एल्सटॉम द्वारा भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड रीजनल ट्रेन - RAPIDX [1] का उद्घाटन

योगेश भट्ट 0
नयी दिल्ली – भारत में रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई जब एल्सटॉम इंडिया द्वारा प्रदान किए गए रोलिंग स्टॉक और सिग्नलिंग समाधानों के साथ RAPIDX का उद्घाटन किया गया। भारत की इस पहली सेमी-हाई-स्पीड रीजनल रेल सेवा का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया गया। अपने पहले चरण में यह सेवा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के दुहाई-साहिबाबाद 17 किलोमीटर में 21 अक्टूबर से आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी,


जिसके साथ विश्व में लेवल 3 ईटीसीएस (यूरोपीय ट्रेन नियंत्रण प्रणाली) की शुरुआत भी हुई है। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि इंटरऑपरेबिलिटी भी संभव होगी, प्रतीक्षा के समय में कमी आएगी और एफिशिएंसी लाने में मदद मिलेगी। भविष्य में नेटवर्क की परफ़ॉर्मेंस व सुरक्षा बढ़ाने के लिए इसमें लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) पर स्वचालित ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मौजूद होगा।

भारत में डिज़ाइन और निर्मित की गई RAPIDX के लिए इंजीनियरिंग, विनिर्माण और सिग्नलिंग का संपूर्ण कार्य भारत में किया गया है, जिससे आत्मनिर्भर भारत की ओर एल्सटॉम की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

एल्सटॉम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, ओलिवियर लॉयसन ने कहा, “एल्सटॉम में हमारे लिए भारत में रेलवे क्षेत्र में आ रही क्रांति का एक बार फिर से हिस्सा बनना गर्व की बात है। RAPIDX की गति, आधुनिक टेक्नोलॉजी और यात्री अनुभव भारतीय यात्रियों को अपनी तरह का पहला अनुभव प्रदान करेंगे। इस परियोजना के साथ विश्व में कई नई सिग्नलिंग टेक्नोलॉजीज की शुरुआत हुई है, जो विश्व में रेल के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेंगी।

RAPIDX में लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE) संचार का उपयोग करके इंटीग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर के साथ विश्व में यूरोपीय ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ETCS) लेवल 3 सिग्नलिंग की शुरुआत की जा रही है। ये समाधान यात्रियों को सर्वाधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन व इस्तेमाल किए गए हैं।

आरआरटीएस में पेश की गई टेक्नोलॉजी की एक मुख्य विशेषता इसकी इंटरऑपरेबिलिटी है, जिससे यात्री ट्रेन बदलने की परेशानी के बिना, कॉरिडोर्स में आसानी आवागमन कर सकेंगे। ईटीसीएस सिग्नलिंग प्रणाली द्वारा न केवल इंटरऑपरेबिलिटी संभव होगी, बल्कि मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का सर्वोत्तम उपयोग हो सकेगा और यात्रियों के प्रतीक्षा के समय में कमी लाने में मदद मिलेगी।

एल्सटॉम के हैदराबाद इंजीनियरिंग सेंटर में डिज़ाइन की गई और सावली (गुजरात) में बनाई गई ये ट्रेनें सरकार के मेक-इन-इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की महत्वाकांक्षा के अनुरूप हैं। ये ट्रेनें एल्सटॉम के ‘यात्री’ ट्रेन परिवार पर आधारित हैं, जिसके साथ पूरी दुनिया का अनुभव शामिल है। इनके लिए प्रोपलज़न सिस्टम और इलेक्ट्रिकल्स का निर्माण मनेजा (गुजरात) में स्थित कंपनी की फैक्ट्री में किया जाता है।

यह ट्रेन एल्सटॉम ने दिल्ली के प्रतिष्ठित स्मारक, लोटस टेंपल से प्रेरणा लेकर बनाई है, और इसका अनावरण सितंबर, 2020 में किया गया था। यह यात्री और इंटर-रीजनल रेल परिवहन के क्षेत्र में एक नया परिवर्तन लेकर आएगी, और भारत में यात्रा करने का तरीक़ा बदल देगी।

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