कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना राज्य सरकार का दायित्व है : कांग्रेस
० संवाददाता द्वारा ०
जयपुर। एप्सटीन फाईल आने के बाद देश के प्रधानमंत्री का अमेरिका के सामने सरेण्डर होना पूरे विश्व में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। एप्सटीन फाईल में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प का नाम है, हमारे देश में रहने वाले ट्रम्प के मित्रों के भी नाम बताये जा रहे हैं। इन परिस्थितियों में इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिये अमेरिका ने इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़वा दिया है और खाड़ी देशों में 11 दिन से अधिक समय तक युद्ध चलने के कारण हमारे देश में एलपीजी गैस सहित कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है
जयपुर। एप्सटीन फाईल आने के बाद देश के प्रधानमंत्री का अमेरिका के सामने सरेण्डर होना पूरे विश्व में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। एप्सटीन फाईल में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प का नाम है, हमारे देश में रहने वाले ट्रम्प के मित्रों के भी नाम बताये जा रहे हैं। इन परिस्थितियों में इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिये अमेरिका ने इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़वा दिया है और खाड़ी देशों में 11 दिन से अधिक समय तक युद्ध चलने के कारण हमारे देश में एलपीजी गैस सहित कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है
जिस कारण एलपीजी गैस सिलेण्डर की बुकिंग नहीं हो रही है, व्यवसायिक सिलेण्डर की आपूर्ति व सप्लाई बंद की जा चुकी है, घरेलू गैस सिलेण्डर की कीमत 60 रूपये बढ़ा दी गई है, व्यवसायिक सिलेण्डर की कीमत 115 से अधिक कीमत बढ़ चुकी है और कॉमर्शियल सिलेण्डर 1950 पहुॅंच गई है। लेकिन कीमत बढऩे के बावजूद लोगों को गैस सिलेण्डर नहीं मिल रहे हैं। उक्त विचार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयपुर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुये व्यक्त किये।
डोटासरा ने कहा कि जिस प्रकार नोटबंदी के पश्चात् मोदी सरकार ने लोगों को लाईन में खड़ा किया, उसके बाद कोरोना में दवाईयों व वैक्सीन के लिये लोगों को लाईन में लगाया गया और तो और शमशान में भी अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिये लोग एक-एक दो-दो दिन में लाईन में लगे और अब गैस सिलेण्डर के लिये देश और प्रदेश के लोग लाईन में खड़े हैं, ऐसी दुर्गती मोदी सरकार ने देश में कर दी है।
स्कूली बच्चे अपनी शिक्षा के लिये जिन बसों से जाते थे उनकी सीएनजी की सप्लाई बंद होने से शिक्षा ठप्प हो रही है। पूरा देश कतार में लग रहा है, हर गैस एजेंसी के बाहर हमारी माता, बहिनें और बुजुर्ग सिलेण्डर लेने की लाईन में लगे हुये हैं। ऑनलाईन बुकिंग बंद हो गई, कालाबाजारी बढ़ गई है, होटल, इण्डस्ट्री में पर्यटकों की बुकिंग 40 प्रतिशत तक की घट गई है, शादियों में आमंत्रित महमानों की संख्या में लोग कटौती कर रहे हैं, होटलों में,
समारोह में मिलने वाले खाने की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है, रेस्टोरेंट, हॉस्टल की मैस, कॉलेज के केंटीन में गैस आपूर्ति कम हो गई है और पर्यटकों से लेकर छात्र तक परेशान हो रहे हैं। जो छात्र जयपुर, सीकर, कोटा इत्यादि शहरों में बाहर से पढऩे आये हैं, कोचिंग ले रहे हैं, वे परेशान हैं, क्योंकि सिलेण्डर की आपूर्ति नहीं होने के कारण उनके लिये मैस, ढाबे व केंटीन में भोजन का संकट खड़ा हो गया है। अभी तक जैसे-तैसे लोगों ने मजबूरी में काम चला लिया है किन्तु सरकार ने इस समस्या के निदान पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो या तो विवाह केंसिल हो जायेंगे अथवा बिना भोजन के ही अतिथियों को जाना पड़ेगा।
होटल, रेस्टोरेंट, केंटीन बंद हो जायेंगे। इस समस्या के निदान पर ध्यान देने की बजाए सरकार झूठे वक्तव्य दे रही है, जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है और प्रदेश के खाद्य आपूर्ति मंत्री ने जो बयान दिया है कि गैस की आपूर्ति करना प्रदेश सरकार का नहीं केन्द्र सरकार का कार्य है, निन्दनीय है। राजस्थान सरकार को केवल मॉनिटरिंग नहीं करनी, बल्कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना भी राज्य सरकार का दायित्व है जिसकी अनदेखी राज्य सरकार कर रही है
