फिलिस्तीन में अमानवीय जनसंहार के खिलाफ़ शहीद स्मारक पर हुआ विरोध प्रदर्शन

० आशा पटेल ० 
जयपुर। दमन प्रतिरोध आन्दोलन, राजस्थान (दलित- आदिवासी- अल्पसंख्यक- महिला) की ओर से जयपुर के गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर स्थित शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में समाज के सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने सैकड़ों की संख्या में हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने फिलिस्तीन की जनता के पक्ष में और अमेरिकन साम्राज्यवाद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के बाद आमसभा का भी आयोजन किया गया।
आम सभा को सीपीएम के जिला सचिव डॉ. संजय"माधव", समग्र सेवा संघ के सवाई सिंह, जमाते इस्लामी हिन्द के मोहम्मद नाजिमुद्दीन , राजस्थान विश्वविद्यालय के डा.विशाल विक्रम, एप्सो की सुनीता चतुर्वेदी, एटक के प्रदेश अध्यक्ष मांगी लाल यादव, सीटू के राज्य सचिव हरेंदर सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम कृष्ण शर्मा, जल धारा अभियान से उपेंद्र कुमार, डीवाईएफआई के जिला संयोजक रितांश आजाद , एसएफआई के जिला सचिव विक्रम नेहरा, महिला नेत्री सबीहा परवीन, रुबीना अबरार आदि ने संबोधित किया।
आम सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओं ने फिलिस्तीन में जारी नृशंस जनसंहार बंद करने की मांग की।
इज़राइली सुरक्षा बलों द्वारा फ़िलिस्तीनी जनता ख़ासतौर पर बच्चों और महिलाओं पर किये जा रहे अमानवीय अत्याचार और जुल्मों-सितम को तुरंत बंद करने के लिए विश्व समुदाय से एकजुट होकर आवाज उठाने की मांग की। अमेरिकन साम्राज्यवाद द्वारा इजरायल को संरक्षण और हथियार आपूर्ति के लिए कड़ी आलोचना और निंदा की। वक्ताओं ने अमेरिकन साम्राज्यवादी शासकों अमेरिका और नाटो देशों द्वारा
इजराइल को दी जाने वाली सभी सैन्य और आर्थिक सहायता को तुरंत बंद करने की मांग की।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर युद्ध अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा चलाने और नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने केन्द्र की भाजपा-आरएसएस की मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किस बेशर्मी से मोदी सरकार देश की सुस्थापित विदेश नीति को ताक पर रखते हुए फिलिस्तीनी जनता के नरसंहार में लिप्त इजरायली सरकार और प्रधानमंत्री नेतन्याहू का समर्थन कर रही है। फिलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों की नृशंस हत्याओं पर खामोशी और हत्यारी नेतन्याहू सरकार का साथ देने के लिए भाजपा-आरएसएस की नरेंद्र मोदी सरकार की कड़ी निन्दा की गई।

मोदी सरकार इजरायल का ना सिर्फ़ खामोश समर्थन कर रही है अपितु इजराइल को हथियारों की आपूर्ति भी कर रही है।
वक्ताओं ने फिलिस्तीन की निरीह आमजनता का नरसंहार कर रहे इजराइल को सभी प्रकार की सहायता और हथियारों का निर्यात तुरंत बंद करने की मांग की। भारत सरकार से फिलिस्तीन में नरसंहार को समाप्त करने की मांग करने वाले और फिलिस्तीन को उनकी मातृभूमि वापस करने के लिए चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय सार्वजनिक शांति और एकजुटता आंदोलन में पूर्व की तरह सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की गई। फिलिस्तीनी जनता को उनकी मातृभूमि वापस करने की मांग करते हुये फिलिस्तीनी जनता के संघर्ष के साथ भारत की जनता की एकजुटता प्रकट की गई।

9-अगस्त के ऐतिहासिक "भारत छोड़ो दिवस " के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने "साम्प्रदायिक ताकतो भारत छोड़ो और "मुनाफाखोर कॉर्पोरेट ताकतों भारत छोड़ो" के नारे का भी वक्ताओं ने समर्थन किया। वक्ताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन का समर्थन करते हुए भाजपा-आरएसएस सरकार से किसानों के साथ किए गये वादे पूरे करने की भी मांग की।वक्ताओं ने "विश्व आदिवासी दिवस"के अवसर पर आदिवासियों के अधिकारों पर हो रहे कुठाराघात बन्द करने की मांग की 
मूक-बधिर बालिका डिम्पल मीना के परिवार को न्याय दिलाने की भी मांग की गई।जनवादी महिला समिति की वरिष्ठ नेत्री सुमित्रा चोपड़ा ने अपने सम्बोधन के साथ सभा का समापन किया।

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