कोटा में निशुल्क कोचिंग ले रहे सरकारी स्कूलों के 105 में से 103 स्टूडेंट्स नीट के लिए क्वालीफाई

० संवाददाता द्वारा ० 
कोटा : एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास व एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की संयुक्त पहल शिक्षा संबल योजना के विद्यार्थियों को सफलता मिली है। सरकारी स्कूलों के हिन्दी माध्यम के 105 विद्यार्थियों में से 103 विद्यार्थी नीट में क्वालीफाई हुए हैं। इन सभी को एलन की ओर से निशुल्क कोचिंग दी गई तथा एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से निशुल्क आवास व भोजन की सुविधा दी गई। एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास के ट्रस्टी डॉ.नवीन माहेश्वरी ने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू की गई शिक्षा संबल योजना के तहत मध्य भारत के राजस्थान, 
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड राज्यों के हिन्दी माध्यम के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए। परीक्षा में प्रदर्शन की वरीयता के आधार पर 81 छात्राएं तथा 45 छात्रों का नीट-2025 की तैयारी के लिए चयन किया गया। विद्यार्थियों को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की ओर से एलन कोटा के बारां रोड नया नोहरा स्थित सुपथ कैम्पस में निशुल्क कोचिंग दी गई। इसके साथ ही एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से निकट के हॉस्टल्स में निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की गई।
पढ़ाई की शुरुआत के कुछ महीनों में विभिन्न कारणों से कुछ विद्यार्थी घर लौट गए। इसके बाद 105 विद्यार्थियों ने सालभर रहकर पढ़ाई की। नीट की परीक्षा में शामिल हुए। डॉ.माहेश्वरी ने कहा कि खुशी की बात यह है कि 105 विद्यार्थियों में से 103 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने नीट काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई किया है। काउंसलिंग के माध्यम से स्टेट रैंक, कैटेगिरी रैंक के आधार पर विद्यार्थी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, डेंटल, आयुर्वेद व अन्य कोर्सेज में प्रवेश ले सकेंगे।

डॉ.नवीन माहेश्वरी ने बताया कि सपने देखने पर सभी का हक है। किसी भी तरह के अभाव में प्रतिभाएं पीछे नहीं रह जाएं, इसके लिए हम प्रयासरत रहते हैं। शिक्षा संबल के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों तक पहुंचना था जो अभावों के चलते अपना कॅरियर नहीं बना पाते। हम चाहते हैं कि गांव-कस्बे के सरकारी स्कूलों के हिन्दी माध्यम में पढ़ने वाले विद्यार्थी आगे आएं और अपने परिवार का सपना पूरा करें। सामाजिक बदलाव का उदाहरण बनें।

शिक्षा संबल योजना से पढ़े विद्यार्थियों मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में अठनेर तहसील निवासी मोनाली अमरुते की कैटेगिरी में रैंक 27186 है। मोनाली ने बताया कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। मेरे अलावा एक भाई और है। पापा वीरेन्द्र अमरुते किसान हैं। डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन पैसे नहीं थे, तब शिक्षा संबल योजना काम आई।

छत्तीसगढ़ में बलोद जिले में फरोदफोड निवासी मीनाक्षी साहू डॉक्टर बनना व चाहती थी लेकिन परिवार की स्थिति नहीं थी कि उसे नीट की कोचिंग करा सकें। कोटा भेजने के बारे में तो विचार भी नहीं किया था लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा संबल योजना के बारे में बताया तो लगा कि सपना सच हो गया। पिता दीनाराम इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। नीट में कैटेगिरी रैंक 55,471 है।

डॉ.माहेश्वरी ने बताया कि कोटा का यह सामाजिक सरोकार सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। अब नीट-2026 के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए परीक्षा 20 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई रखी गई है।

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