और लोगों को कालाबाजारी के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय का महत्वपूर्ण स्थान है किन्तु वर्तमान परिस्थितियों के कारण पर्यटकों ने प्रदेश में आना कम कर दिया है और बुकिंग केंसिल करवा रहे हैं। होटल-इण्डस्ट्री को घाटा उठाना पड़ रहा है, जो विदेशी और देशी पर्यटक प्रदेश में आ रहे थे, उन्हें चिंता हो रही है कि क्या राजस्थान रूकने पर खाने के लिये भोजन मिल पायेगा। किसान भी आज तकलीफ में है, क्योंकि 60 हजार टन बासमती चावल का निर्यात रूका हुआ है और गेहूॅं का निर्यात भी वर्तमान परिस्थितियों में बाधित हो गया है।
हवाई यात्रा पर प्रति टिकिट 300-400 रूपये की कीमत बढ़ चुकी है और खाड़ी देशों से जो यात्री भारत आना चाहते हैं उनके टिकिट 20000 रूपये की बजाये एक लाख से ऊपर हो गये हैं। एलपीजी आपूर्ति के संकट के समय राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। ग्यारह दिन बाद मुख्यमंत्री नींद से जागे और उन्होंने केवल यह कहा कि कोई कालाबाजारी करेगा तो कम्पनी के खिलाफ सरकार कार्यवाही करेगी,
जबकि को प्रदेशवासियों को यह आश्वस्त करना चाहिये था कि राजस्थान में डबल इंजन की सरकार है और वे प्रधानमंत्री तथा एप्सटीन के मित्र केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी से बात कर प्रदेश को निर्बाध रूप से एलपीजी गैस सिलेण्डर की सप्लाई करवायेंगे, किसी को कमी नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिस प्रकार प्रधानमंत्री 15 दिन तक सोशल मीडिया से गायब हो गये थे, उसी प्रकार अब संसद और सदन सभी जगह से गायब हैं।
गैस की कमी के कारण प्रदेश के अनेक उद्योगों पर संकट खड़ा हो गया है, कपड़ा उद्योग, सिरेनिक हैण्डीक्राफ्ट, सरिया, पर्यटन, सीमेंट, फर्टीलाईजर जैसे उद्योगों में उत्पादन में भारी गिरावट आई है और यदि समय पर एलपीजी आपूर्ति नहीं की गई तो यह व्यवसाय ठप्प हो जायेंगे। जयपुर जिले में ही बोरोसिल फैक्ट्री बंद होने से तीन हजार मजदूर बेरोजगार हो गये हैं। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का भी संकट हो सकता है, किन्तु राजस्थान में रिफाईनरी बन चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री इसे प्रारम्भ करने का समय नहीं दे रहे हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में पर्ची बदलना चाहते हैं और उसके पश्चात् रिफाईनरी शुरू होगी, लेकिन प्रदेश के हित में रिफाईनरी तुरंत शुरू होनी चाहिये, सरकार के लिये पर्ची कभी भी बदले या ना बदले, लेकिन प्रदेश को इस संकट से निकालने के लिये रिफाईनरी तुरंत प्रभाव से प्रारम्भ होनी चाहिये। सरकार को इस समय जो लोग बेरोजगार हुये हैं, उन्हें राहत के लिये पैकेज देना चाहिये, जिन उद्योगों के व्यवसाय पर संकट खड़ा हुआ है उन्हें राहत देनी चाहिये, बिजली के बिलों में छूट देनी चाहिये।
जिनके परिवार में विवाह है उन्हें अविलम्ब व्यवसायिक गैस सिलेण्डर उपलब्ध करवाना चाहिये। अभी गत् दिनों में मुख्यमंत्री कोटा में भाषण देते हुये कह रहे थे कि कोटा में हवाई अड्डा बन जाने से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को कोटा की कचौरी गर्म दिल्ली में ही मिल जायेगी, लेकिन गैस की किल्लत के कारण कचौरी कोटा में भी मिलना मुश्किल है और मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी होना असम्भव हो गई है। प्रदेश में गैस की किल्लत ने संकट का रूप ले लिया है, कालाबाजारी बढ़ रही है,
गैस कम्पनियों के बाहर पुलिस को जोर आजमाईश करनी पड़ रही है, अधिकारी भ्रष्टाचार की चांदी कूट रहे हैं, प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है, राज्य सरकार कान में रूई डालकर बैठी हुई है और विपक्ष अपना दायित्व निभाते हुये सरकार को नींद से जगाने का कार्य कर रहा है। सरकार की विफलताओं के विरोध में सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को जिला मुख्यालयों पर भाजपा सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन करने के लिये निर्देशित किया गया है, इसके पश्चात् ब्लॉक, मण्डल स्तर पर प्रदर्शन होंगे और प्रदेश स्तर का भी व्यापक आन्दोलन राजधानी से प्रारम्भ कांग्रेस पार्टी द्वारा किया जायेगा।
सरकार अपना दायित्व निभाने में पूर्णतया विफल रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों का उत्पादन तो घट ही गया है लेकिन चिंता विषय यह है कि जीवन रक्षक दवाई बनाने वाली कम्पनियों ने भी गैस सप्लाई की कमी को देखते हुये अपने उत्पादन को घटा दिया है, मौसमी बीमारियां फैल रही है, ऐसे में दवाई और गैस की कमी से प्रदेश के नागरिकों को संकट का सामना करना पड़ेगा। फर्टीलाईजर का उत्पादन भी घट रहा है जिसके दुष्प्रभाव व दूरगामी परिणाम फसल की कमी के रूप में देखने को मिलेंगे।
राजस्थान की सरकार प्रदेशवासियों के हितों का संरक्षण करने में पूर्णतया विफल रही है और हर क्षेत्र में यह सरकार विफल हो गई है, इस सरकार के विरूद्ध कांगे्रस पार्टी प्रदेशभर में नागरिकों के हितों के संरक्षण के लिये हर सम्भव संघर्ष करेगी। सडक़ से सदन तक कांग्रेस मजबूती के साथ लड़ाई लड़ते हुये विपक्ष की भूमिका मजबूती के साथ निभायेगी।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा में सरकार ने आश्वस्त किया था कि प्रदेश में रसाई गैस की कोई किल्लत नहीं है और चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, किन्तु सरकार ने ही अपने कार्यों से प्रदेश में पैनिक व चिंता को जन्म दिया है। सर्वप्रथम सरकार ने रसाई गैस सिलेण्डर के दामों में 60 रूपये की वृद्धि की, कॉमर्शियल गैस सिलेण्डर के दाम भी बढ़ा दिये और व्यवसायिक सिलेण्डर की आपूर्ति रोक दी, इसी से प्रदेश में नागरिकों के बीच चिंता बढ़ी है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा में सरकार ने आश्वस्त किया था कि प्रदेश में रसाई गैस की कोई किल्लत नहीं है और चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, किन्तु सरकार ने ही अपने कार्यों से प्रदेश में पैनिक व चिंता को जन्म दिया है। सर्वप्रथम सरकार ने रसाई गैस सिलेण्डर के दामों में 60 रूपये की वृद्धि की, कॉमर्शियल गैस सिलेण्डर के दाम भी बढ़ा दिये और व्यवसायिक सिलेण्डर की आपूर्ति रोक दी, इसी से प्रदेश में नागरिकों के बीच चिंता बढ़ी है।
जब देश में गैस सिलेण्डर की कीमत 850 रूपये से अधिक थी तो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 500 रूपये में उज्जवला लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर दिये थे और भाजपा सरकार के शासन में लागत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में 600 रूपये रह गई थी तो उसका लाभ भाजपा सरकार ने जनता को क्यों नहीं दिया, अब जरा सा संकट आते ही 60 रूपये कीमत बढ़ाकर मंहगाई का बोझ जनता पर डाल दिया है। सरकार से उन्होंने मांग की कि सरकार एक श्वेत पत्र जारी कर आमजनता को सूचना दे कि कितने गैस के सिलेण्डर सरकार के पास है और कितनी डिमाण्ड है,
इसकी जानकारी सार्वजनिक हो। यदि कोई कमी नहीं है तो फिर सरकार ने ही लोगों के बीच चिंता और पैनिक को क्यों प्रारम्भ किया, 60 रूपये बढ़ाकर व कॉमर्शिलय गैस सिलेण्डर की आपूर्ति रोक कर। प्रदेश के होटल, ढाबे, केंटीन, कपड़ा व पर्यटन उद्योग सहित अन्य व्यवसायों पर गैस आपूर्ति की कमी के कारण विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और ये बंद होने की कगार पर आ गये हैं, इनके बंद होने से जिनके रोजगार समाप्त होंगे उसके लिये सरकार की क्या कार्य योजना है, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिये। राज्य सरकार कह रही है कि गैस की आपूर्ति केन्द्र सरकार का काम है, तो ऐसे में डबल इंजन की सरकार होने का क्या औचित्य है,
वह दूसरा इंजन कब काम आयेगा। केन्द्र सरकार को राजस्थान की सरकार की मदद डबल इंजन होने के नाते करनी चाहिये। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिगड़ी युग की वापसी करना चाहते हैं, आने वाले समय में भाजपा के नेता और प्रवक्ता चूल्हे पर खाना बनाने के फायदे गिनाने लग जायेंगे। प्रदेश में लकड़ी और कोयले की डिमाण्ड 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है।
सिलेण्डरों की कालाबाजारी हो रही है, इन्हें रोकने में सरकार पूर्णतया विफल है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोरोना काल में आक्सीजन को लेकर प्रदेश के साथ केन्द्र ने दोहरा व्यवहार किया था, उसी प्रकार से अब सौतेला व्यवहार गैस की आपूर्ति के समय किया जा रहा है जिसका पुरजोर विरोध कांग्रेस पार्टी आमजन के बीच जाकर करेगी।
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