जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स बनेगा रत्नों के व्यापार में वैश्विक बदलाव का केंद्र
जयपुर, जयपुर के ज्वेलर्स में ख़ुशी की लहर दरअसल वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्नों की मांग बढ़ रही है, ऐसे में इस उद्योग से जुड़ी हस्तियां जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स (जेजीजेबी) परियोजना को परिवर्तनकारी पहल मान रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगीन रत्नों के कारोबार, सोर्सिंग और वितरण के भविष्य को नया स्वरूप मिल सकता है।सीआईबीजेओ द वर्ल्ड ज्वेलरी कन्फेडरेशन के अध्यक्ष गेटानो कैवेलियरी, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के चेयरमैन और सीआईबीजेओ के उपाध्यक्ष, प्रमोद अग्रवाल के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से चर्चा हेतु मिले। यह चर्चा, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की उस परिवर्तनकारी भूमिका पर केंद्रित थी, जो जयपुर को रंगीन रत्नों की वैश्विक राजधानी के रूप में मज़बूती प्रदान करेगी।इस बैठक के दौरान कैवेलियरी ने जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स को आगे बढ़ाने में उनके दृष्टिकोण और समर्थन के लिए मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इस परियोजना से पारदर्शी, संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परस्पर संबद्ध बाज़ार तैयार होगा जिससे वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्न उद्योग को लाभ होगा।
इस परियोजना के पीछे राजस्थान सरकार का सक्रिय समर्थन रहा है, जिसकी इसकी स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका रही। आरआईआईसीओ के ज़रिए ज़मीन के आवंटन, और राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (आरआईपीएस) के तहत लगातार जुड़ाव से राजस्थान को प्रमुख वैश्विक आभूषण और रत्न गंतव्य बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता ज़ाहिर होती है।
जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के चेयरमैन और सीआईबीजेओ के उपाध्यक्ष, प्रमोद अग्रवाल ने राजस्थान सरकार का आभार जताते हुए कहा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ हमारी बैठक से जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के लिए राजस्थान सरकार का समर्थन रेखांकित होता है। मुख्यमंत्री ने हमें इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा, नीतिगत समर्थन, कौशल संबंधी पहल और निवेश परितंत्र प्रदान करने के लिए सरकार के आवश्यक समर्थन के प्रति आश्वस्त किया।
सीआईबीजेओ के अध्यक्ष, गेटानो कैवेलियरी ने इस पहल को दुनिया भर में अहमियत देने वाला और बाज़ार की बदलती स्थिति के लिए सही समय पर उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा "बाज़ार में रंगीन रत्नों, विशेष रूप से अच्छी गुणवत्ता वाले रत्नों की मांग बढ़ रही है, और जयपुर हमेशा से रंगीन रत्नों के कारोबार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक रहा है। जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना इस बढ़ती मांग को सीधे तौर पर पूरा करेगी, जिससे एक संगठित, पारदर्शी और ज़िम्मेदार व्यापारिक माहौल तैयार होगा।
कैवेलियरी ने कहा "यह केवल भारत से संबंधित संस्था ही नहीं होगी। यह जयपुर और भारत के ज़रिये विश्व भर के लिए महत्वपूर्ण संस्था होगी। बोर्स में एक ही परितंत्र में व्यापार, सेवा, स्थिरता और ट्रेसिएबिलिटी (स्रोत अनुगम्यता) को शामिल कर वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्न उद्योग के लिए उल्लेखनीय संस्था बनने की क्षमता है। कैवेलियरी ने कहा कि बोर्स ज़िम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं, पारदर्शिता, वहनीयता और ट्रेसेबिलिटी को बढ़ावा देकर आपूर्ति श्रृंखला में विश्वास बढ़ाएगा। ये विशिष्टताएं दुनिया भर में उपभोक्ताओं, ब्रांडों और खुदरा विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण होती जा रही है।
उद्योग जगत की हस्तियों का मानना है कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, आभूषण निर्माताओं, लग्ज़री ब्रांडों और रत्न व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी, जो संगठित बाज़ार के ज़रिये उच्च गुणवत्ता वाले रंगीन रत्नों तक अच्छी पहुंच चाहते हैं। सेवाओं और बुनियादी ढांचे के जुड़ने से व्यावसायिक दक्षता में सुधार, व्यापार में तेज़ी लाने और वैश्विक उद्योग में अधिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना, विशेष रूप से रंगीन रत्नों और रंगीन रत्न-जड़ित आभूषणों के लिए विश्व के पहले समर्पित एक्सचेंज के तौर पर की जा रही है। नियोजित सुविधाओं में 1,650 से अधिक व्यापारिक कार्यालय और कियोस्क, सीमा शुल्क सुविधा, रत्न-परीक्षण प्रयोगशालाएं, नीलामी सुविधाएं और व्यापार सहायता सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला शामिल हैं।
