EPCH ने किया हाई प्वाइंट मार्केट,अमेरिका में 62वें दिल्ली मेला का वैश्विक प्रचार
० आशा पटेल ०
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने वाली एक प्रमुख संस्था है, जो लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को एक ब्रांड के तौर पर पहचान देने का काम करती है । ये कारीगर देश के अलग-अलग क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर, फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज जैसे उत्पाद बनाते हैं. ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 में भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रहा ।
नयी दिल्ली। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने आगामी 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला (ऑटम) 2026,13 से 17 अक्टूबर तक आईईएमएल, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला है, के लिए अपने वैश्विक प्रचार अभियान को और मजबूत करते हुए प्रतिष्ठित हाई प्वाइंट मार्केट, नॉर्थ कैरोलिना, अमेरिका में भाग लिया । यह मार्केट फर्नीचर और होम फर्निशिंग के क्षेत्र में विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र माना जाता है ।“सूट्स एट मार्केट स्क्वायर” में ईपीसीएच के बूथ का उद्घाटन डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच द्वारा बाइंग एजेंट्स प्रशांत वासुदेवन, शशांक खन्ना एवं अजय अब्रोल के साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच ने कहा, “हाई प्वाइंट मार्केट जैसे वैश्विक प्रतिष्ठित मंचों पर हमारी निरंतर भागीदारी भारत को उच्च गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए एक पसंदीदा सोर्सिंग के रूप में स्थापित करने के प्रति परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।
अमेरिका से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाती है और हमें अपने वैश्विक प्रचार प्रयासों को और तेज करने के लिए प्रेरित करती है। डॉ. खन्ना ने कहा, “हम हाई प्वाइंट मार्केट में भाग ले रहे अमेरिका के प्रमुख आयातकों और खरीदारों के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रहे हैं ।
प्रमुख आईएचजीएफ दिल्ली मेला अमेरिकी आयातकों के बीच एक विश्वसनीय सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी पहचान बना चुका है और कई आयातक इसे अपने वैश्विक सोर्सिंग कैलेंडर में नियमित रूप से शामिल करते हैं। राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “हाई प्वाइंट मार्केट में हमारी प्रचार रणनीति का उद्देश्य प्रमुख खरीदारों और आयातकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है।
केंद्रित आउटरीच और सतत ब्रांडिंग प्रयासों के माध्यम से हम आगामी आईएचजीएफ दिल्ली मेला (ऑटम) 2026 में खरीदारों की भागीदारी बढ़ाने तथा भारतीय हस्तशिल्प के वैश्विक विस्तार को और सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रहे हैं ।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने वाली एक प्रमुख संस्था है, जो लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को एक ब्रांड के तौर पर पहचान देने का काम करती है । ये कारीगर देश के अलग-अलग क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर, फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज जैसे उत्पाद बनाते हैं. ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 में भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रहा ।
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