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जुलाई 5, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जस 2026 Life Time Achievement Award उद्योगपति एवं KGK Group के चेयरमैन नवरत्न कोठारी सम्मानित

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० आशा पटेल ०  जयपुर | ज्वेलर्स एसोसिएशन शो का उद्घाटन समारोह अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों की उपस्थिति में हुआ सीतापुरा के नोवाटेल जेईसीसी में । उद्घाटन समारोह के मुख्‍य अतिथि थे के पी अब्दुल सलाम ,वाइस चेयरमेन , मालाबार ग्रुप ,विशिष्‍ठ अतिथि तवाहिद अब्दुल्लाह ,चेयरमेन ,दुबई ज्वेलरी ग्रुप एवं सीईओ , जवाहरा ज्वेलरी ,दुबई एवं श्री सुरजीत भुज्बल Central Board of Indirect Tax and Customs के मेंबर और प्रमोद अग्रवाल,चेरयमेन , NGJCI गेस्ट ऑफ़ ओनर के कर कमलों द्वारा शो का आगाज हुआ । जस-2026 के रचेता और विजनरी लीडर ज्वेलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्‍यक्ष राजू मंगोड़ीवाला ने कहा कि जस -2026 राजस्‍थान के जेम्‍स- ज्वैलरी सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस शो के दौरान कई कीर्तिमान रचे जा रहे हैं। इस समारोह के मंच पर पहली बार विश्‍व के जेम्स-ज्वेलरी और डायमंड उद्योग के शीर्ष व्यक्तित्व मौजूद थे । जो विश्‍व में 1 लाख करोड़ से ज्‍यादा के व्‍यापार का नेतृत्व कर रहे हैं। यह सिटी ऑफ गोल्ड (दुबई ) और सिटी ऑफ कलर स्‍टोन (जयपुर) के संगम का शुभ अवसर है।  जस -2026 न केवल जयपुर के जेम्स ज्वेलरी व्यवसाय क...

देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित

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० आशा पटेल ०  बाड़मेर :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाड़मेर के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही, जयपुर मेट्रो फेज-2 सहित 1 लाख 5 हजार करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने एलपीजी टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समारोह के दौरान उन्होंने राजकीय सेवा में नवनियुक्त युवाओं को अभिनंदन पत्र भी सौंपे।  इससे पहले उन्होंने रिफाइनरी के मेन कंट्रोल यूनिट का अवलोकन कर शोधन प्रक्रिया, तकनीकों और उत्पादों की जानकारी ली और युवा कार्मिकों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत रिफाइनरी परिसर में खेजड़ी का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सीए सचिन कुमार जैन 2026-27 के लिए लायंस क्लब के जोन चेयरमैन नियुक्त

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० आशा पटेल ०  जयपुर। लायंस क्लब इंटरनेशनल के प्रांतपाल डॉ. आशुतोष वशिष्ठ ने 2026-27 के लिए सीए सचिन कुमार जैन को जोन चेयरमैन नियुक्त किया है। सचिन कुमार जैन लंबे समय से लायनवाद में सक्रिय रहकर विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते आ रहे हैं। वे क्लब सचिव, क्लब अध्यक्ष, 2025-26 में जोन चेयरमैन, माइक्रो कैबिनेट सदस्य सहित अनेक संगठनात्मक पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं।  2025-26 में भी उन्होंने बेहतरीन कार्य किया था इसीलिए उनको ‘श्रेष्ठ जोन चेयरमैन 2025-26’ सम्मान से सम्मानित किया गया था | उनके नेतृत्व में जोन स्तर पर किए गए सामाजिक एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया और अगले सत्र के लिए भी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी । अपनी नियुक्ति पर उन्होंने प्रांतपाल डॉ. आशुतोष वशिष्ठ, प्रांतीय सचिव अरविंद खुराना, प्रांतीय कोषाध्यक्ष अर्पिता वशिष्ठ, वीडीजी अंजना जैन तथा सभी सीनियर्स का आभार व्यक्त किया है ।

राष्ट्रीय गीत का गाया जाना और संवैधानिक मौलिक कर्तव्य,राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानूनों की अवधारणा

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : हमारे देश में, कई दशकों और लंबे समय से अपने राष्ट्रीय गीत को स्वेच्छा से या जबरन गाना, आमतौर पर एक सामाजिक और कानूनी मुद्दा रहा है। 5 मई 2026 को, कैबिनेट (भारत सरकार) ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' (The Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में एक संशोधन को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य "वंदे मातरम" की प्रस्तुति के दौरान किसी भी जानबूझकर की जाने वाली बाधा, व्यवधान या अपमान को रोकना है।  गृह मंत्रालय (MHA) ने आधिकारिक समारोहों, राज्य के कार्यक्रमों और स्कूलों में दोनों (राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत) को प्रस्तुत करने के संबंध में मानकीकृत प्रोटोकॉल जारी किए हैं। आधिकारिक दिशा-निर्देश यह अनिवार्य करते हैं कि वंदे मातरम के सभी छह छंद गाए या बजाए जाएं, जिसका समय 3 मिनट से कुछ अधिक का होता है। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों के गाए जाने के दौरान वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के लिए गरिमापूर्ण (सावधान की मुद्रा में) खड़ा होना अनिवार्य है।  सरकार ने नवंबर 2022 में दिल्ली उच्च न्यायालय में एक हलफनामा भी दायर किया है ...