आईलीड में ‘एक्सपीरियंशियल लर्निंग कॉन्क्लेव 1.0’ का आयोजन
कोलकाता : एनईपी 2020 के चार बुनियादी कौशलों को केंद्र में रखते हुए आईलीड में पहली बार ‘एक्सपीरिएंशियल लर्निंग कॉन्क्लेव 1.0’ का आयोजन किया गया। इन कौशलों क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग, कोलाब्रेशन एवं कम्युनिकेशन को सामूहिक रूप से ‘4Cs’ के रूप में जाना जाता है।कॉलेज परिसर में K-12 स्कूलों को शामिल करते हुए आयोजित इस अपनी तरह के पहले कॉन्क्लेव का उद्देश्य “लर्निंग बाय डूइंग” को बढ़ावा देना था। जहाँ पारंपरिक शिक्षा प्रणाली अब भी परीक्षाओं अंकों पर केंद्रित है, वहीं एनईपी 2020 एक्सपीरियंशियल लर्निंग की दिशा में एक बदलाव का आह्वान करता है और आईलीड इस दृष्टिकोण को व्यवहार में उतारने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।कोलकाता में आयोजित इस कॉन्क्लेव में शहर के सात प्रमुख स्कूलों ने भाग लिया सेंट ऑगस्टीन डे स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल, बिड़ला हाई स्कूल (मुकुंदपुर), गार्डन हाई स्कूल, पी.बी. एकेडमी, हार्टले स्कूल और विद्यांजलि इंटरनेशनल स्कूल।इस प्रदर्शनी में राज्य के तीन प्रमुख शिक्षा बोर्ड माध्यमिक, ICSE और CBSE से जुड़े स्कूलों के छात्रों ने भाग लिया। 120 से अधिक छात्रों ने 110 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स और मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें प्रायोगिक शिक्षा, जिज्ञासा और वास्तविक जीवन आधारित खोज की झलक देखने को मिली।यह आयोजन ‘आइडियाज इन एक्शन’ का एक उत्सव था, जहाँ छात्रों ने अपने इनोवेशन की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और व्यावहारिक उपयोगिता को प्रस्तुत किया। कॉलेज के छात्रों ने उत्साहपूर्वक इस प्रदर्शनी में भाग लिया और युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्रों को प्रज्ञा चोपड़ा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, आईलीड द्वारा ‘सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन’ प्रदान किए गए।200 से अधिक स्कूली छात्रों की भागीदारी के साथ यह आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसने स्कूल और स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के बीच एक सशक्त शैक्षणिक सेतु का निर्माण किया। यह कॉन्क्लेव 21वीं सदी के कौशलों को प्राथमिकता देते हुए रटने पर आधारित शिक्षा के बजाय अनुभव, नवाचार और खोज-आधारित सीखने को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
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