समाजवादी एकजुटता सम्मेलन : समाजवादियों के सामने बड़ी चुनौतियां है

० आशा पटेल ० 
पुणे। समाजवादी आंदोलन के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर तीन दिवसीय समाजवादी एकजुटता सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय सेवा दल के मुख्यालय पर 15 राज्यों के समाजवादी साथियों की मौजूदगी में 100 वर्षीय समाजवादी नेता पूर्व सांसद पंडित रामकिशन द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। एकजूटता सम्मेलन का आयोजन राष्ट्र सेवा दल, एस. एम. जोशी सोशलिस्ट फाउंडेशन, 
युसुफ मेहेरअली सेंटर, समाजवादी समागम और महाराष्ट्र गांधी स्मारक निधि द्वारा किया गया। सम्मेलन में भागीदारी के लिए देश भर के समाजवादी साथियों का सम्मेलन स्थल पर समाजवादी आंदोलन के इतिहास से जुड़ी हुई एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका लोकार्पण पंडित रामकिशन, पूर्व सांसद, भरतपुर राजस्थान द्वारा किया गया ।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माताप्रसाद पांडेय ने कहा कि समाजवादी आंदोलन के 90 साल पूर्ण होने के बाद आज समाजवादियों के सामने बड़ी चुनौतियां है इन चुनौतियों का मुकाबला व्यापक समाजवादी एकता और डॉ लोहिया द्वारा प्रतिपादित वोट, जेल और फावड़े के सिद्धांत से ही की जा सकती है ।

 अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रमाशंकर सिंह ने कहा कि देश में बढ़ती सांप्रदायिकता और चीनी विरोधी नीतियों का मुकाबला समाजवादियों की एकजुटता और संघर्ष के द्वारा ही किया जा सकता है। इस सम्मेलन में देश भर से आए हुए समाजवादियों को तीन दिन लगातार मंथन कर देश को नई दिशा देने का काम करना चाहिए।

स्वागत भाषण एडवोकेट सविता शिंदे ने दिया। देश के ख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बबन डिसूजा और डॉ. जी. जी. परीख के संदेश का वाचन युसुफ मेहेरअली सेंटर की गुड्डी एस. एल, ने किया। जीजी परीख ने अपने संदेश में कहा कि 90 साल पूर्व भी समाजवादी आंदोलन की प्रासंगिकता थी और आज भी है। समाजवादियों की एकता से ही देश को बनाया जा सकता है। समाजवादी आंदोलन के 90 वर्ष के इतिहास और चुनौतियों पर आधारित आधार विचार पत्र समाजवादी चिंतक तथा समाजवादी समागम के अध्यक्ष प्रो आनंद कुमार ने रखा ।

संविधान की प्रस्तावना का वाचन एस. एम. जोशी सोशलिस्ट फाउंडेशन के विश्वस्त सुभाष वारे ने किया ।
आधार पत्र पर राष्ट्र सेवा दल, एस.एम. जोशी सोशलिस्ट फाउंडेशन, युसुफ मेहेरअली सेंटर, समाजवादी समागम, महाराष्ट्र गांधी स्मारक निधि के प्रतिनिधियों सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे। संचालन पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने किया । इस अवसर पर प्रकाशित मराठी स्‍मारिका का लोकार्पण एवं डॉ. सुनीलम की पुस्तक - 'समाजवादी आंदोलन के दस्तावेज' के दोनों खण्डों का दूसरा संस्करण 2025 का लोकार्पण भी किया गया।

सम्मेलन में जीवन के 80 वर्ष पूरे कर चुके उपस्थित वरिष्ठ समाजवादियों पंडित रामकिशन, प्रो. राजकुमार जैन, सुश्री चंद्रा अय्यर, गजानन खातू , भीमराव पाटोळे, रावसाहेब पवार, राधा शिरसेकर, उमाकांत भावसार, विजया चौहान का सम्मान भी किया गया। संदेश दिवेकर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया । रात्रि में राष्ट्र सेवा दल कलापथक गीत और नृत्य गीत 'लेक लाडकी अभियान' निर्मित संगीत फ्युजन पथनाट्य " महिलाओं के मुद्दो की चर्चा "राष्ट्र सेवा दल, स्मिता पाटील कलापथक इचलकरंजी पथनाट्य " पुन्हा गांधी " की रंगारंग प्रस्तुति भी दी गई जिसे सम्मेलन में देशभर से आए हुए प्रतिनिधियों ने सराहा ।

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