सातों महाद्वीपों की भागीदारी के संग जीआईटीबी के रंग 26 अप्रैल को जय महल पैलेस में आयोजित होगा

० आशा पटेल ० 
जयपुर। उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पर्यटन विश्व पर्यटन का सिरमौर है। उन्होंने बताया कि वैश्विक अस्थिरताओं, बदलते ट्रैवल पैटर्न और अनुभव-आधारित पर्यटन की बढ़ती मांग के बीच राजस्थान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि 26 से 28 अप्रैल तक जयपुर में आयोजित हो रहा 15वां ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) इस बार अपने प्रतिनिधि देशों के कारण विशेष महत्व रखता है। दुनिया के सातों महाद्वीपों से 50 देशों के विदेशी टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन स्टेकहोल्डर्स का एक मंच पर जुटना इस बात का संकेत है कि राजस्थान अब केवल विरासत नहीं, बल्कि भरोसे, विविधता और अनुभव का वैश्विक स्थान बन चुका है।
दिया कुमारी ने बताया कि यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय और फैडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ( फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।पर्यटन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार का उद्घाटन 26 अप्रैल की शाम जय महल पैलेस में आयोजित किया जाएगा, जबकि 27–28 अप्रैल को बी2बी सत्र जेईसीसी सीतापुरा में होंगे।

उन्होंने बताया कि दो दिनों में 10,000 से अधिक पूर्व-निर्धारित बी2बी बैठकों के माध्यम से विदेशी खरीदार सीधे भारतीय प्रदर्शकों, हेरिटेज और लग्ज़री होटल संचालकों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों, वेलनेस, वाइल्डलाइफ, एडवेंचर और एमआईसीई ऑपरेटर्स से संवाद करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य केवल प्रचार नहीं, बल्कि दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करना है।

पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियार ने बताया कि राजस्थान में पर्यटन की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि लगातार 15 वर्षों से आयोजित हो रहा जीआईटीबी राजस्थान पर्यटन की विश्वसनीयता का प्रतीक बन चुका है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, विदेशी टूर ऑपरेटर्स का इस स्तर पर भाग लेना यह दर्शाता है कि वे राजस्थान को सुरक्षित, स्थिर और आकर्षक स्थान मानते हैं।

जीआईटीबी में एशिया से 13 देश भाग ले रहे हैं, जिनमें चीन, हांगकांग,जापान,दक्षिण कोरिया,इंडोनेशिया, मलेशिया,मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, सऊदी अरब, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम जैसे देश भाग ले रहे हैं। यूरोप से 19 देश अल्बानिया, बुल्गारिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड और यूनाइटेड किंगडम की उपस्थिति दर्ज होगी।

उत्तर अमेरिका से 4 देश कनाडा, कोस्टा रिका, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका; दक्षिण अमेरिका से 5 देश अर्जेंटीना, ब्राज़ील, चिली, कोलंबिया और पेरू; अफ्रीका से 3 देश मिस्र, केन्या और दक्षिण अफ्रीका; ओशिआनिया से 2 देश ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड; जबकि यूरोप–एशिया क्षेत्र से अज़रबैजान और रूस के प्रतिनिधि जयपुर पहुंचेंगे।

अब यह केवल किलों महलों और शाही विरासत तक सीमित नहीं रहा है; आस्था स्थल, मानसून की हरियाली,जीवित संस्कृति और अनुभव-आधारित पर्यटन ने प्रदेश को वैश्विक रूप में स्थापित किया है।आयोजन के बाद विदेशी प्रतिनिधियों के लिए जयपुर, सरिस्का, सवाई माधोपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, उदयपुर और देवगढ़ जैसे गंतव्यों के क्यूरेटेड फैम टूर भी प्रस्तावित हैं, ताकि वे राजस्थान को केवल प्रस्तुति में नहीं, अनुभव में जान सकें।

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