जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय घूमर महोत्सव उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया आगाज

० आशा पटेल ० 
जयपुर। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की पहल पर ऐतिहासिक रूप से पहली बार राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से राजस्थान की लोक-संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और जनभागीदारी आधारित सांस्कृतिक मॉडल को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ भव्य घूमर महोत्सव आयोजित हुआ। इस आयोजन को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया जिसमें राजस्थान के सातों संभागों में आयोजित घूमर महोत्सव में एक साथ लगभग 06 हजार महिलाओं और युवतियों ने घूमर नृत्य किया।
 इस उत्सव में उपमुख्यमंत्री और पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने भी सांकेतिक रूप से जयपुर सांसद मंजू शर्मा और वहां उपस्थित अन्य गणमान्य महिलाओं के साथ घूमर नृत्य कर, इस नृत्य की सांस्कृतिक भव्यता उजागर किया और इस महोत्सव में सहभागिता कर रही युवतियों और महिलाओं का उत्साह वर्धन किया।
घूमर महोत्सव के दौरान घूमर की सबसे प्राचीन शैली की प्रस्तुति एक बार हो पिया जयपुर शहर पधार जो.... गीत पर दी गई उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के मुख्य आतिथ्य में जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय घूमर महोत्सव आयोजित हुआ।जिसमें महिलाओं तथा युवतियों ने बड़ी संख्या सहभागिता कर राजस्थान की सांस्कृतिक परम्पराओं को जीवंत कर दिया। लय-ताल और सुरों की जुगल बंदी से सुसज्ज्ति और सुगठित घूमर महोत्सव ने राजस्थान की सांस्कृतिक गरिमा को प्रदर्शित किया।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस अवसर पर नगाड़ा बजाकर घूमर महोत्सव का आगाज किया। उन्होंने विद्याधर नगर स्टेडियम में उपस्थित मातृशक्ति का अभिवादन किया साथ ही बहनों और बेटियों का स्नेहाशीष देते हुए कहा कि आज वो समय आ गया है जब हमें राजस्थान की लोक संस्कृति, लोक कलाओं और विरासत को नई पीढी तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा की राजस्थान की संस्कृति के पर्यायवाची घूमर नृत्य को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हर वर्ष वृहद स्तर पर किया जाएगा।

दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सांस्कृतिक परंपराओं को जनभागीदारी और नवाचारों के साथ जोड़कर एक स्थायी मॉडल तैयार किया जाए, जिससे राजस्थान का पर्यटन व्यापक और सशक्त रूप में उभर कर आये। उन्होंने कहा कि घूमर फेस्टिवल को दीर्घकालिक रूप से राज्य की सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित करने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल कराने की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। 

इस अवसर पर घूमर व प्रदेश के अन्य लोकनृत्यों को संरक्षण देने वाली स्व.पदमश्री राजमाता गोवरधन कुमारी को श्रद्धाजंलि देते हुए उनके कार्यों पर पर एक लघु वृतचित्र भी दिखा गया। घूमर महोत्सव में जहाँ बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियों ने सहभागिता की वहीं बड़ी संख्या में जयपुर वासियों ने विद्याधर नगर स्टेडियम पहुंचकर घूमर महोत्सव का आनंद लिया। 

इस अवसर पर जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, सिविल लाइन्स विधायक गोपाल शर्मा, पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव, पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़,समाज सेवक अमित गोयल, पर्यटन विभाग की वित्तीय सलाहकार गार्गी सिंह, पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ.पुनीता सिंह, दलीप सिंह राठौड़, देवेेंद्र मीणा, उपनिदेश उपेंद्र सिंह शेखावत, नवलकिशोर बसवाल समेत कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरूआत गणगौर डांस अकादमी की कलाकारों द्वारा घूमर के लंजो..म्हारौ आलाजी लेता आइजो.. से हुई जिसमें एक विवाहित महिला अपने पति से श्रंगार के समान लाने का आग्रह करती है लेकिन यह भी शर्त भी रखती है कि सारा श्रंगार का साजो-सामान रत्नजड़ित होना चाहिए।  दूसरी प्रस्तुति में विरह की पीड़ा में झेलती नायिका अपनी बैरन से अनुरोध करती है कि उसके पति को आदर से नायिका के पास भेजा जाए... यह प्रस्तुति जलाल-बिलाला के नाम के दी हई।

तलवारीबाजी संघ के बच्चियों ने इस अवसर पर आत्म रक्षा व आक्रमण की शैलियों को मंच पर साकार किया तो स्टेडियम में उपस्थि जन समूह जोश से भर गया। C R PF के बैंड द्वारा भी आकर्षक प्रस्तुतिया दी गयी विद्यधर नगर स्टेडियम में  महिलाओं और युवतियों का आगमन शुरू हो गया। रंग बिरंगी पोशाक में सजी संवरी महिलाओं और युवतियों ने दोपहर से नृत्य अभ्यास किया वहीं वे सेल्फी लेती दिखाई दिखाई दी।

जयपुर और जोधपुर में 1500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने पर इन दोनों शहरों को उच्च श्रेणी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया है। इन दोनों संभागों में बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी श्रेणियों में कुल ₹2,34,000 के पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य पाँच संभागों के लिए कुल ₹1,04,000 की निर्धारित राशि पुरस्कार स्वरूप दी गई।

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