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EPCH ने मलेशिया के साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक में की फैशन एक्सेसरीज़ डिजाइनों का प्रदर्शन

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली । साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक का आयोजन कुआलालंपुर, मलेशिया में किया गया । ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन हितेश जे. राजपाल, उप उच्चायुक्त एवं कार्यवाहक उच्चायुक्त, भारतीय उच्चायोग, मलेशिया द्वारा किया गया । इस अवसर पर भाग लेने वाले प्रदर्शक, उद्योग प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने बताया कि साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व, अमेरिका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक फैशन ब्रांड और डिजाइनर भाग लिया । प्रदर्शनी में महिला एवं पुरुष परिधान, फुटवियर, हैंडबैग, फैशन एक्सेसरीज़ और लक्ज़री फैशन कलेक्शन सहित विविध उत्पाद श्रेणियां प्रदर्शित की गई  इस अवसर पर डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच ने कहा, “दक्षिण-पूर्व एशिया फैशन, लाइफस्टाइल और डिजाइन-आधारित उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं तेजी से विकसित हो रहा बाजार है । साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक में ईपीसीएच की भागीदारी हमारे सदस्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और उद्योग विशे...

नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण : 8 महीने बाद चार्जशीट दाखिल,जिम्मेदारों की गिरफ्तारी,एबेटमेंट एवं जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग

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० आशा पटेल ०  जयपुर । नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर 2025 को 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की स्कूल परिसर में हुई मृत्यु के लगभग आठ महीने बाद पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत किए जाने के उपरांत संयुक्त अभिभावक संघ के तत्वावधान में पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की । प्रेस वार्ता में अमायरा के पिता विजय मीणा, माता शिवानी, संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल तथा प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन 'बिट्टू' ने चार्जशीट पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए, आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा एबेटमेंट (उकसावे) से संबंधित धाराएं जोड़ते हुए स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट की धारा 75 सहित सभी कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही निजी विद्यालयों में बाल सुरक्षा, एंटी-बुलिंग व्यवस्था, प्रशिक्षित काउंसलर, सीसीटीवी निगरानी एवं संस्थागत जवाबदेही को कानूनी रूप से और अधिक प्रभावी बनाने ...

सौर ऊर्जा में राजस्थान बन रहा वैश्विक केंद्र- देश का पहला राज्य जिसके साथ आईएसए बना साझेदार

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बना गया है जिसके साथ 128 देशों के समूह वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) ने फ्रेमवर्क फॉर एक्शन-एडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डवलपमेंट पर हस्ताक्षर किए है। यह इस बात का प्रतीक है कि राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में न केवल देश का बल्कि दुनिया का प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास पर फ्रेमवर्क फॉर एक्शन-एडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डवलपमेंट पर ऊर्जा सचिव आरती डोगरा एवं इंटरनेशनल सोलर अलायंस के महानिदेशक आशीष खन्ना ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों की अगुवाई कर रहा है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी प्रधानमंत्री की इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने सौर ऊर्जा को वैश्विक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि आज हस्ताक्षरित हुआ फ्रेमवर्क फॉर एक्शन स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईएसए के साथ इस साझेदारी से प्रदेश परंपरागत ...

कबाड़ भारत के इस्पात क्षेत्र को मजबूती देने की कुंजी

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : भारतीय इस्पात उद्योग लगातार विस्तार कर रहा है और ऐसे समय में कबाड़ (स्क्रैप) इस क्षेत्र को अधिक मजबूत, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बात यहां शुरू हुए एमजंक्शन के 13वें भारतीय इस्पात बाज़ार सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रमुख विशेषज्ञों ने कही। सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा, "कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को घटाना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे कैसे हासिल किया जाए? बेहतर परिचालन पद्धतियों, नई तकनीकों और ऐसे कच्चे माल के उपयोग से, जिससे कम प्रदूषण हो। ऐसा कच्चा माल क्या है? वह है कबाड़। जिसे कभी बेकार समझा जाता था, आज वही सबसे मूल्यवान संसाधन बन गया है। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय वर्मा ने कहा, "आज हम सभी कबाड़ को महत्व दे रहे हैं। यह अब केवल बेकार सामग्री नहीं रह गई है, बल्कि आने वाले समय के इस्पात की नींव है। उन्होंने कहा "भारत में इस्पात की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कबाड़ अब केवल एक उप-उत्पाद नहीं, ...

