EPCH ने मलेशिया के साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक में की फैशन एक्सेसरीज़ डिजाइनों का प्रदर्शन
० आशा पटेल ०
नई दिल्ली । साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक का आयोजन कुआलालंपुर, मलेशिया में किया गया । ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन हितेश जे. राजपाल, उप उच्चायुक्त एवं कार्यवाहक उच्चायुक्त, भारतीय उच्चायोग, मलेशिया द्वारा किया गया । इस अवसर पर भाग लेने वाले प्रदर्शक, उद्योग प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने बताया
नई दिल्ली । साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक का आयोजन कुआलालंपुर, मलेशिया में किया गया । ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन हितेश जे. राजपाल, उप उच्चायुक्त एवं कार्यवाहक उच्चायुक्त, भारतीय उच्चायोग, मलेशिया द्वारा किया गया । इस अवसर पर भाग लेने वाले प्रदर्शक, उद्योग प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने बताया
कि साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व, अमेरिका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक फैशन ब्रांड और डिजाइनर भाग लिया । प्रदर्शनी में महिला एवं पुरुष परिधान, फुटवियर, हैंडबैग, फैशन एक्सेसरीज़ और लक्ज़री फैशन कलेक्शन सहित विविध उत्पाद श्रेणियां प्रदर्शित की गई इस अवसर पर डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच ने कहा, “दक्षिण-पूर्व एशिया फैशन, लाइफस्टाइल और डिजाइन-आधारित उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं तेजी से विकसित हो रहा बाजार है । साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक में ईपीसीएच की भागीदारी हमारे सदस्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों के समक्ष हस्तनिर्मित फैशन एक्सेसरीज़ तथा समकालीन डिजाइन के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक मूल्यवान मंच प्रदान करती है।
डॉ. खन्ना ने आगे कहा “भारतीय हस्तशिल्प पारंपरिक कौशल और आधुनिक डिजाइन संवेदनशीलता का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करते हैं । साउथईस्ट एशिया फैशन वीक जैसी प्रदर्शनियों में भागीदारी के माध्यम से हमारा उद्देश्य भारतीय उत्पादों को केवल सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट ही नहीं, बल्कि समकालीन, वैश्विक रूप से प्रासंगिक तथा आधुनिक रिटेल और फैशन बाजारों के अनुकूल उत्पादों के रूप में स्थापित करना है ।
डॉ. खन्ना ने आगे कहा “भारतीय हस्तशिल्प पारंपरिक कौशल और आधुनिक डिजाइन संवेदनशीलता का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करते हैं । साउथईस्ट एशिया फैशन वीक जैसी प्रदर्शनियों में भागीदारी के माध्यम से हमारा उद्देश्य भारतीय उत्पादों को केवल सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट ही नहीं, बल्कि समकालीन, वैश्विक रूप से प्रासंगिक तथा आधुनिक रिटेल और फैशन बाजारों के अनुकूल उत्पादों के रूप में स्थापित करना है ।
राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “मलेशिया में साउथ ईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में भागीदारी, बाजार विविधीकरण और सदस्य निर्यातकों को उभरते व्यावसायिक अवसरों तक सीधी पहुंच प्रदान करने की ईपीसीएच की निरंतर रणनीति का हिस्सा है । विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों से खरीदारों, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और फैशन पेशेवरों की उपस्थिति इस प्रदर्शनी को नए व्यावसायिक संपर्क विकसित करने तथा उपभोक्ता और डिजाइन से संबंधित बदलते रुझानों को समझने के लिए एक उपयोगी मंच बनाती है ।
रावत ने बताया की इस संस्करण में ईपीसीएच के 10 सदस्य निर्यातक ईपीसीएच इंडिया पवेलियन के अंतर्गत और महिला परिधान, फैशन टेक्सटाइल, फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज़, परिधान तथा अन्य संबंधित उत्पाद प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान ईपीसीएच द्वारा आगामी आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2026 के लिए व्यापक खरीदार संपर्क एवं प्रचार गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं ।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, डिजाइनरों और सोर्सिंग पेशेवरों को भारत आने तथा हस्तशिल्प, होम, लाइफस्टाइल, फैशन एक्सेसरीज़, फर्नीचर और संबंधित उत्पाद श्रेणियों में देश की व्यापक क्षमताओं का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है ।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और देश के विभिन्न शिल्प क्लस्टरों में घरेलू, लाइफस्टाइल, फर्नीचर तथा फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज़ उत्पादों के उत्पादन में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड छवि बनाने के लिए एक नोडल संस्था है । ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये यानी 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा ।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और देश के विभिन्न शिल्प क्लस्टरों में घरेलू, लाइफस्टाइल, फर्नीचर तथा फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज़ उत्पादों के उत्पादन में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड छवि बनाने के लिए एक नोडल संस्था है । ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये यानी 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा ।
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