NLC भारत 2025 : भारत के 24 राज्यों और 21 राजनीतिक दलों के 130 से ज़्यादा MLAs एवं MLCs भाग लेंगे
मुंबई, | अमेरिका के बोस्टन में 4 से 6 अगस्त के दौरान आयोजित होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ स्टेट लेजिस्लेटर्स सम्मेलन में 130 से ज़्यादा भारतीय निर्वाचित प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है, जो पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। नेशनल लेजिस्लेटर्स कोन्फ्रेंस भारत की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जो भारतीय निर्वाचित प्रतिनिधियों
को सक्षम बनाने के साथ जानकारी और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान हेतु राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विधायी सहयोग, बेहतर तालमेल एवं संवाद को बढ़ावा देने वाला मंच है।
यह लंबे समय में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक ऐसा मंच तैयार करने की योजना का हिस्सा है, जो पूरी तरह से निष्पक्ष और ज्ञान पर आधारित हो। NCSL समिट में, 2,000 से अधिक अमेरिकी निर्वाचित प्रतिनिधियों और दुनिया के अन्य हिस्सों से आए 7,000 से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भारत के निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। वे सत्रों में भाग लेंगे, जिनमें गवर्नेंस में एआई की भूमिका, डिजिटल डेमोक्रेसी, साइबर सुरक्षा, मतदाताओं के विश्वास और पॉलिसी में इनोवेशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इस मौके पर NLC भारत के संस्थापक, डॉ. राहुल कराड ने कहा, ये एक प्रतिनिधिमंडल से कहीं बढ़कर है। ये भारत की लोकतांत्रिक ताकत और विविधता में एकता का एक जीता-जागता उदाहरण है ,ऐसा पहली बार हुआ है कि माननीय MLAs और MLCs का इतना बड़ा और विविधतापूर्ण समूह इतने बड़े पैमाने पर दुनिया के साथ जुड़ने के लिए एक साथ आया हो।
को सक्षम बनाने के साथ जानकारी और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान हेतु राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विधायी सहयोग, बेहतर तालमेल एवं संवाद को बढ़ावा देने वाला मंच है।
24 से ज़्यादा भारतीय राज्यों के विधान सभा सदस्यों और विधान परिषद सदस्यों वाले इस प्रतिनिधिमंडल में 21 अलग-अलग राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल हैं, जो दर्शाता है कि भारत का लोकतंत्र काफी समृद्ध और सब को साथ लेकर चलने वाला है। इस की शुरुआत 2024 में हुई, जब 50 निर्वाचित प्रतिनिधियों के एक पहले समूह ने अमेरिका के लुईसविले में आयोजित लेजिस्लेटिव समिट में भाग लिया था | यह आज़ाद भारत में शुरू की गई बिल्कुल अनोखी पहल है, जिसकी कमान न तो सरकार और न ही किसी अन्य संस्था के हाथों में है।
इस प्रतिनिधिमंडल में 130 निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हो गए हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ , जो दुनिया के किसी भी सम्मेलन में भारतीय निर्वाचित प्रतिनिधियों की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है। ये पहल अपने आप में अनोखी है, जिसका मकसद देशों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, कानून बनाने की क्षमता को बेहतर करना और उन्हें शासन-व्यवस्था एवं कानून निर्माण में दुनिया के सबसे अच्छे तरीकों से परिचित कराना है।
यह लंबे समय में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक ऐसा मंच तैयार करने की योजना का हिस्सा है, जो पूरी तरह से निष्पक्ष और ज्ञान पर आधारित हो। NCSL समिट में, 2,000 से अधिक अमेरिकी निर्वाचित प्रतिनिधियों और दुनिया के अन्य हिस्सों से आए 7,000 से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भारत के निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। वे सत्रों में भाग लेंगे, जिनमें गवर्नेंस में एआई की भूमिका, डिजिटल डेमोक्रेसी, साइबर सुरक्षा, मतदाताओं के विश्वास और पॉलिसी में इनोवेशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इस मौके पर NLC भारत के संस्थापक, डॉ. राहुल कराड ने कहा, ये एक प्रतिनिधिमंडल से कहीं बढ़कर है। ये भारत की लोकतांत्रिक ताकत और विविधता में एकता का एक जीता-जागता उदाहरण है ,ऐसा पहली बार हुआ है कि माननीय MLAs और MLCs का इतना बड़ा और विविधतापूर्ण समूह इतने बड़े पैमाने पर दुनिया के साथ जुड़ने के लिए एक साथ आया हो।

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