डॉ.अग्रवाल आई हॉस्पिटल की बड़ी उपलब्धि, दुर्लभ जन्मजात नेत्र दोष से पीड़ित व्यक्ति की आँखों की रौशनी वापस लौटी

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० संवाददाता द्वारा ०  कोलकाता : डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल, कोलकाता में जन्मजात 'आइरिस कोलोबोमा' ( एक दुर्लभ जन्मजात दोष जिसमें आइरिस का एक हिस्सा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता ) की समस्या से जूझ रहे 51 वर्षीय मरीज़ का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। पीड़ित को बचपन से ही बाईं आँख से कम नज़र आता था लेकिन अस्पताल में कई डे-केयर प्रक्रियाओं के बाद उनकी नज़र वापस लौट आई। उनका 'सिंगल-पास फोर-थ्रो (SFT) प्यूपिलोप्लास्टी' नामक उपचार किया गया। यह एक आइरिस रीकंस्ट्रक्शन तकनीक है जिसे डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल के चेयरमैन प्रो. अमर अग्रवाल ने विकसित किया है। इस प्रक्रिया में असामान्य पुतली की मरम्मत की जाती है जिससे दृष्टि व दृश्य गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है। उपचार के बाद, रोगी की बाईं आंख की रौशनी 40% से बढ़कर 75% हो गई है। रोगी ने कई वर्षों के दौरान बड़े-बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों को दिखाया लेकिन हर जगह से यहीं खबर आई कि उनका केस बहुत पेचीदा है और आँखों की रौशनी वापस लौटने की कोई गारंटी नहीं है। जन्मजात आइरिस कोलोबोमा के अलावा, रोगी की आँखों के अगले और पिछले हिस्सों में भी कुछ असामान्यता...

ब्लड टेस्ट से शुरुआती कैंसर की होगी पहचान,रिलायंस की स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को मिला पेटेंट

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० संवाददाता द्वारा ०  बेंगलुरु : रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को ऐसी तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट मिला है, जो सिर्फ ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान और उसके संभावित स्रोत का पता लगाने में मदद कर सकती है। यह प्लेटफॉर्म सेल-फ्री डीएनए का विश्लेषण करता है और इसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होता है। कंपनी के मुताबिक इस तकनीक की खासियत कैंसर से जुड़े डीएनए पैटर्न में बदलाव को पहचानना है, ताकि बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सके और मरीजों को बेहतर इलाज का मौका मिल सके। फिलहाल बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान बीमारी के गंभीर चरणों में ही हो पाती है। स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ रमेश हरिहरन ने कहा कि यह पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लिक्विड बायोप्सी टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना है, जो कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सटीक, बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य और सुलभ बना सकें।

भाजपा एवं आरएसएस का एजेंडा बढ़ाने हेतु सरकार बिना किसी ड्राफ्ट के जन सुनवाई करवा रही है : डोटासरा

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर। राजस्थान में समान नागरिक संहिता हेतु कमेटी बनाई गई है जिसमें रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, रिटायर्ड आईएएस शत्रुध्न सिंह, एडिशन एडवोकेट जनरल बसंत छाबा, पूर्व प्रिसिंपल राजकीय महाविद्यालय गंगानगर रामस्वरूप अग्रवाल तथा आरएसएस से संबंधित डॉ. सुची चौहान को शामिल किया गया है, जबकि कानून का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) नहीं बनाया गया है, क्या जनसुनवाई करनी है यह भी तय नहीं है, उद्देश्य केवल यह है कि देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता पर प्रहार करना है।  समाज में धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते हैं ताकि मूलभूत समस्याओं को लेकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच सके, इसीलिये बिना मसौदे के जनसुनवाई की जा रही है। इस कमेटी में अधिकांश आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है, उत्तराखण्ड, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और अब राजस्थान में कमेटी का दायित्व नेतृत्व के रूप में एक ही जन को लिया गया है।  सरकार गर्वनेन्स को लेकर जनता की जवाबदेही से बचने के लिये बहस प्रारम्भ करवा रही है। यदि एक ही व्यक्ति को सभी राज्यों में दायित्व देना था तो यह कवायद केन्द्र सरकार को पूरे देश ...