MSME विकसित भारत-2047 की आधारशिला,लागत प्रबंधन व नवाचार से बनेगा आत्मनिर्भर भारत

० आशा पटेल ० 
जयपुर। विकसित भारत 2047 में एमएसएमई की भूमिका पर उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद द्वारा जयपुर में एक राज्य स्तरीय कॉफ्रेंस का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता रही। विशिष्ट अतिथि आरके द्विवेदी, निदेशक (वित्त), बीएचईएल ने कहा कि विकसित भारत -2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वित्तीय अनुशासन, प्रभावी लागत प्रबंधन, नवाचार,तकनीकी उन्नयन एवं सुशासन को अपनाकर एमएसएमई वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने उद्योगों में दक्षता, उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स उद्योगों को अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी एवं टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
एनआईआरसी के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र के समक्ष उपस्थित अवसरों एवं चुनौतियों पर सार्थक विमर्श के साथ विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में कॉस्ट एवं मेनेजमेंट अकाउंटेंट्स की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित करना है। जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष दीप्तांशु पारीक ने कहा कि ऐसे सम्मेलन उद्योग एवं प्रोफेशन के बीच समन्वय को मजबूत बनाने के साथ विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को गति प्रदान करेंगे। जयपुर चैप्टर सचिव पूर्णिमा गोयल , कोषाध्यक्ष दीपक कुमार खंडेलवाल, उपाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार पारीक,अर्पित गुप्ता एवं राधिका बालासरिया ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया।
एनआईआरसी उपाध्यक्ष मनीष खंडपाल, कोषाध्यक्ष माधुरी कश्यप तथा प्रोफेशनल डेवलपमेंट समिति के चेयरमैन एस. एन. मित्तल ने भी एमएसएमई क्षेत्र एवं कॉस्ट अकाउंटेंसी प्रोफेशन की भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। आर.एस भाटी, केंद्रीय परिषद सदस्य ने कहा कि विकसित भारत-2047 के रोडमैप में एमएसएमई देश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रमुख आधार हैं। 

उन्होंने कहा कि कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से एमएसएमई को अधिक सशक्त, प्रतिस्पर्धी एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एमके आनंद, नवनीत कुमार जैन ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स की रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्रों में अमित कुमार, आशु माथुर एवं पंकज जैन ने वित्तीय प्रबंधन, लागत नियंत्रण, डिजिटल परिवर्तन, अनुपालन, प्रतिस्पर्धात्मकता एवं सतत विकास जैसे समसामयिक विषय का प्रवर्तन किया तथा एमएसएमई की दक्षता एवं विकास के लिए व्यावहारिक सुझाव साझा किए। सम्मेलन में वीकेआई एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता एवं महासचिव पुष्प कुमार स्वामी, लहर चप्पल के एमडी राजकुमार अग्रवाल की विशेष उपस्थिति रही।

 वीकेआई असोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने उद्योग जगत से कॉस्ट एवं मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स की पेशेवर सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि सीएमए प्रोफेशन उद्योगों की वित्तीय मजबूती, लागत नियंत्रण, रणनीतिक निर्णय, अनुपालन एवं दीर्घकालीन विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रबंध समिति सदस्य संदीप चौहान, गोविन्द शर्मा, वर्तिका ताड़ी ने समन्वयक की भूमिका को निभाया |

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