भारत में हेल्थकेयर सेक्टर में बूम, नौकरियों की मांग 2024 में 47% से बढ़कर 2025 की पहली छमाही में पहुंचा 52% तक

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : टीमलीज एडटेक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के बड़े शहरों बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई में हेल्थकेयर सेक्टर में नौकरियों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। ‘करियर आउटलुक रिपोर्ट (COR) 2025 HY1’ बताती है कि जनवरी से जून 2025 के बीच हेल्थकेयर में 52% कंपनियों की हायरिंग इंटेंट है, जो 2024 की दूसरी छमाही (जुलाई से दिसंबर) के 47% से 5% ज्यादा है। ये बढ़त डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशन्स, डायग्नॉस्टिक सेवाओं के विस्तार और स्पेशलिस्ट प्रोफेशनल्स की बढ़ती ज़रूरत की वजह से हो रही है। इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम 'सबके लिए सेहत' है और रिपोर्ट बताती है कि स्किल्ड हेल्थ प्रोफेशनल्स का रोल इस दिशा में बेहद अहम है, खासकर टेक्नोलॉजी बेस्ड हेल्थ सॉल्यूशन्स को आगे बढ़ाने में।

टीमलीज एडटेक के फाउंडर और CEO शांतनु रूज ने कहा, "हेल्थकेयर सेक्टर में हायरिंग की ये लहर कई वजहों से आ रही है – तेजी से हो रही डिजिटलाइजेशन, मरीजों की देखभाल और डायग्नॉस्टिक सेवाओं का विस्तार, और मेडिकल फील्ड में स्पेशलाइजेशन की डिमांड। हॉस्पिटल्स और हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अब AI-आधारित डायग्नोस्टिक, टेलीमेडिसिन और डेटा से चलने वाले ट्रीटमेंट मॉडल्स अपना रहे हैं, जिससे स्किल्ड लोगों की मांग और भी बढ़ रही है। साथ ही रिसर्च और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती इन्वेस्टमेंट की वजह से नए हेल्थ हब्स में भी मौके बन रहे हैं। अनुमान है कि 2025 तक भारत का हेल्थकेयर मार्केट 638 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।”

बेंगलुरु में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट की मांग सबसे ज़्यादा – 65% तक पहुंच गई है, वहीं दिल्ली में क्लिनिकल डेटा एनालिस्ट की डिमांड 60% पर है। अन्य रोल्स में भी दिलचस्पी बढ़ रही है – गुरुग्राम में फार्मेसी टेक्नीशियन की 58% मांग है, फ्लीबोटोमिस्ट (रक्त सैंपल लेने वाले प्रोफेशनल) की 55%, और डाइटीशियन की 51%। छोटे शहर भी अब हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में तेजी से आगे आ रहे हैं। जैसे – गुरुग्राम में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट की मांग 58% है, कोयंबटूर में फ्लीबोटोमिस्ट की 41%, कोच्चि में क्लिनिकल डेटा एनालिस्ट की 50% डिमांड है। नागपुर में फार्मेसी टेक्नीशियन की मांग 52% और कोच्चि में फिर से इसी रोल के लिए 49% डिमांड दिख रही है। 

जैसे-जैसे प्रोफेशनल्स इस फील्ड में करियर बनाने का सोच रहे हैं, वैसे-वैसे कुछ खास सर्टिफिकेशन कोर्स की डिमांड भी बढ़ रही है। इनमें शामिल हैं – एप्लाइड क्लिनिकल डेटा एनालिसिस, मेडिकल रिफरेन्स एप्लीकेशन, फार्मेसी टेक्निशियन सर्टिफिकेशन, डेटा मैनेजमेंट, क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग, लेबोरेटरी और फ़्लेबोटोमी सोफ़वियर, और ऑटोमेटेड ट्रांसक्रिप्शन एप्लिकेशंस। ये कोर्सेस स्किल्स बढ़ाने के साथ-साथ इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से लोगों को तैयार कर रहे हैं। 

रिपोर्ट बताती है कि अब कंपनियां डिग्री से ज़्यादा स्किल्स को तवज्जो दे रही हैं  खासकर टेक्नोलॉजी, मरीज-केंद्रित देखभाल मॉडल्स और एडवांस मेडिकल रिसर्च से जुड़े स्किल्स को। ऐसे में करियर आउटलुक रिपोर्ट 2025 HY1 आने वाले हेल्थकेयर जॉब ट्रेंड्स को समझने और खुद को तैयार करने का एक ज़रूरी ज़रिया बन सकती है।

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