ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ के तहत कृषि, एग्रीटेक,निवेश और साझेदारी के अवसरों पर मंथन
बेंगलुरु। राजस्थान को कृषि नवाचार, एग्रीटेक निवेश और वैश्विक साझेदारी का केंद्र बनाने की दिशा में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) तथा राजस्थान फाउंडेशन के सहयोग से कृषि विभाग, राजस्थान द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ के अंतर्गत बेंगलुरु में इनवेस्टर मीट का सफल आयोजन किया गया जिसमें कृषि, एग्रीटेक, उद्योग और निवेश क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त मनीषा अरोड़ा, कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल सहित ए वन स्टील के चेयरमैन जूलियन जालान, जैन ग्रुप के फाउंडर डॉ चेनराज रायचंद, प्राइड ग्रुप के एमडी एमएल सरावगी, राजस्थान फाउंडेशन के बेंगलुरु चैप्टर के प्रेसिडेंट सचिन पांडे, फिक्की की एग्रिकल्चर सबकमिटी के चेयरमैन तथा किसान क्राफ्ट के सीएमडी रविंद्र अग्रवाल, सती एक्सपोर्ट के एमडी संदीप अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा: “राजस्थान अपनी परंपरागत कृषि शक्ति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए एक सशक्त एग्रीटेक आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। 2024 में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल
कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा “राज्य सरकार नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचे और नवाचार को बढ़ावा देकर एग्रीटेक सेक्टर को मजबूत कर रही है, जिससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम 2026 की फिल्म के प्रदर्शन ने राज्य में कृषि और एग्रीटेक क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने कहा “राजस्थान में कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, जिनमें तकनीक का समावेश, मूल्य संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एग्रीटेक के माध्यम से राज्य में नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं। इस अवसर पर बाड़मेर के प्रगतिशील किसान विक्रम सिंह राठौड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कृषि में तकनीकी नवाचारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया तथा राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन के संस्थापक ज्ञान सिंह राठौड़ ने अपने विचार रखते हुए राज्य में निवेश और साझेदारी की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। फिक्की कर्नाटक स्टेट काउंसिल के कृषि उपसमिति के अध्यक्ष एवं किसानक्राफ्ट लिमिटेड के सीएमडी रविंद्र अग्रवाल ने कहा “इस तरह के रोडशो उद्योग, सरकार और किसानों के बीच संवाद को सशक्त बनाते हैं। यह पहल एग्रीटेक निवेश और साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बेंगलुरु इनवेस्टर मीट के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उद्यमियों तथा इन्वेस्टर्स से वन ऑन वन मीटिंग भी की गई जिसमें उनके सुझाव और समस्याओं को सुनकर उनपर शीघ्र कार्य करने का संकल्प किया गया तथा उन्हें राजस्थान में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया गया।
बेंगलुरु इनवेस्टर मीट ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने राज्य को एग्रीटेक और कृषि निवेश के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। आगामी 23 से 25 मई को राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की व्यापक भागीदारी अपेक्षित है। इस आयोजन की पूर्व तैयारियों के तहत बेंगलुरु से पहले जयपुर और नई दिल्ली में सफलतापूर्वक इनवेस्टर मीट आयोजित किए जा चुके हैं।
इनवेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ के एमओयू में से अब तक 9 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर आ चुके हैं जिसमें आप सभी का बहुत बड़ा योगदान रहा है और इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए हम एक बार फिर आप सभी साझेदारों का स्वागत करते हैं कि वे इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनें।
कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा “राज्य सरकार नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचे और नवाचार को बढ़ावा देकर एग्रीटेक सेक्टर को मजबूत कर रही है, जिससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम 2026 की फिल्म के प्रदर्शन ने राज्य में कृषि और एग्रीटेक क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने कहा “राजस्थान में कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, जिनमें तकनीक का समावेश, मूल्य संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एग्रीटेक के माध्यम से राज्य में नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं। इस अवसर पर बाड़मेर के प्रगतिशील किसान विक्रम सिंह राठौड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कृषि में तकनीकी नवाचारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
राजस्थान फाउंडेशन, बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांडिया तथा राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन के संस्थापक ज्ञान सिंह राठौड़ ने अपने विचार रखते हुए राज्य में निवेश और साझेदारी की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। फिक्की कर्नाटक स्टेट काउंसिल के कृषि उपसमिति के अध्यक्ष एवं किसानक्राफ्ट लिमिटेड के सीएमडी रविंद्र अग्रवाल ने कहा “इस तरह के रोडशो उद्योग, सरकार और किसानों के बीच संवाद को सशक्त बनाते हैं। यह पहल एग्रीटेक निवेश और साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बेंगलुरु इनवेस्टर मीट के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उद्यमियों तथा इन्वेस्टर्स से वन ऑन वन मीटिंग भी की गई जिसमें उनके सुझाव और समस्याओं को सुनकर उनपर शीघ्र कार्य करने का संकल्प किया गया तथा उन्हें राजस्थान में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया गया।
बेंगलुरु इनवेस्टर मीट ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने राज्य को एग्रीटेक और कृषि निवेश के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। आगामी 23 से 25 मई को राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की व्यापक भागीदारी अपेक्षित है। इस आयोजन की पूर्व तैयारियों के तहत बेंगलुरु से पहले जयपुर और नई दिल्ली में सफलतापूर्वक इनवेस्टर मीट आयोजित किए जा चुके हैं।
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