नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर विकसित राजस्थान को सशक्त बनाने का संकल्प
जयपुर | नाबार्ड, राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जयपुर में 45वाँ स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, आईएएस, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार तथा विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप, उप प्रबंध निदेशक, नाबार्ड थे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण एवं कृषि विकास में नाबार्ड के योगदान पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), परिमिता मिश्रा महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक राजकुमार मीणा सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
वी. श्रीनिवास, आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण तथा समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ एवं प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
राकेश कश्यप, उप प्रबंध निदेशक, नाबार्ड ने वर्ष 1982 में स्थापना के बाद से नाबार्ड की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएँ भारत सरकार के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण में राज्य सरकार का एक विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जैसी पहलों तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (एसएचजी-बीएलपी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। समारोह के दौरान नाबार्ड इन राजस्थान अचीवमेंट्स 2025-26 तथा ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान डीडीएम द्वारा संकलित सफलता की कहानियाँ नामक दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) तथा शिल्पकारों को ग्रामीण विकास में उनके नवाचारपूर्ण एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दो जीवा परियोजनाओं के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), परिमिता मिश्रा महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक राजकुमार मीणा सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।




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