रंगीन रत्नों की वैश्विक राजधानी के रूप में, जयपुर वैश्विक रत्न उद्योग में विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए विशिष्ट स्थिति में है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय समर्थन और उद्योग हितधारकों के बीच साझा दृष्टिकोण के साथ, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के रंगीन रत्नों की सोर्सिंग, व्यापार, नवोन्मेष, शिक्षा और उद्योग सहयोग के लिए विश्व के अग्रणी गंतव्य के रूप में उभरने की उम्मीद है।
जीजेईपीसी और ज्वेलर्स एसोसिएशन जयपुर (जेएजे) द्वारा संयुक्त रूप से प्रवर्तित इस जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना से रोज़गार के लगभग 60,000 अतिरिक्त अवसर पैदा होने और अत्याधुनिक परितंत्र तैयार होने उम्मीद है, जिससे जयपुर की सदियों पुराना रत्न शिल्प कौशल, आधुनिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यावसायिक मानकों के साथ जुड़ सकेगा।
इस परियोजना के पीछे राजस्थान सरकार का सक्रिय समर्थन रहा है, जिसकी इसकी स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका रही। आरआईआईसीओ के ज़रिए ज़मीन के आवंटन, और राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (आरआईपीएस) के तहत लगातार जुड़ाव से राजस्थान को प्रमुख वैश्विक आभूषण और रत्न गंतव्य बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता ज़ाहिर होती है।
जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के चेयरमैन और सीआईबीजेओ के उपाध्यक्ष, प्रमोद अग्रवाल ने राजस्थान सरकार का आभार जताते हुए कहा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ हमारी बैठक से जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के लिए राजस्थान सरकार का समर्थन रेखांकित होता है। मुख्यमंत्री ने हमें इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा, नीतिगत समर्थन, कौशल संबंधी पहल और निवेश परितंत्र प्रदान करने के लिए सरकार के आवश्यक समर्थन के प्रति आश्वस्त किया।
इससे उद्योग इस विश्व स्तरीय केंद्र के निर्माण का भरोसा मिला, जो रंगीन रत्नों की वैश्विक राजधानी के तौर पर जयपुर की स्थिति को मज़बूती प्रदान करेगा। प्रमोद अग्रवाल ने कहा, "उद्योग, सरकार और वैश्विक संबद्ध पक्ष के बीच मज़बूत गठजोड़ के ज़रिए, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स में रत्नों की मूल्य श्रृंखला में कारोबार के विस्तार, निवेश, नवोन्मेष, रोज़गार और सतत वृद्धि के लिए उत्प्रेरक बनने की क्षमता है।
जयपुर का वैश्विक स्तर पर रत्नों की मूल्य श्रृंखला में विशिष्ट स्थान है, जहां भारी मात्रा में रंगीन रत्नों का प्रसंस्करण और वैश्विक कारोबार होता है। यह बोर्स विनिर्माताओं, कारोबारियों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, सोर्सिंग कार्यालयों, प्रयोगशालाओं, लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं, नीलामी सुविधाओं, टेक्नोलॉजी भागीदारों और समर्थक सेवाओं को एक ही विश्व-स्तरीय प्लेटफॉर्म पर साथ लाकर इस नेतृत्व को और बेहतर बनाना चाहता है।
इस अवसर पर जीजेईपीसी के अध्यक्ष, किरीट भंसाली ने कहा रंगीन रत्नों के लिहाज़ से जयपुर की बेमिसाल विशिष्टता के मद्देनज़र यह सदियों से वैश्विक रत्न एवं आभूषण उद्योग का आधार बना हुआ है। जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स, विरासत , कारीगरी और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को जोड़ने वाले विश्व स्तरीय परितंत्र का निर्माण कर रंगीन रत्नों का व्यापार में भारत का नेतृत्व बढ़ाएगा।
जयपुर के द ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला ने कहा, “जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स, जयपुर की रत्न एवं आभूषण बिरादरी की सामूहिक दृष्टि को रेखांकित करता है। हमें ऐसी पहल का समर्थन करने पर गर्व है जो हमारे कारीगरों, कारोबारियों और उद्यमियों को मज़बूती प्रदान करेगी और जयपुर की वैश्विक स्थिति को मज़बूत करेगी।
