ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और परस्पर संवाद महत्वपूर्ण है : राज्यपाल

० आशा पटेल ० 
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोकभवन में "आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम" के अंतर्गत ओडिसा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड आदि प्रांतों से आए आदिवासी युवा प्रतिभागियों से संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और परस्पर विचार विनिमय की दृष्टि से युवा आदान प्रदान कार्यक्रम महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आदिवासी युवाओं को उच्च शिक्षा के बाद उच्च सेवाओं में जाने के लिए परीक्षाएं देने और सफल होने का आह्वान किया। आदिवासी युवा मन बनाकर उच्च शिक्षा, व्यवसाय और उच्च सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के प्रयास करें। इसी से आदिवासी समाज तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
बागडे ने युवाओं को नशे और व्यसन से दूर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को अशक्त करता है। इससे शारीरिक और मानसिक क्षमता का नाश होता है। उन्होंने भारत की संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम संस्कृति बताते हुए कहा कि विविधता होते हुए भी हमारी श्रद्धा और भक्ति एक है। भारत की संस्कृति मनों को जोड़ने वाली है।
 भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से प्रायोजित इस युवा आदान प्रदान कार्यक्रम के बिहार, झारखंड और ओडिसा के प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी सुनाए। युवाओं ने आदिवासी संस्कृति से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। राज्यपाल ने आदिवासी संस्कृति के श्रेष्ठ कार्यक्रम देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।

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