जगदीप सिंह की 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' पुस्तक का विमोचन
० आशा पटेल ०
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में एएएफ बागान वेन्यू पर 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' शीर्षक से लिटरेरी आयोजन हुआ। इस सेशन में जगदीप सिंह ने सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक, स्वाति वशिष्ठ के साथ संवाद किया। इस अवसर पर जगदीप सिंह द्वारा लिखित उनके नए पोएट्री कलेक्शन, 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन लेखक और कल्चरिस्ट संदीप भूतोड़िया ने फेस्टिवल को-डायरेर नमिता गोखले और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, संजॉय के. रॉय के साथ मिलकर किया।
स्वाति वशिष्ठ ने चर्चा समकालीन समय में कविता की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की कविता किस तरह ईश्वर से हटकर व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक सच्चाइयों पर केंद्रित हो रही है। जगदीप सिंह की रचनाएं उन पाठकों से जुड़ती हैं जो अनिश्चितता, मूल्यों के अभाव और पारंपरिक ढांचों से हटकर किसी अर्थ की तलाश में हैं।
इस मौके पर जगदीप सिंह ने कहा कि उनके लिए कविता जवाब देने के बारे में नहीं, बल्कि सच्चे सवाल पूछने के बारे में है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उन पलों को बताने की एक कोशिश है जब इंसान विश्वास से ज़्यादा मानवीय संवेदनशीलता और अंतरात्मा ज़रूरी हो जाते हैं। जगदीप सिंह ने अपनी तीन से चार कविताओं का पाठ भी किया, जिससे श्रोताओं को उनकी रचनाओं की भावनात्मक गहराई से जुड़ने का अवसर मिला।
इस मौके पर पत्रकार अंशु हर्ष,सोमेन्द्र हर्ष ,वरिष्ठ पत्रकार आशा पटेल , शिक्षा विद कमला पोद्दार, डॉ विद्या जैन , ज्वेलर और जाने माने फोटोग्राफर सुधीर कासलीवाल अनेक कला और साहित्य प्रेमीयों की उपस्थिति रही |
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में एएएफ बागान वेन्यू पर 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' शीर्षक से लिटरेरी आयोजन हुआ। इस सेशन में जगदीप सिंह ने सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक, स्वाति वशिष्ठ के साथ संवाद किया। इस अवसर पर जगदीप सिंह द्वारा लिखित उनके नए पोएट्री कलेक्शन, 'व्हेन गॉड्स डोंट मैटर' का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन लेखक और कल्चरिस्ट संदीप भूतोड़िया ने फेस्टिवल को-डायरेर नमिता गोखले और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, संजॉय के. रॉय के साथ मिलकर किया।
जगदीप सिंह ने अपनी कविता के फिलॉसॉफिकल और इमोशनल पहलुओं के बारे में बात की, जिसमें विश्वास, पहचान और तेज़ी से बदलती दुनिया में मानवीय हालत जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने बताया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उनके अनुभवों और आत्मचिंतन से उपजी कविताएं है, जहां कविता उनके लिए मौन, आस्था और व्यक्तिगत सच से संवाद करने का माध्यम बन जाती है।
स्वाति वशिष्ठ ने चर्चा समकालीन समय में कविता की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की कविता किस तरह ईश्वर से हटकर व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक सच्चाइयों पर केंद्रित हो रही है। जगदीप सिंह की रचनाएं उन पाठकों से जुड़ती हैं जो अनिश्चितता, मूल्यों के अभाव और पारंपरिक ढांचों से हटकर किसी अर्थ की तलाश में हैं।
इस मौके पर जगदीप सिंह ने कहा कि उनके लिए कविता जवाब देने के बारे में नहीं, बल्कि सच्चे सवाल पूछने के बारे में है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘व्हेन गॉड्स डोंट मैटर’ उन पलों को बताने की एक कोशिश है जब इंसान विश्वास से ज़्यादा मानवीय संवेदनशीलता और अंतरात्मा ज़रूरी हो जाते हैं। जगदीप सिंह ने अपनी तीन से चार कविताओं का पाठ भी किया, जिससे श्रोताओं को उनकी रचनाओं की भावनात्मक गहराई से जुड़ने का अवसर मिला।
इस मौके पर पत्रकार अंशु हर्ष,सोमेन्द्र हर्ष ,वरिष्ठ पत्रकार आशा पटेल , शिक्षा विद कमला पोद्दार, डॉ विद्या जैन , ज्वेलर और जाने माने फोटोग्राफर सुधीर कासलीवाल अनेक कला और साहित्य प्रेमीयों की उपस्थिति रही |
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