जयपुर का वैश्विक स्तर पर रत्नों की मूल्य श्रृंखला में विशिष्ट स्थान है, जहां भारी मात्रा में रंगीन रत्नों का प्रसंस्करण और वैश्विक कारोबार होता है। यह बोर्स विनिर्माताओं, कारोबारियों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, सोर्सिंग कार्यालयों, प्रयोगशालाओं, लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं, नीलामी सुविधाओं, टेक्नोलॉजी भागीदारों और समर्थक सेवाओं को एक ही विश्व-स्तरीय प्लेटफॉर्म पर साथ लाकर इस नेतृत्व को और बेहतर बनाना चाहता है।
इस अवसर पर जीजेईपीसी के अध्यक्ष, किरीट भंसाली ने कहा रंगीन रत्नों के लिहाज़ से जयपुर की बेमिसाल विशिष्टता के मद्देनज़र यह सदियों से वैश्विक रत्न एवं आभूषण उद्योग का आधार बना हुआ है। जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स, विरासत , कारीगरी और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को जोड़ने वाले विश्व स्तरीय परितंत्र का निर्माण कर रंगीन रत्नों का व्यापार में भारत का नेतृत्व बढ़ाएगा।
जयपुर के द ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला ने कहा, “जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स, जयपुर की रत्न एवं आभूषण बिरादरी की सामूहिक दृष्टि को रेखांकित करता है। हमें ऐसी पहल का समर्थन करने पर गर्व है जो हमारे कारीगरों, कारोबारियों और उद्यमियों को मज़बूती प्रदान करेगी और जयपुर की वैश्विक स्थिति को मज़बूत करेगी।
सीआईबीजेओ के अध्यक्ष, गेटानो कैवेलियरी ने इस पहल को दुनिया भर में अहमियत देने वाला और बाज़ार की बदलती स्थिति के लिए सही समय पर उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा "बाज़ार में रंगीन रत्नों, विशेष रूप से अच्छी गुणवत्ता वाले रत्नों की मांग बढ़ रही है, और जयपुर हमेशा से रंगीन रत्नों के कारोबार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक रहा है। जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना इस बढ़ती मांग को सीधे तौर पर पूरा करेगी, जिससे एक संगठित, पारदर्शी और ज़िम्मेदार व्यापारिक माहौल तैयार होगा।
कैवेलियरी ने कहा "यह केवल भारत से संबंधित संस्था ही नहीं होगी। यह जयपुर और भारत के ज़रिये विश्व भर के लिए महत्वपूर्ण संस्था होगी। बोर्स में एक ही परितंत्र में व्यापार, सेवा, स्थिरता और ट्रेसिएबिलिटी (स्रोत अनुगम्यता) को शामिल कर वैश्विक स्तर पर रंगीन रत्न उद्योग के लिए उल्लेखनीय संस्था बनने की क्षमता है। कैवेलियरी ने कहा कि बोर्स ज़िम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं, पारदर्शिता, वहनीयता और ट्रेसेबिलिटी को बढ़ावा देकर आपूर्ति श्रृंखला में विश्वास बढ़ाएगा। ये विशिष्टताएं दुनिया भर में उपभोक्ताओं, ब्रांडों और खुदरा विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण होती जा रही है।
उद्योग जगत की हस्तियों का मानना है कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, आभूषण निर्माताओं, लग्ज़री ब्रांडों और रत्न व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी, जो संगठित बाज़ार के ज़रिये उच्च गुणवत्ता वाले रंगीन रत्नों तक अच्छी पहुंच चाहते हैं। सेवाओं और बुनियादी ढांचे के जुड़ने से व्यावसायिक दक्षता में सुधार, व्यापार में तेज़ी लाने और वैश्विक उद्योग में अधिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना, विशेष रूप से रंगीन रत्नों और रंगीन रत्न-जड़ित आभूषणों के लिए विश्व के पहले समर्पित एक्सचेंज के तौर पर की जा रही है। नियोजित सुविधाओं में 1,650 से अधिक व्यापारिक कार्यालय और कियोस्क, सीमा शुल्क सुविधा, रत्न-परीक्षण प्रयोगशालाएं, नीलामी सुविधाएं और व्यापार सहायता सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला शामिल हैं।
रंगीन रत्नों की वैश्विक राजधानी के रूप में, जयपुर वैश्विक रत्न उद्योग में विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए विशिष्ट स्थिति में है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय समर्थन और उद्योग हितधारकों के बीच साझा दृष्टिकोण के साथ, जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स के रंगीन रत्नों की सोर्सिंग, व्यापार, नवोन्मेष, शिक्षा और उद्योग सहयोग के लिए विश्व के अग्रणी गंतव्य के रूप में उभरने की उम्मीद है।
जीजेईपीसी और ज्वेलर्स एसोसिएशन जयपुर (जेएजे) द्वारा संयुक्त रूप से प्रवर्तित इस जयपुर रत्न एवं आभूषण बोर्स की स्थापना से रोज़गार के लगभग 60,000 अतिरिक्त अवसर पैदा होने और अत्याधुनिक परितंत्र तैयार होने उम्मीद है, जिससे जयपुर की सदियों पुराना रत्न शिल्प कौशल, आधुनिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यावसायिक मानकों के साथ जुड़ सकेगा।
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