मोदी विद्यालय ने शुरू की डे क्लासेस कई स्किल बेस्ड कोर्सेस भी
० आशा पटेल ०
जयपुर । मोदी विश्वविद्यालय शिक्षा द्वारा नारी सशक्तिकरण के अभियान को सतत् आगे बढ़ा रहा है। राजस्थान सहित देशभर की छात्राओं के लिए मोदी विश्वविद्यालय ने इस साल भी कुछ खास छात्रवृति की घोषणा की। इसके साथ ही शिक्षा के नये परिदृश्य और मोदी विश्वविद्यालय के वर्तमान परिपेक्ष्य को लेकर भी मिडिया से रूबरू हुए। इस अवसर पर मोदी विश्वविद्यालय के डीजीएम एडमिशन प्रबीण झा, डिप्टी डीन, ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन हितेश जांगिड़ के साथ जन संपर्क अधिकारी राजीव सिंह मौजूद थे।
प्रवीण झा ने बताया कि फार्मेसी के क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसर को देखते हुए विश्वविद्यालय ने डी फार्मा एवं बी फार्मा कोर्स की भी शुरूआत की है ताकि छात्राओं को बेहतर अवसर प्राप्त हो सके।सभी वर्गों को शिक्षा का समान अवसर मुहैया कराने के उदेश्य से विश्वविद्यालय ने ऑनलाईन माध्यम की भी शुरूआत की है जिसके अर्न्तगत बीए, बीकॉम, एमकॉम के साथ ही एमबीए और एमसीए जैसे विभिन्न कोर्सेस करवाए जाएगें। ऑनलाइन माध्यम में छात्राओं के साथ छात्र भी दाखिला ले सकते हैं।
मोदी विद्यालय ने स्थानिय अभिभावकों के अनुरोध पर कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक डे स्कूल की शुरूआत करने जा रहा है। डीजीएम एडमिशन वर्तमान सत्र से मोदी विद्यालय में ये व्यवस्था शुरू की जा रही है ताकि स्थानिय छात्राओं को भी बेहतर शिक्षा की सुविधाएं प्राप्त हो सके। मोदी स्कूल और विश्वविद्यालय छात्राओं की शिक्षा को अनवरत जारी रखना चाहती है और इसी के मदेनजर स्कूल एवं विश्वविद्यालय के स्तर पर छात्राओं के लिए छात्रवृति लेकर आये हैं, ताकि आर्थिक स्थिति किसी की भी शिक्षा में रूकावट न बन सके। साथ ही छात्रवृति स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों के लिए लागू किया है।
प्रत्येक वर्ष की तरह मोदी विश्वविद्यालय ने इस वर्ष भी छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृति की घोषणा की। जिसके तहत राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं के टॉपर को 100 प्रतिशत तक की छात्रवृति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही बारहवीं के परिणाम के आधार पर भी 50 प्रतिशत तक की छात्रवृति का प्रावधान है जबकि राजस्थान एवं केन्द्रीय बोर्ड के टॉप तीन को 100 प्रतिशत तक की छात्रवृति मुहैया करायी जाएगी। विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने हेतू मोदी विश्वविद्यालय की छात्राओं को अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक की छात्रवृति दी जाएगी। जबकि सीकर, चुरू, झुनझुनू की छात्राओ को पूरे कोर्स के दौरान 10 प्रतिशत की छात्रवृति दी जाएगी। सरकारी नियमो के अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के साथ दिव्यांगो को पूरे कोर्स के दौरान 10 प्रतिशत की छात्रवृति मिलेगी।
इसके साथ ही मोदी विश्वविद्यालय की विशेष छात्रवृति योजना के तहत शहीदों के बच्चों को ट्यूशन फ्री, 100 प्रतिशत की छात्रवृति ,जबकि सेना और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत या सेवानिव्रत जवानों के बच्चों को पूरी पढ़ाई के दौरान ट्यूश्न फ़ीस में 35 प्रतिशत की छात्रवृति और कार्यरत या सेवानिव्रत पुलिस कर्मियों के बच्चों को 25 प्रतिशत की छात्रवृति का प्रावधान है। मोदी विश्वविद्यालय का कैरियर डेवलपमेंट सेल छात्राओं को इंर्टनशिप एवं प्लेसमेंट का भी अवसर प्रदान करता है। अमेरिकन एक्सप्रेस, जेपी मार्गन, अमेजन, ऑरेकल जैसी वैश्विक कंपनियां विश्वविद्यालय में कैंपस प्लेसमेंट के लिए आती है।
