पूरे 10 साल बाद सदन में लीडर ऑफ अपोजिशन का पद मिला राहुल गाँधी को

० आशा पटेल ० 
नयी दिल्ली - नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी होंगे साथ ही उन्हें मिलेंगे कई अधिकार, आखिर क्‍यों बेहद अहम है ये पद राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे. नेता प्र‍तिपक्ष का पद बेहद अहम होता है. राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष होने से उन्‍हें कौन से महत्वपूर्ण अधिकार और सुविधाएं मिलने जा रही हैं.नेता प्रतिपक्ष को सैलरी के साथ मिलती है कई सुविधाएं केंद्रीय मंत्री के बराबर मिलता है दफ्तर और स्टाफ|
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के बाद सांसद को केंद्रीय मंत्री के बराबर वेतन मिलता है और उसी के बराबर भत्ते और अन्‍य सुविधाएं मिलती हैं. नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 3.30 लाख रुपये सैलेरी मिलती है. साथ ही कैबिनेट मंत्री के आवास के स्‍तर का बंगला भी मिलता है. साथ ही कार सहित ड्राइवर की सुविधा भी उपलब्‍ध कराई जाती है. साथ ही जिम्‍मेदारी निभाने के लिए 14 लोगों का स्टाफ भी होता है.

नेता प्रतिपक्ष के लिए किसी भी विपक्षी पार्टी को दावा पेश करने के लिए जरूरी हैं 54 सांसद , आखिरी बार 2009 से 2014 तक स्वर्गीय सुषमा स्वराज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रही उनके बाद यह पद अब राहुल गांधी को मिला है. 10 साल तक नेता प्रतिपक्ष नहीं होने के पीछे की वजह थी कि 2014 और 2019 के चुनावों में किसी भी विपक्षी दल के 54 सांसद नहीं जीते थे. नियमों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए लोकसभा की कुल सीटों के 10% यानी 54 सांसद आपके पास होने चाहिए. दोनों ही बार कांग्रेस के इतने सांसद नहीं बन पाए. इस बार कांग्रेस 99 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफलता हासिल कर पाई है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मिलेंगे कई अधिकार,आर्थिक नीति की समीक्षा कर सकते है|

आखिर क्‍यों बेहद अहम होता है ये पद राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे. नेता प्र‍तिपक्ष का पद बहुत अहम होता है. राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष होने से उन्‍हें कौन से महत्वपूर्ण अधिकार और सुविधाएं मिलने जा रही हैं.लीडर ऑफ अपोजिशन सीबीआई, लोकपाल सहित कई एजेंसियों में रहते है सदस्य| सीबीआई लोकपाल सहित कई एजेंसियों के भी नेता प्रतिपक्ष सदस्य होते है और आर्थिक नीतियों की समीक्षा करने का भी उन्हें अधिकार होता है | राहुल गाँधी के पिता राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी रह चुके हैें नेता प्रतिपक्ष |

राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनने वाले परिवार के तीसरे सदस्‍य हैं. उनके पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी दोनों ही नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. राजीव गांधी 18 दिसंबर 1989 से 24 दिसंबर 1990 तक इस पद पर रहे थे वहीं उनकी मां सोनिया गांधी 13 अक्‍टूबर 1999 से 6 फरवरी 2004 तक इस पद पर रही हैं.

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