भाजपा सरकार में चिकित्सा व्यवस्थायें रसातल में पहुॅंच गई,लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है : कांग्रेस
० संवाददाता द्वारा ०
जयपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना एवं आजीएचएस जैसी योजनायें लागू हुई थी जिसके तहत् कर्मचारियों को प्रदेश के निजी चिकित्सालयों में 25 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा था और कांग्रेस ने प्रदेश में राईट टू हैल्थ लागू करने की कवायद की थी, किन्तु आज दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार के शासन में चिकित्सा व्यवस्थायें रसातल में पहुॅंच गई, लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है, दवाईयां नहीं मिल रही है,
जयपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना एवं आजीएचएस जैसी योजनायें लागू हुई थी जिसके तहत् कर्मचारियों को प्रदेश के निजी चिकित्सालयों में 25 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा था और कांग्रेस ने प्रदेश में राईट टू हैल्थ लागू करने की कवायद की थी, किन्तु आज दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार के शासन में चिकित्सा व्यवस्थायें रसातल में पहुॅंच गई, लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है, दवाईयां नहीं मिल रही है,
सरकारी अस्पतालों में नकली इंजेक्शन लगाये जा रहे हैं, किन्तु सरकार में कोई जवाब देने वाला नहीं है, हमारी माताएं-बहनें जो प्रसुतायें हैं, अस्पताल में दम तोड़ रही हैं। कोटा में हमारी पॉंच बहनें प्रसुताओं की मौत हो गई, 6 गम्भीर रूप से बीमार हो गई हैं, जोधपुर में 2 गम्भीर रूप से बीमार हैं और 6 चिकित्सकीय लापरवाही से बीमारी जूझ रही हैं। इसी प्रकार बीकानेर में 6 महिलाओं का सही इलाज नहीं हुआ, दो की मृत्य हो गई,
आज भी परिजन उनका शव लेकर न्याय की उम्मीद में बैठे हैं, 6 की किडनी फेल हो गई और एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में आग लगने की घटना हुई थी, यह बताता है कि राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्थायें पूर्णतया ठप्प हो गई हैं और मुख्यमंत्री तथा चिकित्सा मंत्री ने संवेदनाओं के दो शब्द भी नहीं बोले और ना ही किसी पीडि़त से मिलने गये। उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयपुर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुये व्यक्त किये।
डोटासरा ने कहा कि इन दु:खद घटनाओं के पश्चात् चिकित्सा मंत्री जिस प्रकार बयान दे रहे हैं, वह उनकी और सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाने वाले हैं। चिकित्सा मंत्री का पूछना प्रसुतायें क्या नाचते हुये आई थी, तो उन्हें यह जानकारी होनी चाहिये थी कि बीमार व्यक्ति या किसी बहिन अगर बच्चा होने वाला है तो वे नाचते गाते नहीं आती हैं, बल्कि इलाज करवाने आती हैं। मंत्री का कथन कि आजकल की लड़किया लेबर पेन सहन नहीं कर सकती, इसलिये सीजेरियन करवाती है,
डोटासरा ने कहा कि इन दु:खद घटनाओं के पश्चात् चिकित्सा मंत्री जिस प्रकार बयान दे रहे हैं, वह उनकी और सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाने वाले हैं। चिकित्सा मंत्री का पूछना प्रसुतायें क्या नाचते हुये आई थी, तो उन्हें यह जानकारी होनी चाहिये थी कि बीमार व्यक्ति या किसी बहिन अगर बच्चा होने वाला है तो वे नाचते गाते नहीं आती हैं, बल्कि इलाज करवाने आती हैं। मंत्री का कथन कि आजकल की लड़किया लेबर पेन सहन नहीं कर सकती, इसलिये सीजेरियन करवाती है,
हम सक्षम नहीं है, इसका अर्थ यह है कि चिकित्सा मंत्री पूछ रहे हैं कि ऑपरेशन क्यों करवाती हैं, जबकि यह एक चिकित्सकीय जरूरत है और ऑपरेशन किसका होना, यह मंत्री को तय करना नहीं होता, बल्कि चिकित्सक जो इलाज कर रहे हैं उन्हें निर्णय लेना होता है। कांग्रेस पार्टी ने आमजन के साथ मिलकर 8-10 दिन तक कोटा में सरकार की इस चलक चिकित्सा व्यवस्था के विरूद्ध धरना-प्रदर्शन किया गया, लेकिन पीडि़त परिवार को ना कोई मुआवजा दिया गया,
