अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस बलों का सुदृढ़ीकरण जरूरी - राज्यपाल


० आशा पटेल ० 
जयपुर । 
गंभीर अपराधों से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच और अभियोजन में अत्यधिक विलम्ब होने का प्रतिकूल प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मनोवैज्ञानिक पद्धतियों से जांच और अभियोजन के बीच अंतराल को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर पुलिस एजेंसियों को विस्तारपूर्वक विमर्श करने की करने की आवश्यकता है।राज्यपाल  कलराज मिश्र ने शहरों में घटित होने वाले नए किस्म के अपराधों को रोकने के लिए पुलिसिंग से जुड़ी प्रौद्योगिकी को विकसित कर पुलिस बलों के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया है।

राज्यपाल  को दहमीकलां स्थित केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) द्वारा आयोजित जांच एजेंसियों के प्रमाणों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जांच और अभियोजन की कार्यवाही समयबद्ध पूरी करने के लिए पुलिस एजेन्सियों को मिलकर प्रभावी रूप में कार्य करना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि जांच के वैज्ञानिक तरीकों का समुचित उपयोग कर पुलिस को अपने तंत्र को इतना मजबूत करना चाहिए कि अपराधी को समय पर सजा मिल जाए और निरपराध को कोई फंसा भी न सके।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की कानून व्यवस्था की रीढ़ वहां की पुलिस होती है। उन्होंने कानून की पालना में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा की निगरानी ही नहीं करते बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के भी प्रहरी होते हैं। 
राज्यपाल  मिश्र ने कहा कि वैश्वीकरण एवं सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के इस दौर में आपराधिक मामलों की जटिलताएं कई गुना बढ़ गयी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जांच और अभियोजन की कार्यवाही में तेजी लाने के लिए अपराध विवेचन में वैज्ञानिक विधियों और साधनों का त्वरित एवं दक्षतापूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए।
 
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के महानिदेशक बालाजी श्रीवास्तव ने अपने सम्बोधन में जांच एवं अनुसंधान में उत्तम कार्यप्रणाली और मानक प्रोत्साहन के महत्व के बारे में जानकारी दी । कार्यक्रम के आरम्भ में राज्यपाल  मिश्र ने उपस्थित जन को संविधान की उद्देशिका का वाचन करवाया और मूल कर्तव्य पढ़कर सुनाए।सम्मेलन में बीपीआरएंडडी के अपर महानिदेशक नीरज सिन्हा,केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान, गाजियाबाद के निदेशक अनुराग कुमार, केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान, जयपुर के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर सहित भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और जांच एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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