जी 20 के सदस्य देशों के उदयपुर में 18 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 93 प्रतिनिधियों ने भाग लिया

० आशा पटेल ० 
उदयपुर। उदयपुर में आयोजित इस बैठक में जी 20 के सदस्य देशों, 10 आमंत्रित देशों के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम जैसे 18 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 93 प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया। इस बैठक में कई अन्य संगठन वर्चुअल रूप से भी शामिल हुए।  बैठक में वर्ष 2023 के दौरान एसएफडब्ल्यूजी कार्य योजना पर अधिक विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें तीन निर्धारित प्राथमिकताओं वाले क्षेत्र शामिल हैं अर्थात (i) जलवायु वित्तपोषण के लिए यथासमय और समुचित संसाधन जुटाने के लिए तंत्र; (ii) संधारणीय विकास लक्ष्यों के लिए वित्तपोषण को संभव बनाना; और (iii) संधारणीय विकास हेतु वित्तपोषण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का क्षमता निर्माण।
बैठक में, संधारणीय वित्त कार्य समूह 2023 के सम्मत कार्य योजना को मूर्त रूप देने का लगभग आधा कार्य पूरा कर लिया गया है। सहयोगी भावना को ध्यान में रखते हुए और आम सहमति प्राप्त करने के लिए, सदस्यों ने निर्धारित वर्ष के लिए महत्वपूर्ण निष्पादन योग्य सूची के लिए भावी योजनाओं पर सहमति व्यक्त की, जिसमें जलवायु विषयक कार्रवाई के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने हेतु विकल्पों का एक समुच्चय, एसडीजी-संरेखित वित्तपोषण के लिए विश्लेषणात्मक रूपरेखा विकसित करना और जी 20 संधारणीय वित्त तकनीकी सहायता कार्य योजना (टीएएपी) शामिल है।
 एसएफडब्ल्यूजी के तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर सदस्यों के बीच चर्चा हुई और इस संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए। जी20 के सदस्य इस बात पर सहमत हुए कि एमडीबी निजी वित्त को उत्प्रेरित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें इस भूमिका को मजबूत करना चाहिए। सार्वजनिक क्षेत्र की उत्प्रेरक भूमिका पर भी बल दिया गया। जलवायु कार्रवाई के लिए वित्त बढ़ाने में सक्षम वातावरण बनाने के महत्व को रेखांकित किया गया।

एसडीजी के वित्तपोषण के बारे में सदस्यों ने एसडीजी-संरेखित वित्त के लिए विश्लेषणात्मक रूपरेखा विकसित करने पर विचार-विमर्श किया, जिसमें वित्तीय संस्थानों और कंपनियों के निवेश निर्णयों में प्रकृति आधारित जोखिमों और उससे संबंधित पहलुओं को शामिल करने के लिए निवेश लिखतों का सामाजिक प्रभाव और आवश्यक रूपरेखा का व्यापक रूप से अनुकूलन करने के लिए सर्वोत्तम नीतियों और परिदृश्यों पर चर्चा की गई।

 एसएफडब्ल्यूजी जी-20 तकनीकी सहायता कार्य योजना विकसित करने के लिए कार्य कर रहा है जिसमें मौजूदा क्षमता निर्माण कार्यकलापों का निर्धारण और विश्लेषण और मौजूदा संधारणीय वित्त कौशल संबंधी अंतर का निर्धारण शामिल होगा। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कैसे विभिन्न हितधारक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए एकजुट होकर काम कर सकते हैं और संधारणीय वित्त में सहयोग और ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देते हुए विभिन्न समूहों की अनूठी जरूरतों का प्रभावी ढंग से समाधान करते हैं। इस बैठक में दो कार्यशालाएं आयोजित की गईं जिसमें जी-20 प्रतिनिधियों के बीच हितधारकों की विस्तृत श्रृंखला सहित वार्तालाप को सुविधाजनक बनाने और देश के अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को साझा करने के लिए ज्ञान साझाकरण मंच तैयार करने से संबंधित विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राष्ट्रीय परिस्थितियों और राष्ट्रीय स्तरीय परिभाषित विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर उचित विचार सहित कम कार्बन विकास को सक्षम करने में गैर-मूल्य निर्धारण नीतियों की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से समझने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संधारणीय निवेश का समर्थन करने के लिए गैर-मूल्य निर्धारण नीति लीवर पर एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। वक्ताओं ने नेट जीरो के रास्ते पर आने के लिए बहुत अधिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया। विशिष्ट उपायों और देश के अनुभवों की समीक्षा ने विकासशील देशों में नियामक उपायों पर क्षमता निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित किया। यह उल्लेख किया गया था कि कई गैर-मूल्य उपायों ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने में अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और लागत प्रभावी भी हैं।

संधारणीय विकास लक्ष्यों के लिए वित्तपोषण को सक्षम बनाने के लिए दूसरी समर्पित कार्यशाला आयोजित की गई थी ताकि जी 20 सदस्यों को यथार्थपूर्ण कार्रवाई के लिए नीति और अन्य संस्तुतियों के बारे में समझ विकसित करने के संबंध में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और संस्थानिक भागीदारों के साथ वार्तालाप करने का अवसर प्रदान किया जा सके।  एसएफडब्ल्यूजी बैठक से पहले उदयपुर शहर में जन भागीदारी कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई थी 

जिसमें जी 20 वित्तीय साक्षरता वॉकथॉन, वित्तीय साक्षरता शिविर, सिक्का / नोट विनिमय मेला, एसडीजी वित्तपोषण से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए संगोष्ठी: सूक्ष्म व्यष्टि वित्तपोषण की भूमिका, जलवायु बजट टैगिंग (सीबीटी) कार्यशाला आदि शामिल थे। प्रतिनिधियों को शानदार लाइट एंड साउंड शो के लिए सिटी पैलेस की यात्रा कराई गई तथा राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पिछोला झील के तट पर नाव की सवारी भी कराई गई ।

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