AURANGABAD सेंट्रल नाका चौराहा को "शहीद परमवीर अब्दुल हमीद चौक" के नाम से जाना जाए

० संवाददाता द्वारा ० 
AURANGABAD सेंट्रल नाका चौराहा को "शहीद परमवीर अब्दुल हमीद चौक" के नाम से जाना जाए 
भारत -पाक युद्ध 1965 के शहीद *परमवीर चक्र शहीद अब्दुल हमीद को उनकी 91वें जयंती पर याद किया गया सेंट्रल नाका औरंगाबाद स्थित चौक पर परमवीर चक्र शहीद अब्दुल हमीद के नाम से एक शिलालेख की पट्टी (बोर्ड) लगाया गया है..आल इंडिया मुस्लिम औबीसी आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता मिर्जा अब्दुल कय्युम नदवी ने कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सैनानी के नाम को छुपाना उचित नहीं है..मिर्जा ने कहा कि 01 जुलाई 1933 जन्म. निधन 10 सितंबर 1965. जिस ने पाकिस्तान के 07 टॅंक उडा दिए थे और पाकिस्तानी फौज ने इन्हें शहीद कर दिया था.

इन्होनें नागरिकों से अपील की कि वह इस चौराहे को सेंट्रल नाका चौराह ना बोलते हुए "शहीद परमवीर अब्दुल हमीद चौक" के नाम से पुकारे. इस अवसर पर वरिष्ठ नेता मुश्ताक अहमद ने कहा कि जब परमवीर अब्दुल हमीद सभाग्रह बन रहा था इसी समय इस चौराहे पर परमवीर अब्दुल हमीद का नाम दिया गया था.. अफसोस की बात है कि इतने बड़े शहीद को जिस ने 1965 की जंग मे पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ा था इसे हम भूल गए हैं.. हर साल बड़ी संख्या में प्रोगाम होना चाहिए..इस समय अकील सर,मसरुर खान, आमिर रफिक खान उपस्थित थे..

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