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जून 23, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ईशा फाउंडेशन व सृजन फाउंडेशन ने किया योग सत्र आयोजित

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० आशा पटेल ०  जयपुर।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सृजन फाउंडेशन एवं ईशा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शिव सरोवर पैलेस में एक योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में फाउंडेशन से जुड़े लगभग 30 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीधारी निभाई। इस योग सत्र का समन्वयन सृजन फाउंडेशन की कार्यक्रम समन्वयक सृष्टि शर्मा ने स्वयंसेवकों राघव एवं लोचन के सहयोग से किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक एवं वेलनेस विशेषज्ञ श्रीमती वंदना ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया साथ ही वंदना ने योग और ध्यान के कई लाभ से भी परिचित करवाया। इस अवसर पर ईशा फाउंडेशन के अरमान ने ध्यान सत्र का संचालन करते हुए मानसिक शांति एवं एकाग्रता के महत्व पर प्रकाश डाला और साथ ही उसके कई लाभ भी बताए। कार्यक्रम में सृजन फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष तथा काउंसलर मनोवैज्ञानिक , कवियत्री, रैकी मास्टर,एडवोकेट इंदु तोमर ने कहा कि योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की आधारशिला है तथा सभी को उन्होंने नियमित रूप से हर रोज़ प्रातः काल में योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

CMA जयपुर चैप्टर की नई कार्यकारिणी ने राज्यपाल से की भेंट

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० आशा पटेल ०  जयपुर। दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के जयपुर चैप्टर की नव-गठित प्रबंधन समिति और एनआईआरसी के चेयरमैन सीएमए राकेश यादव ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागड़े से राजभवन में एक शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात जयपुर चैप्टर की नई कार्यकारिणी के गठन के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के साथ देश के औद्योगिक और सामाजिक विकास में कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।  एनआईआरसी चेयरमैन सीएमए राकेश यादव और जयपुर चैप्टर के चेयरमैन सीएमए दीप्तांशु पारीक ने विभिन्न उद्योगों और समाज कल्याण योजनाओं में वित्तीय पारदर्शिता और लागत प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कैसे कुशल प्रबंधन के जरिए उद्योगों को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, सीएमए पूर्णिमा और सीएमए हरेंद्र कुमार ने युवाओं के लिए कॉस्ट अकाउंटेंसी के क्षेत्र में उभरते नए अवसरों और कार्यक्षेत्रों की संभावनाओं से राज्यपाल को अवगत कराया।  उन्होंने विशेष रूप से सहकारिता क्षेत्र, सरकारी विभागों और...

जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स बनेगा रत्नों के व्यापार में वैश्विक बदलाव का केंद्र

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० आशा पटेल ०  जयपुर, जयपुर के ज्वेलर्स में ख़ुशी की लहर दरअसल वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्नों की मांग बढ़ रही है, ऐसे में इस उद्योग से जुड़ी हस्तियां जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स (जेजीजेबी) परियोजना को परिवर्तनकारी पहल मान रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगीन रत्नों के कारोबार, सोर्सिंग और वितरण के भविष्य को नया स्वरूप मिल सकता है। सीआईबीजेओ द वर्ल्ड ज्वेलरी कन्फेडरेशन के अध्यक्ष गेटानो कैवेलियरी, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के चेयरमैन और सीआईबीजेओ के उपाध्यक्ष, प्रमोद अग्रवाल के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से चर्चा हेतु मिले। यह चर्चा, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की उस परिवर्तनकारी भूमिका पर केंद्रित थी, जो जयपुर को रंगीन रत्नों की वैश्विक राजधानी के रूप में मज़बूती प्रदान करेगी। इस बैठक के दौरान कैवेलियरी ने जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स को आगे बढ़ाने में उनके दृष्टिकोण और समर्थन के लिए मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इस परियोजना से पारदर्शी, संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परस्पर संबद्ध बाज़ार तैयार होगा जिससे वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्न उद्योग को ल...

दिल्ली में भूगर्भ जल का भयंकर संकट

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0 ज्ञानेन्द्र रावत 0 देश में भूजल के बेतहाशा दोहन के चलते भूजल स्तर इतना नीचे चला गया है जो न केवल गहराते जल संकट को जन्म दे रहा है, पर्यावरणीय-पारिस्थितिक तंत्र को भी असंतुलित कर रहा है बल्कि भूवैज्ञानिक असंतुलन का भी कारण बन रहा है। सच तो यह है कि भारत में भूजल दोहन की स्थिति काफी भयावह है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की बढ़ती मांग और बढती जनसंख्या के कारण भूजल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है।  देश में कुल सालाना भूजल निकासी लगभग 245-246 बिलियन क्यूबिक मीटर यानी बीसीएस है जो दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। इससे देश की 80 फीसदी पेयजल जरूरतों और लगभग 64 फीसदी सिंचाई की जरूरत पूरी होती है। देश में 267 जिलों में भूजल दोहन का स्तर 64 से लेकर 385 फीसदी है। संसद की लोक लेखा समिति ने केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह राज्यों से भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकने और भूजल संसाधनों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने को कहे। हकीकत यह है कि देश के हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली के कई इलाके गंभीर स्थिति का सामना करत...