भाजपा एवं आरएसएस का एजेंडा बढ़ाने हेतु सरकार बिना किसी ड्राफ्ट के जन सुनवाई करवा रही है : डोटासरा
० संवाददाता द्वारा ०
जयपुर। राजस्थान में समान नागरिक संहिता हेतु कमेटी बनाई गई है जिसमें रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, रिटायर्ड आईएएस शत्रुध्न सिंह, एडिशन एडवोकेट जनरल बसंत छाबा, पूर्व प्रिसिंपल राजकीय महाविद्यालय गंगानगर रामस्वरूप अग्रवाल तथा आरएसएस से संबंधित डॉ. सुची चौहान को शामिल किया गया है, जबकि कानून का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) नहीं बनाया गया है, क्या जनसुनवाई करनी है यह भी तय नहीं है, उद्देश्य केवल यह है कि देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता पर प्रहार करना है।
जयपुर। राजस्थान में समान नागरिक संहिता हेतु कमेटी बनाई गई है जिसमें रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, रिटायर्ड आईएएस शत्रुध्न सिंह, एडिशन एडवोकेट जनरल बसंत छाबा, पूर्व प्रिसिंपल राजकीय महाविद्यालय गंगानगर रामस्वरूप अग्रवाल तथा आरएसएस से संबंधित डॉ. सुची चौहान को शामिल किया गया है, जबकि कानून का कोई मसौदा (ड्राफ्ट) नहीं बनाया गया है, क्या जनसुनवाई करनी है यह भी तय नहीं है, उद्देश्य केवल यह है कि देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता पर प्रहार करना है।
समाज में धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते हैं ताकि मूलभूत समस्याओं को लेकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच सके, इसीलिये बिना मसौदे के जनसुनवाई की जा रही है। इस कमेटी में अधिकांश आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है, उत्तराखण्ड, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और अब राजस्थान में कमेटी का दायित्व नेतृत्व के रूप में एक ही जन को लिया गया है।
सरकार गर्वनेन्स को लेकर जनता की जवाबदेही से बचने के लिये बहस प्रारम्भ करवा रही है। यदि एक ही व्यक्ति को सभी राज्यों में दायित्व देना था तो यह कवायद केन्द्र सरकार को पूरे देश की ही करवा लेनी चाहिये थी। देश की संघीय व्यवस्था पर भाजपा प्रहार कर रही है और अब यह सबके सामने उजागर हो गया है कि भाजपा दो तिहाई बहुमत इसलिये जुटाना चाहती है कि लोगों के वोट का अधिकार, पिछड़ों को आरक्षण पर प्रहार करना है,
सभी संवैधानिक संस्थाओं व एजेंसियों पर काबिज होना है, कोई सरकार की नीतियों के विरूद्ध आवाज नहीं उठा सके, मीडिया की स्वतंत्रता खत्म करनी है और समानता का अधिकार छीन लें, धर्मनिरपेक्षता जो हमारे संविधान में वर्णित है उसको भाजपा समाप्त करना चाहती है, यही सोच भाजपा की है। उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस वार रूम में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुये व्यक्त किये।
डोटासरा प्रश्र किया कि आज राजस्थान सरकार आमजनता के मुद्दों पर जनसुनवाई क्यों नहीं कर रही है? जनसुनवाई इस मुद्दे पर क्यों नहीं हो रही है कि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, बिजली नहीं मिल रही है, प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, रंगदारी वसूलने के लिये व्यापारियों पर गेंग्सटर प्राणघातक हमले कर रहे हैं, मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में अपराधों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है, चार दिन पहले ही व्यापारी की हत्या हुई, मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र एवं राजधानी में कितने अपराध हुये हैं,