विभिन्न संकाय की छात्राओं को उनकी दक्षता के अनुसार देश- विदेश की नामी गिरामी कम्पनियों में कार्य करने का अवसर मिलता है। छात्राओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय ने कई इंटरनेशनल कॉलेबोरेशन भी किए है। मोदी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ऐटिकेट एंड फिनीशिंग स्किल्स में छात्राओं को कई तरह के स्किल्स सिखाये जाते है जो इन्हें आधुनिक कॉरपोरेट कल्चर के अनुकूल बनाता है, साथ ही विशेष इंगलिश लैंग्वेज ट्रेनिंग कैम्प का भी आयोजन किया जाता है ताकि छात्राएं इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन के डिप्टी डीन हितेश जांगिड़ ने बताया कि मोदी विश्वविद्यालय अपनी छात्राओं को विश्व स्तरीय अनुभव और अवसर प्रदान करने के लिए 20 से अधिक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और शोध प्रयोगशालाओं के साथ विभिन्न स्तर पर कार्य कर रही है। मोदी विश्वविद्यालय अमेरिका, फ्रांस, जापान, जर्मनी, यूके और कनाडा जैसे प्रमुख देशों से सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम का अवसर प्रदान करता है।
जयपुर । मोदी विश्वविद्यालय शिक्षा द्वारा नारी सशक्तिकरण के अभियान को सतत् आगे बढ़ा रहा है। राजस्थान सहित देशभर की छात्राओं के लिए मोदी विश्वविद्यालय ने इस साल भी कुछ खास छात्रवृति की घोषणा की। इसके साथ ही शिक्षा के नये परिदृश्य और मोदी विश्वविद्यालय के वर्तमान परिपेक्ष्य को लेकर भी मिडिया से रूबरू हुए। इस अवसर पर मोदी विश्वविद्यालय के डीजीएम एडमिशन प्रबीण झा, डिप्टी डीन, ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन हितेश जांगिड़ के साथ जन संपर्क अधिकारी राजीव सिंह मौजूद थे।
डीजीएम एडमिशन प्रबीण झा ने बताया कि मोदी विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइसेंस, स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग, स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ डिजाइन एवं स्कूल ऑफ बिजनेस में विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर के साथ पीएचडी के भी कोर्स कराये जाते हैं। विश्वविद्यालय में कई स्किल बेस्ड कोर्सेस मसलन डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, फॉरेनसिक साइंस, फूड एंड न्यूट्रीशन, फिजयोथेरेपी, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, बॉयोमेडिकल एवं न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स है जो कि पूर्णतः कौशल आधारित है और छात्राओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाते हैं।
प्रवीण झा ने बताया कि फार्मेसी के क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसर को देखते हुए विश्वविद्यालय ने डी फार्मा एवं बी फार्मा कोर्स की भी शुरूआत की है ताकि छात्राओं को बेहतर अवसर प्राप्त हो सके।सभी वर्गों को शिक्षा का समान अवसर मुहैया कराने के उदेश्य से विश्वविद्यालय ने ऑनलाईन माध्यम की भी शुरूआत की है जिसके अर्न्तगत बीए, बीकॉम, एमकॉम के साथ ही एमबीए और एमसीए जैसे विभिन्न कोर्सेस करवाए जाएगें। ऑनलाइन माध्यम में छात्राओं के साथ छात्र भी दाखिला ले सकते हैं।
