सवाईसिंह शेखावत की पुस्तक ‘गश्त गिरदावरी उर्फ़ जो तहसीलदारी में देखा’ का लोकार्पण एवं परिचर्चा
० आशा पटेल ० जयपुर । प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति के सभागार में वरिष्ठ कवि एवं पूर्व तहसीलदार सवाईसिंह शेखावत की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘गश्त गिरदावरी उर्फ़ जो तहसीलदारी में देखा’ के लोकार्पण एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, प्रशासन और समाज जीवन से जुड़े अनेक व्यक्तियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि पूर्व प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र भानावत ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी के लिए ईमानदार बने रहना कठिन अवश्य है, लेकिन असंभव नहीं। ईमानदारी व्यक्ति के चरित्र का हिस्सा होती है और प्रशासन में पारदर्शिता तथा नैतिकता के लिए केवल रिश्वत न माँगना ही नहीं, बल्कि उसे स्वीकार न करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शेखावत की यह कृति पारंपरिक अर्थों में साहित्यिक पुस्तक भले न हो, किंतु यह अत्यंत रोचक, पठनीय और अनुभवसमृद्ध पुस्तक है, जिसमें लेखक ने तहसीलदार के रूप में अपने सेवाकाल के अनुभवों को पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी टीकमचंद बोहरा ने कहा कि यह पुस्तक केवल संस्मरणों का संग्रह नहीं, बल्कि...