वेडिंग इन इंडिया-अपॉर्च्युनिटी इन राजस्थान पर आरडीटीएम का कुंभ


० आशा पटेल ० 
उदयपुर। राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को बेस्ट वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिए फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) प्रयासरत है। इस सिलसिले में एफएचटीआर और राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 जुलाई को उदयपुर सिटी पैलेस के दरबार हॉल में 'वेडिंग इन इंडिया-अपॉर्च्युनिटी इन राजस्थान' विषय पर सत्र आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एच.एच एमके लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के स्वागत के साथ हुई। चर्चा के दौरान भारत में टूरिज्म को प्रमोट करने व पीएम मोदी के विज़न के अनुसार राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग्स को बढ़ावा देने पर बात की गई।
एफएचटीआर के अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेला के मॉडरेशन में हुए चर्चा में एच.एच एमके लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मुख्य वक्ता रहे। एच.एच. लक्ष्यराज ने कहा कि हमें हमारे पूर्वजों की बनाई हुई धरोहरों का संरक्षण करना है। हमारी संस्कृति ही हमारी शक्ति है इसलिए उसे साथ लेकर चलना ही हमारा ध्येय होना चाहिए। हम सभी को एकत्रित होकर पर्यटन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ज़ाहिर है कोई भी यह काम अकेला नहीं कर सकता यदि हम एक हो जाएँगे तो पूरी दुनिया राजस्थान को टूरिज्म की श्रेणी में प्रथम पाएगी। उदयपुर के खूबसूरत पैलेस, इमारतें और यहाँ की संस्कृति से मंत्रमुग्ध होने के बाद हम अक्सर यह सुनते हैं कि उदयपुर 

इज द वेनिस ऑफ द ईस्ट, जबकि हमारा उद्देश्य है कि उदयपुर की विरासत को इस स्तर तक पहुँचाना है कि देश विदेश से लोग आयें और यह कहने पर मजबूर हो जायें कि -'वेनिस इज द उदयपुर ऑफ वेस्ट'। हम तब जाकर ही लक्ष्य पर राज कर पायेंगे- महाराज कुमार लक्ष्य राज ने कहा। डॉ रश्मि शर्मा पर्यटन निदेशक, पर्यटन विभाग ने कहा, मुझे यह बताते हुए गर्व है कि उदयपुर अपने आप में दुनिया में ग्रैंड वेडिंग्स और शानदार पैलेस के लिए एक अलग पहचान रखता है और इसी क्रम में उदयपुर ने बहुत से ख़िताब अपने नाम किए हैं। यह ट्रैवल मार्ट मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि यह टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक तत्वों को एक ही छत के नीचे लेन का काम कर रहा है।

कुलदीप सिंह चंदेला, प्रेसिडेंट, एफएचटीआर ने अपने उद्बोधन के दौरान कहा, उदयपुर का पर्यटन में काफ़ी बड़ा योगदान है। इतने सालों में यहाँ पर्यटकों का आना दिन पर दिन बढ़ा है साथ ही होटेल्स की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। इसके फलस्वरूप उदयपुर में पर्यटन उद्योग में विकास हुआ है। अब वक़्त आ गया है कि राजस्थान को नई वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया जाए।यहाँ की धरोहर, ऐतिहासिक इमारतें और वोकल फॉर लोकल की सादगी लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही है जिसके लिए न सिर्फ़ देशवासी बल्कि विदेशों तक से लोग यहाँ आकर वेडिंग प्लान कर रहे है।

पैनल डिस्कशन के दौरान राजस्थान के गाँवों, पैलेस और रॉयल प्रॉपर्टीज़ को नए वेडिंग डेस्टिनेशन तैयार करने पर बात की गई। इससे गाँव में टूरिज़्म बढ़ेगा और लोकल लोगो को रोज़गार मिले सकेगा। इसके अलावा वाइल्डलाइफ टूरिज्म पर भी लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का विज़न है की मौजूदा जंगलों का संरक्षण किया जाये और नये जंगल बनाये जाये।

यह चर्चा एफएचटीआर की ओर से 13 से 15 सितंबर को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में होने वाले चौथे राजस्थान डोमेस्टिक ट्रेवल मार्ट (आरडीटीएम) की तैयारियों का हिस्सा है। चौथे आरडीटीएम की थीम 'वेडिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और इवेंट' रखी गयी है। आरडीटीएम 2024 में 200 से ज्यादा स्टॉल्स होंगी, जहां 600 से ज़्यादा प्रॉपर्टीज़ शोकेस की जायेंगी। हर स्टॉल पर 7-8 प्रॉपर्टी शोकेस होंगी, 1300 से अधिक बायर्स और मार्ट के दौरान 7 हजार से ज्यादा विजिटर्स के आने की संभावनाएं जताई जा रही है।

अन्य वक्ताओं में वेडिंग सूत्र के सीईओ श्री पार्थिप त्यागराजन, क्यू इवेंट्स प्रा लि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ऋतुराज खन्ना और वेडिंग्स बाय डब्ल्यूडीएनई के संस्थापक और सीईओ श्री दुश्यंत पेरिवाल , कुलदीप सिंह चन्देला, प्रेसिडेंट, एफएचटीआर, सीए वीरेंद्र सिंह शेखावत, सेक्रेटरी, एफएचटीआर, महेंद्र सिंह राठौर, प्रेसिडेंट राटो, तरुण कुमार बंसल, प्रेसिडेंट, एचआरएआर, रणविजय सिंह, सेक्रेटरी, शामिल रहे। क्वेश्चन-आंसर सेशन में स्टेकहोल्डर्स व अतिथियों ने अपनी जिज्ञासाओं का हल पाया।

 आरडीटीएम टूरिज्म सेक्टर के सभी स्टेक होल्डर्स को एक छत के नीचे हेरिटेज, एडवेंचर एक्टिविटी, वाइल्ड लाइफ, तीर्थ क्षेत्र, वेडिंग, इको एंड विलेज टूरिज्म आदि से जुड़े उत्पादों को शोकेस करने और बी2बी मीटिंग्स का अवसर देता है। चौथे संस्करण में विश्व स्तर पर यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा कि वेडिंग के लिए राजस्थान किस तरह सर्वश्रेष्ठ है। प्रदेश के पर्यटन को गति देने में यह कारगर साबित होगा।

 आरडीटीएम के चौथे संस्करण के आयोजन होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एचआरएआर), इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) और राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (राटो), जोधाना होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (जारा), एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई) भी भूमिका निभा रहा है।

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