ना कोई नौकरी की घोषणा कर परिवार को सरकार ने राहत दी है। यही हाल जोधपुर का है और बीकानेर में आज भी चिकित्सा व्यवस्थाओं को ठीक करन की मॉंग को लेकर धरना-प्रदर्शन चल रहा है और मृतक के शव को लेकर लोग न्याय मांगने के लिये बैठे है, किन्तु सरकार के कान में इतना कुछ होने के बावजूद भी जूं तक नहीं रेंग रही है। यह गम्भीर एवं शर्मनाक है कि सरकार के संरक्षण में चिकित्सा विभाग में भ्रष्टाचार हो रह है और सी सेक्शन सर्जरी के बाद प्रसुताओं की मौत हो रही है।
प्रदेश में कफ सिरप से मौते हुई, सरकार के कोई फर्क नहीं पड़ा, प्रसुताओं की मौतें हो गई, सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा, दु:ख का विषय है कि कोटा, जोधपुर, बीकानेर में दु:खद हादसे हो गयेे किन्तु रिपोर्ट नहीं आई। कांग्रेस पार्टी इस अतिसंवेदशील मुद्दे पर प्रदेवासियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जल्द ही बीकानेर पहुॅंचकर सरकार को चेताने का काम करेंगे। बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पिछले दो-ढाई वर्ष से अव्यवस्थायें सभी की जानकारी में है,
किन्तु प्रश्र यह है कि राजस्थान में नकली दवा और नकली इंजेक्शन आते कहॉं से है, जो ऑक्सीटोसिल इंजेक्शन जिसके कारण प्रसुताओं की मौत हुई और किडनी फेल हो गई, उस पर अभी तक सरकार ने रोक लगाने अथवा अन्य कार्यवाही की है क्या? कांग्रेस शासन में नि:शुल्क दवा दी जाती थी, वह तो बंद हो गई, किन्तु मरीजों को नकली दवाईयां कैसे दी जा रही है, यह जवाबदेही सरकार की है। आरजीएचएस में कोई भी निजी अस्पताल इलाज नहीं कर रहा है
क्योंकि सरकार से भुगतान प्राप्त नहीं हो रहा है, बल्कि अस्पतालों पर भी आरोप सरकार लगा रही है, जबकि होना यह चाहिये कि यदि कोई कमी या गड़बड़ी है तो उसे दूर किया जाये, मॉनिटरिंग दूरूस्त की जाये ना कि योजना ठप्प की जाये। सरकार को जिम्मेदारी से काम करना चाहिये, लोगों को ईलाज के अभाव में मरने के लिये छोड़ दिया गया है, ना दवा दी जा रही है, ना सही ईलाज मिल रहा है, बल्कि पीडि़तों का उपहास उड़ाया जा रहा है।
आज प्रदेशवासी लचर चिकित्सा व्यवस्था के कारण ना सिर्फ परेशान है, बल्कि आमजन में इसको लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आमजन को साथ लेते हुये शीघ्र बड़ा आन्दोलन शुरू करेगी क्योंकि यह आमजन के जीवन से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण मुद्दा है और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि आमजन की दु:ख-तकलीफो को दूर करने के लिये कार्य करें।
डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में आज दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर जिस प्रकार सरकार द्वारा आस्था के केन्द्रों, मंदिरों, मस्जिदों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही हैै, यह तरीका गलत है। सरकार द्वारा मंदिरों और मस्जिदों को निशाना बनाकर लोगों की आस्था पर प्रहान करने का कार्य किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का मत है कि अन्तर्राष्ट्रीय सीमा सुरक्षित एवं साफ होनी चाहिये, इसके लिये सभी को विश्वास में लेकर पारदर्शिता के साथ कार्यवाही होनी चाहिये।
डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में आज दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर जिस प्रकार सरकार द्वारा आस्था के केन्द्रों, मंदिरों, मस्जिदों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही हैै, यह तरीका गलत है। सरकार द्वारा मंदिरों और मस्जिदों को निशाना बनाकर लोगों की आस्था पर प्रहान करने का कार्य किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का मत है कि अन्तर्राष्ट्रीय सीमा सुरक्षित एवं साफ होनी चाहिये, इसके लिये सभी को विश्वास में लेकर पारदर्शिता के साथ कार्यवाही होनी चाहिये।
पारदर्शिता के साथ कार्यवाही करने पर सभी साथ हैं, किन्तु राजनैतिक एजेण्डे के तहत् यह कार्यवाही करना उचित नहीं है। आम लोगों को, प्रभावितों को समझाईश कर कार्यवाही करना ही उचित है, किन्तु राजनैतिक एजेण्डे को आगे बढ़ाने के लिये आस्था के केन्द्र धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर कार्यवाही करना उचित नहीं है। सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सभी लोग सरकार के साथ हैं।
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