महिलाओं में पीसीओडी या पीसीओएस जैसी गंभीर समस्या को जन्म देता है। जिसके कारण हार्मोन असमानताएं की समस्या पैदा हो जाती है और महिलाओं में इनफर्टिलिटी का खतरा बढ़ सकता है।

आजकल की तनाव भरी जिंदगी में स्ट्रेस होना बेहद आम बात है, लेकिन क्या आप जानते है कि बेवजह जिन बातों को लेकर अधिक तनाव लें लेते है जो प्रेगनेंसी में सबसे बड़ी बाधा हैं। ऐसा माना जाता है कि हर इंसान का शरीर स्ट्रेस को अलग तरीके से हैंडल करता है। इस वजह से हमारे शरीर पर इसका असर अलग-अलग पड़ता है। स्ट्रेस के कारण भूलने की बीमारी, थकान, बार-बार मूड बदलना और इंफेक्शन भी असानी से हो सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक ज्यादा तनाव लेने से शुक्राणु अंडे तक पहुंच नहीं पाता और महिला प्रेगनेंट नहीं हो पाती है।

आजकल ज्यादातर महिलाओं में यह समस्या बेहद आम हो गई है कि उनकी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो जाती है। जिसके कारण शुक्राणु अंडे तक नहीं पहुंच पाता है और निषेचन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है। ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की दो ट्यूब होती है अगर एक ट्यूब बंद हो जाती है तो महिला फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के साथ गर्भवती हो सकती है। लेकिन अगर दोनों ट्यूब बंद है तो महिला किसी भी कीमत पर नेचुरल तरीके से गर्भधारण नहीं कर सकती है। आयुर्वेद के अनुसार इनफर्टिलिटी को दूर करने के लिए महिलाओं को अपनी लाइफस्टाइल को बदलना बेहद जरुरी है। 

जिसमें रोजाना योग, सही समय पर सोना और अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखना होता है। आज प्रचीन आयुर्वेद में ऐसी जड़ी-बुटियां एवं औषधिया उपल्बध है जो महिला में प्रजनन अक्षमता को दूर करती हैं। आयुर्वेद की पुरानी पंचकर्म पद्धति है जो महिलाओं की सूनी कोख भरने के लिए वरदान साबित हुआ है।

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