जे.डी.बिरला इंस्टीट्यूट ने अपना 11वां दीक्षांत समारोह मनाया


० संवाददाता द्वारा ० 
कोलकाता : जे.डी.बिरला इंस्टीट्यूट (जेडीबीआई), कोलकाता ने विद्या मंदिर ऑडिटोरियम में अपनी 11वीं दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। यह समारोह 2024–2025 के बैचलर्स और मास्टर डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों के सम्मान में आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के अतिथि, विद्या मंदिर सोसाइटी के सदस्य, प्राध्यापक गण, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह की अध्यक्षता जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. अमिताव दत्ता ने की। मुख्य अतिथि के रूप में लेखक डॉ. कुणाल बसु उपस्थित थे। साथ ही, विद्या मंदिर सोसायटी के सेक्रेटरी जनरल मेजर जनरल वी. एन. चतुर्वेदी की उपस्थिति ने समारोह की महत्ता को और बढ़ाया।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. सौगत बनर्जी ने कहा कि विद्यार्थी एक तेज़ी से बदलती, प्रौद्योगिकी-प्रेरित दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल शैक्षणिक सफलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक संतुष्टि निरंतर सीखने तथा ईमानदारी, सहानुभूति और पेशेवर नैतिकता जैसे मूल्यों के पालन से प्राप्त होती है।
डॉ. बनर्जी ने बताया कि जेडीबीआई एक करियर-केंद्रित संस्थान के रूप में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने वैश्विक सहयोग के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट (यूएसए) तथा ब्रुनेल यूनिवर्सिटी लंदन के साथ हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, एआई-सक्षम प्लेसमेंट तैयारी उपकरण और सशक्त एलुमनाई एंगेजमेंट पहलों ने विद्यार्थियों की करियर तत्परता को और मजबूत किया है।
 प्रो. अमिताव दत्ता ने स्नातकों को बधाई देते हुए इस अवसर को उनकी लगन और उपलब्धि का उत्सव बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से जुड़े होने पर गर्व करने का आह्वान किया और कहा कि एआई-प्रेरित युग में सतत सीखना और अनुकूलन क्षमता सफलता की कुंजी है।
मुख्य अतिथि डॉ. कुणाल बसु ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से परे व्यापक पठन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शोध एवं वैश्विक सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए कहा कि पढ़ना मानसिक सुदृढ़ता, जागरूकता और गहन समझ को बढ़ाता है। उन्होंने इसे आनंद, सीख और आत्म-परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. तपोव्रत रे के संबोधन के उपरांत उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक विजेताओं की घोषणा की गई। प्रबंधन, वाणिज्य, फैशन एवं टेक्सटाइल, फूड एवं न्यूट्रिशन, इंटीरियर डिजाइनिंग तथा एप्लाइड साइकोलॉजी एवं बिहेवियरल साइंसेज के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

 यह आयोजन न केवल एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक रहा, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, पेशेवर तैयारी और मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी पुनः सुदृढ़ करता है।

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