डोटासरा प्रश्र किया कि आज राजस्थान सरकार आमजनता के मुद्दों पर जनसुनवाई क्यों नहीं कर रही है? जनसुनवाई इस मुद्दे पर क्यों नहीं हो रही है कि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, बिजली नहीं मिल रही है, प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, रंगदारी वसूलने के लिये व्यापारियों पर गेंग्सटर प्राणघातक हमले कर रहे हैं, मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में अपराधों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है, चार दिन पहले ही व्यापारी की हत्या हुई, मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र एवं राजधानी में कितने अपराध हुये हैं,
आज राजधानी सहित प्रदेश की सडक़ों की हालत खस्ता है, गढ्ढे हो गये हैं, नकली इंजेक्शन के कारण प्रसुताओं की मौत हो गई, किडनी फैल हो गई, किसानों को खाद् और बीज पर्याप्त मात्रा में समय पर नहीं मिल रहे हैं और मुख्यमंत्री को हर सात दिन में दिल्ली दरबार में हाजिरी देकर कभी किसी मंत्री अथवा अधिकारी की शिकायत करने के लिये जाना पड़ता है।
जनता को समझ नहीं आ रहा है कि राजस्थान में पिछले ढाई वर्ष से यह कैसी सरकार चल रही है, एक मुख्यमंत्री पॉंच साल में जितना हैलीकॉप्टर अथवा चार्टर प्लेन का उपयोग नहीं करता उससे ज्यादा प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दो साल में कर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं को भागीरथ घोषित कर दिया कि प्रदेश में पानी ले आये जबकि पानी तो दु:ख के कारण प्रदेश के लोगों की आंखों में है।
यदि जनसमस्यायें जिनसे लोग त्रस्त हैं, पर कोई कमेटी चर्चा करती, तो कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता आमजन के साथ खड़े होकर इन समस्याओं के निस्तारण हेतु अपने सुझाव व मुद्दे प्रस्तुत करते, किन्तु भाजपा की प्रदेश सरकार चाहती है कि जिस मुद्दे पर जनसुनवाई की जा रही है उसमें कांग्रेस के लोग जायें, भाजपा के लोग विवाद उत्पन्न करे और प्रदेश का सामाजिक वैमनस्य खराब हो, प्रदेश में नफरत फैलाना भाजपा चाहती है, सरकार को किसानों की आमदनी दुगुनी करने के वादे,
युवाओं को रोजगार देने के वादे, देश की विदेश नीति सुदृढ़ करने के वादे पर चर्चा करनी चाहिये किन्तु इन विषयों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। अलवर से सांसद व केन्द्रीय मंत्री का पूरा स्टॉफ बदला जा रहा है जबकि वास्तविकता में तो मोदी सरकार के आधे से अधिक मंत्री बदले जाने चाहिये और प्रदेश के एक दर्जन से अधिक मंत्रियों जिन्हें केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुलाकर डांट रहे हैं, कार्यशैली व भ्रष्टाचार के लिये लताड़ रहे हैं उनको बर्खास्त कर बदलने की आवश्यकता है।
प्रदेश की डबल इंजन की सरकार को यह समझना होगा कि वे केवल जनता के ट्रस्टी के रूप में सरकार में बैठे हैं, मालिक नहीं है। महाराष्ट्र में सांसद तोड़े, बंगाल में दूसरे दलों के सांसद तोड़ रहे हैं, पंजाब में भी सांसद तोड़े, यह संविधान की आत्मा पर प्रहार है, देश के दल-बदल कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है और भाजपा अपने स्वार्थ सिद्धी के लिये ऐसा कर रही है।
भाजपा इस प्रकार का संविधान संशोधन करना चाहती है कि भविष्य में लोग अपने मताधिकार से जनप्रतिनिधि भी नहीं चुन सके। भाजपा देश को तानाशाही की ओर ले जा रही है, इसी सोच के साथ भाजपा एवं भाजपा की सरकारें काम कर रही है जो कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान के प्रावधानों के विपरीत है, इसका विरोध कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से करेगी और आमजन की दु:ख-तकलीफों में सभी कांग्रेसजन साथ खड़े होकर सरकार की इन फासीवादी नीतियों के विरोध करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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