मोदी विद्यालय ने स्थानिय अभिभावकों के अनुरोध पर कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक डे स्कूल की शुरूआत करने जा रहा है। डीजीएम एडमिशन वर्तमान सत्र से मोदी विद्यालय में ये व्यवस्था शुरू की जा रही है ताकि स्थानिय छात्राओं को भी बेहतर शिक्षा की सुविधाएं प्राप्त हो सके। मोदी स्कूल और विश्वविद्यालय छात्राओं की शिक्षा को अनवरत जारी रखना चाहती है और इसी के मदेनजर स्कूल एवं विश्वविद्यालय के स्तर पर छात्राओं के लिए छात्रवृति लेकर आये हैं, ताकि आर्थिक स्थिति किसी की भी शिक्षा में रूकावट न बन सके। साथ ही छात्रवृति स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों के लिए लागू किया है।
प्रत्येक वर्ष की तरह मोदी विश्वविद्यालय ने इस वर्ष भी छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृति की घोषणा की। जिसके तहत राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं के टॉपर को 100 प्रतिशत तक की छात्रवृति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही बारहवीं के परिणाम के आधार पर भी 50 प्रतिशत तक की छात्रवृति का प्रावधान है जबकि राजस्थान एवं केन्द्रीय बोर्ड के टॉप तीन को 100 प्रतिशत तक की छात्रवृति मुहैया करायी जाएगी। विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने हेतू मोदी विश्वविद्यालय की छात्राओं को अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक की छात्रवृति दी जाएगी। जबकि सीकर, चुरू, झुनझुनू की छात्राओ को पूरे कोर्स के दौरान 10 प्रतिशत की छात्रवृति दी जाएगी। सरकारी नियमो के अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के साथ दिव्यांगो को पूरे कोर्स के दौरान 10 प्रतिशत की छात्रवृति मिलेगी।
इसके साथ ही मोदी विश्वविद्यालय की विशेष छात्रवृति योजना के तहत शहीदों के बच्चों को ट्यूशन फ्री, 100 प्रतिशत की छात्रवृति ,जबकि सेना और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत या सेवानिव्रत जवानों के बच्चों को पूरी पढ़ाई के दौरान ट्यूश्न फ़ीस में 35 प्रतिशत की छात्रवृति और कार्यरत या सेवानिव्रत पुलिस कर्मियों के बच्चों को 25 प्रतिशत की छात्रवृति का प्रावधान है। मोदी विश्वविद्यालय का कैरियर डेवलपमेंट सेल छात्राओं को इंर्टनशिप एवं प्लेसमेंट का भी अवसर प्रदान करता है। अमेरिकन एक्सप्रेस, जेपी मार्गन, अमेजन, ऑरेकल जैसी वैश्विक कंपनियां विश्वविद्यालय में कैंपस प्लेसमेंट के लिए आती है।
विभिन्न संकाय की छात्राओं को उनकी दक्षता के अनुसार देश- विदेश की नामी गिरामी कम्पनियों में कार्य करने का अवसर मिलता है। छात्राओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय ने कई इंटरनेशनल कॉलेबोरेशन भी किए है। मोदी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ऐटिकेट एंड फिनीशिंग स्किल्स में छात्राओं को कई तरह के स्किल्स सिखाये जाते है जो इन्हें आधुनिक कॉरपोरेट कल्चर के अनुकूल बनाता है, साथ ही विशेष इंगलिश लैंग्वेज ट्रेनिंग कैम्प का भी आयोजन किया जाता है ताकि छात्राएं इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन के डिप्टी डीन हितेश जांगिड़ ने बताया कि मोदी विश्वविद्यालय अपनी छात्राओं को विश्व स्तरीय अनुभव और अवसर प्रदान करने के लिए 20 से अधिक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और शोध प्रयोगशालाओं के साथ विभिन्न स्तर पर कार्य कर रही है। मोदी विश्वविद्यालय अमेरिका, फ्रांस, जापान, जर्मनी, यूके और कनाडा जैसे प्रमुख देशों से सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम का अवसर प्रदान करता है।
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