गोदरेज,बीएमसी और भामला फाउंडेशन : प्लास्टिक के खिलाफ सामूहिक अभियान

० संवाददाता द्वारा ० 
मुंबई : गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप (GIG) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और भामला फाउंडेशन के सहयोग से #BeatPlasticPollution अभियान शुरू किया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का समर्थन प्राप्त है। यह पहल प्लास्टिक प्रदूषण सहित गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों और धरती पर जीवन को बनाए रखने के लिए मिट्टी, पौधों और व्यापक पर्यावरण की रक्षा की आवश्यकता को संबोधित करती है।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नादिर गोदरेज ने संगठन की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, "गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप में, लोगों और पृथ्वी के महत्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हमारे मूल आदर्शों का अभिन्न हिस्सा है।

 पिछले एक दशक में हमने स्थायित्व की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज हमारी 64% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त होती है, और हमने प्लास्टिक पैकेजिंग की मात्रा में 20% से अधिक की कमी की है। हमें इस बात पर गर्व है कि हम अपनी समस्त उपभोक्ता-पूर्व और उपभोक्ता-बाद प्लास्टिक पैकेजिंग का 100% संग्रहण और पुनर्चक्रण करते हैं। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप पर्यावरण संरक्षण को एक साझा ज़िम्मेदारी मानता है, और हम मानते हैं कि सामूहिक प्रयास ही स्थायी परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। 

अपने कचरा प्रबंधन परियोजनाओं के माध्यम से, हमने 63,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोका है, जिससे ज़मीन को मुक्त किया गया और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में सफल रहे।यह अभियान हमारे द्वारा सार्थक पर्यावरणीय परिवर्तन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का एक स्वाभाविक विस्तार है। प्लास्टिक प्रदूषण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी गंभीर चुनौतियों को संबोधित कर, हम सामूहिक प्रयास को प्रेरित करना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक टिकाऊ विरासत बनाना चाहते हैं।”

भारत में प्लास्टिक कचरा एक अत्यंत चिंताजनक विषय है। वर्ष 2023 में 94.6 लाख टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 43% एकल-उपयोग (single-use) प्लास्टिक था। इस चुनौती से निपटने के लिए, यह अभियान प्लास्टिक की खपत को कम करने और पृथ्वी के संसाधनों की रक्षा के लिए टिकाऊ जीवनशैली विकल्पों को अपनाने के महत्व को रेखांकित करता है।

इसी संदेश को मज़बूती देते हुए, मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में गोदरेज मैजिक रेडी-टू-मिक्स हैंडवॉश स्टेशन का अनावरण किया गया। यह ज़मीनी पहल, जो एक सप्ताह से अधिक समय तक सक्रिय रहेगी, लोगों को बोतलों को फिर से भरकर पुनः उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है। गोदरेज मैजिक हैंडवॉश स्टेशन में एक रियल-टाइम डैशबोर्ड है, जो यह दर्शाता है कि केवल रिफिल का उपयोग करके कोई व्यक्ति एक वर्ष में कितनी प्लास्टिक बचा सकता है, जिससे व्यक्तिगत टिकाऊ विकल्प एक दृश्य, सामूहिक प्रभाव में बदल जाते हैं।

गोदरेज मैजिक हैंडवॉश पहल पर टिप्पणी करते हुए, नीरज सेंगुट्टुवन, प्रमुख विपणन (पर्सनल केयर), गोदरेज कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL), ने कहा, “भारत प्लास्टिक कचरे के गंभीर संकट का सामना कर रहा है, जहां हर साल लाखों टन कचरा उत्पन्न होता है और एकल-उपयोग प्लास्टिक पर्यावरणीय स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। GCPL में, हम एक 'सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट' संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, जो व्यापार को पर्यावरणीय और सामाजिक ज़िम्मेदारी के साथ संतुलित करता है। गोदरेज मैजिक हैंडवॉश एक टिकाऊ नवाचार है, जो सामान्य हैंडवॉश की तुलना में 50% कम प्लास्टिक, 75% कम ईंधन और 75% कम कागज़ का उपयोग करता है। 

यह अभियान दिखाता है कि बोतलों का पुनः उपयोग जैसी छोटी और जागरूक क्रियाएं भी सार्थक और मापनीय परिवर्तन ला सकती हैं। हर रिफिल, लैंडफिल में जाने वाली एक बोतल कम कर देता है। इस प्रभाव को वास्तविक समय में दिखाकर, हम जागरूकता को कार्रवाई में बदल रहे हैं।”यह अभियान, गोदरेज L’Affaire द्वारा समर्थित है

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