पक्की सड़क की आस में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर : सोलंकी

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली - द्वारका सेक्टर तीन स्थित मधु विहार को विकसित करने के लिए डीएसआईआईडीसी द्वारा गलियों एवम सड़कों का निर्माण किया जा रहा है लेकिन अधिकारियों एवम ठेकेदारों की मनमानी एवम लापरवाही से लोग काफी परेशान हो रहे है। जहां पक्की गली व सड़कों की आस में लोग काफी खुश नजर आ रहे थे वहीं महीनो से खुदी नालियों एवम मलबों के ढेर के बीच फंसे लोग बेचैन हो रहे है। आलम ये है कि मधु विहार काली माता मंदिर के पास सी 62 गली न 14 में बनाने के लिए सड़क व नाली खोद दी गई। लगभग एक महीने से ये सड़के एवम नालियां ऐसे ही खुदी पड़ी है जिसमे सीवर ओवर फ्लो का पानी भर कर दुर्गंध देने लगा है। लोग परेशान है, अपंग बीमार दरवाजे बंद कर रहने को मजबूर है। मधु विहार

आरडब्ल्यूए प्रधान रणबीर सिंह सोलंकी ने बताया कि लोग अपनी परेशानियां तो बताते है लेकिन तत्काल समाधान मुश्किल हो रहा है। सोलंकी ने कहा कोई भी अधिकारी मौके पर नही आते तथा ऐसे भी भुक्तभोगी जनता की सुधि लेने वाला कोई नही है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर डीएसआईआईडीसी  के अधिकारियों एवम मुख्य अभियंता को कई बार लिखित निवेदन कर चुके है कि जो काम शुरू हो उसे समाप्त कर ही नया काम शुरू करे लेकिन ठेकेदारों की मन मानी के चलते लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं । सोलंकी ने डीएसआईआईडीसी के अधिकारियों से निवेदन कर रहे है कि मौका मुआयना कर अपने जेई ए ई को आदेश दे कि अपने सामने कार्य करवाए और जनता को इन कष्टों से छुटकारा दिलाएं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार के विरोध में IFWJ का ‘हल्ला बोल’ धरना

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा