भारत एक दर्जन से अधिक देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी पर बातचीत कर रहा है : पीयूष गोयल
० आनंद चौधरी ०
नयी दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्लू) द्वारा आयोजित 'क्लाइमेट रेजिलिएंस एनालिटिक्स एंड विजुअलाइजेशन इंटेलिजेंस सिस्टम' क्रेविस (CRAVIS) को जारी करने के अवसर पर कहा, "कॉरपोरेट बोर्डरूम को जलवायु जोखिमों को अपने मुख्य निर्णयों में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए।सीईईडब्ल्यू का बनाया क्रेविस प्लेटफॉर्म इस बात में व्यापक बदलाव ला सकता है कि लगातार गर्म होती दुनिया में भारत अपनी योजनाएं कैसे बनाए। पीयूष गोयल ने भारत के जलवायु नेतृत्व, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और वैश्विक आर्थिक भागीदारी पर चर्चा करते हुए कहा, भारत एक दर्जन से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी पर बातचीत कर रहा है।
नयी दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्लू) द्वारा आयोजित 'क्लाइमेट रेजिलिएंस एनालिटिक्स एंड विजुअलाइजेशन इंटेलिजेंस सिस्टम' क्रेविस (CRAVIS) को जारी करने के अवसर पर कहा, "कॉरपोरेट बोर्डरूम को जलवायु जोखिमों को अपने मुख्य निर्णयों में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए।सीईईडब्ल्यू का बनाया क्रेविस प्लेटफॉर्म इस बात में व्यापक बदलाव ला सकता है कि लगातार गर्म होती दुनिया में भारत अपनी योजनाएं कैसे बनाए। पीयूष गोयल ने भारत के जलवायु नेतृत्व, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और वैश्विक आर्थिक भागीदारी पर चर्चा करते हुए कहा, भारत एक दर्जन से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी पर बातचीत कर रहा है।
भारत सरकार जलवायु कार्रवाई के लिए अपना पूर्ण समर्थन देगी। जलवायु लक्ष्यों में शीर्ष जी20 प्रदर्शनकर्ताओं में भारत शामिल हैं। नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य 8 साल पहले ही हासिल कर लिए गए हैं। 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में भारत में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई को मजबूरी से बदलकर आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रस्ताव के रूप में देखा जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि विकसित देशों द्वारा वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के बावजूद भारत ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और विकास को बनाए रखते हुए जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां रोजगार सृजन, आर्थिक गतिविधि और पूंजीगत वस्तुओं, बिजली, प्रौद्योगिकी और सेवाओं के क्षेत्र में भविष्य की निर्यात क्षमता में योगदान दे रही हैं।
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