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तीरंदाजी में युवाओं ने दिखाए करतब,दिव्यांगों ने भी साधा निशाना

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By  Qutub Mail,Correspondent, आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ के सामुदायिक रेडियो रेडियो मधुबन (107.8) एफएम द्वारा तपोवन परिसर में जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें जिलेभर से 41 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 10 बालिकाएं भी शामिल रहीं। इसमें तीरंदाजों ने एक से बढ़कर प्रतियोगिता सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्गों में आयोजित की गई। बालक, बालिका, महिला एवं विभिन्न आयु वर्गों (अंडर-10 एवं अंडर-15) के खिलाड़ियों ने मुख्य रूप से इंडियन राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।  वहीं रिकर्व राउंड और कंपाउंड राउंड में दो-दो खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस दौरान बीके भारत ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक सोच जरूरी है। राजयोग मेडिटेशन से एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन बढ़ता है। बीके कृष्णा बहन ने तीरंदाजी में एकाग्रता एवं लक्ष्य पर पूर्ण फोकस बनाए रखने के व्यावहारिक सुझाव दिए। खिलाड़ियों के लिए राजयोग मेडिटेशन से शांति की अनुभूति कराई। साथ ही तीरंदाजी पर आधारित एक विशेष वीडियो दिखाया गया। प्रतियोगिता के समाप...

भारत अमरीका ट्रेड डील के खिलाफ आरपार का संघर्ष करेगा एसकेएम

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० आशा पटेल ०  मुलताई | किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 343वीं किसान पंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पंचायत में विभिन्न राज्यों से जुड़े किसान नेताओं ने किसानों को एमएसपी (सी2+50%) पर खरीद की कानूनी गारंटी, संपूर्ण कर्जमुक्ति, 22 जुलाई को "एफटीए विरोधी किसान संकल्प दिवस", 28 जुलाई को नई दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का अखिल भारतीय सम्मेलन,  29 जुलाई को एसकेएम–सीटीयू के राष्ट्रीय मजदूर–किसान सम्मेलन, 10 अगस्त को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की स्मृति में 'जेल भरो आंदोलन', शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक एवं छात्र-छात्राओं के आंदोलन के समर्थन सहित अनेक समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। किसान पंचायत को महाराष्ट्र से अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन क्षीरसागर, हरियाणा से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, अलीगढ़ से क्रांतिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री शशिकांत, हरियाणा से राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह, छत्तीसग...

नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर विकसित राजस्थान को सशक्त बनाने का संकल्प

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० आशा पटेल ०  जयपुर | नाबार्ड, राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जयपुर में 45वाँ स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, आईएएस, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार तथा विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप, उप प्रबंध निदेशक, नाबार्ड थे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण एवं कृषि विकास में नाबार्ड के योगदान पर प्रकाश डाला। वी. श्रीनिवास, आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण तथा समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ एवं प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। राकेश कश्यप, उप प्रबंध निदेशक, नाबार्ड ने वर्ष 1982 में स्थापना के बाद से नाबार्ड की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएँ भारत सरकार के ग्रामीण ...

क्रेडाई ने किया राज्य सरकार द्वारा की गई डीएलसी दरों में 40% की वृद्धि का विरोध

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० आशा पटेल ०  जयपुर | क्रेडाई ने राज्य सरकार द्वारा डी.एल.सी. दरों में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि करने को अन्यायपूर्ण कदम बताया है | आमतौर पर डी.एल.सी. दरों का निर्धारण कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा विभिन्न स्थानो पर अचल संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्यों का अवलोकन करके किया जाता है, किन्तु इस बार यह वृद्धि बिना गुण दोषों का अवलोकन करे सभी स्थान की आवासीय / वाणिज्यिक एंव अन्य सम्पत्तियों के मूल्यांकन हेतु बढाई जा रही है जो कि असंगत है एंव प्राकृतिक न्याय के विरूद्ध है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 के बजट मे डी.एल.सी. दरों मे 10 प्रतिशत वृद्धि की जा चुकी है, जो 01.04.2024 से प्रभावी हुई, इसके पश्चात 10.10.2025 को सड़क की चौडाई के अनुसार डी.एल.सी दरों में क्रमशः 10% 15% एवं 20% तक वृद्धि की जा चुकी है। इसके अलावा निर्माण दरों में भी 50 प्रतिशत की वृद्धि राज्य सरकार द्वारा की गई है, जिसका सीधा प्रभाव स्टॉम्प ड्यूटी पर पड़ रहा है। इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 से लगातार डी.एल.सी. दरों से अप्रत्याशित वृद्धि की जा चुकी है जिससे ना सिर्फ रियल एस्टेट उद्योग बल्कि आम...

जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता : सचिन पायलट

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० आशा पटेल ०  राजस्थान, बांसवाड़ा, कांग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व उप मुख्य्मंत्री सचिन पायलट ने ग्राम पोटलिया (कुशलगढ़, बांसवाड़ा) में पूर्व प्रधान स्व हुरतिंग खड़िया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। सचिन पायलट कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया के पोटलिया स्थित निवास पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूर्व प्रधान स्व. हुरतिंग खड़िया की 9वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शांति यज्ञ, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और निःशुल्क हृदय रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया, बांसवाड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक अर्जुन सिंह बामणिया, पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीय , विधायक नानालाल निनामा, उदयपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुबीर मीणा, पूर्व सांसद ताराचंद भगौरा, विधायक अनीता जाटव एवं हजारों की संख्या में किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सचिन पायलट ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम स्व हुरतिंग खड़िया को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम था। पिछले दो-तीन सालों में कई बार मेरा यहाँ आने का कार्यक्रम बना, लेकिन किसी कारणवश मैं...

नेवर से रिटायर्ड – 60 नॉट आउट' का लोकार्पण

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० योगेश भट्ट ०  वृंदावन। वरिष्ठ नागरिकों के सक्रिय, सम्मानजनक और उद्देश्यपूर्ण जीवन का संदेश देने वाली, लेखक विजय मारू की पहली पुस्तक 'नेवर से रिटायर्ड – 60 नॉट आउट' का लोकार्पण वृंदावन में पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा एवं स्वामी गिरिशानंद सरस्वती के करकमलों से सम्पन्न हुआ। विजय मारू पिछले कई वर्षों से केवल वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, उनकी चुनौतियों, संभावनाओं और दूसरी पारी को केंद्र में रखकर नियमित लेखन कर रहे हैं। अब तक वे इस विषय पर 110 से अधिक लेख लिख चुके हैं और इनकी लेखनी जारी है, जो देश के विभिन्न समाचार-पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के जीवन पर इतने व्यापक और सतत लेखन के उदाहरण बहुत कम मिलते हैं। इस पुस्तक में उन्हीं लेखों में से 60 चयनित लेख संकलित किए गए हैं। इनका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को यह विश्वास दिलाना है कि जीवन के स्वर्णिम वर्ष निष्क्रियता के नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता, सीखने, योगदान देने और आनंदपूर्वक जीने के वर्ष हो सकते हैं। पुस्तक के शीर्षक में "60" का चयन भी प्रतीकात्मक है, क्योंकि हमारे समाज में साम...