गढ़वाल हितैषिणी सभा : हर प्रवासी परिवार को अपने पूरे परिवार की गणना अपने गांव में जाकर करवानी चाहिए
० योगेश भट्ट ०
नयी दिल्ली : गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा आयोजित गोष्ठी अपनी गणना, अपने गांव में, गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा दस सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में गढ़वाल भवन में आयोजित गोष्ठी में भाग लिया। समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत व महासचिव पवन कुमार मैठानी के नेतृत्व में दीप प्रज्ज्वलन व वेद पाठ से हुआ।गोष्ठी का संचालन सभा महासचिव पवन कुमार मैठानी ने किया। समारोह का उद्घाटन दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) हरेंद्र असवाल के संबोधन से हुआ। जिसमें उन्होंने उत्तराखंड में अपनी गणना अपने गांव के मूल बिंदुओं को जनता के समक्ष रखा। गढ़वाली कवि डॉ. पृथ्वी सिंह केदारखंडी ने अपनी कविता पुंगड़ा नी रयांन अब खल्यांण गौं मा बिरान हुयां छन मकान गौं-गौं मा रही।समारोह के मुख्य वक्ता मुख्य संयोजक अपनी गणना अपने गांव अभियान के संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए जनता से आह्वान किया कि इस बार की जनगणना में पहाड़ों के विकास की रक्षा के लिए, अपनी पंचायतों एवं विधानसभा सीटों को बचाने, अपने क्षेत्र के नेतृत्व को बचाने के लिए हर प्रवासी परिवार को अपने पूरे परिवार की गणना अपने गांव में जाकर करवानी चाहिए।दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सुरेश बंदूनी ने कहा कि अपनी गणना अपने गांव की अपील तो ठीक है, लेकिन हमें यहीं नहीं रूकना, हमें अपने गांव या उसके आसपास की सुविधाजनक जगह पर अपना मकान जरूर बनाना चाहिए जिससे हम समय-समय पर गांव जा सके। अन्य वक्ताओं में मथुरा दत्त जोशी पूर्व दर्जा राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार, महावीर केमवाल, गंभीर सिंह नेगी, सर्वेश्वर बिष्ट, सुरेशानंद बसलियाल, विनोद नौटियाल, देवेन्द्र जोशी, बिशन सिंह राणा व चंदन सिंह गुसांई आदि रहे।इस अवसर पर सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत ने कहा कि सभा सामाजिक मुद्दों से संबंधित बिषयों पर हमेशा से मुखर रही है। जिन मुद्दों से समाज का हित होता हो, उन मुद्दों को सभा उठाती रहेगी। समारोह में प्रमुख रूप से सूरत सिंह रावत, पवन कुमार मैठानी, बृजमोहन उप्रेती, उदय सिंह नेगी, रामचंद्र सिंह भंडारी, कमल सिंह रावत,
नयी दिल्ली : गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा आयोजित गोष्ठी अपनी गणना, अपने गांव में, गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा दस सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में गढ़वाल भवन में आयोजित गोष्ठी में भाग लिया। समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत व महासचिव पवन कुमार मैठानी के नेतृत्व में दीप प्रज्ज्वलन व वेद पाठ से हुआ।गोष्ठी का संचालन सभा महासचिव पवन कुमार मैठानी ने किया। समारोह का उद्घाटन दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) हरेंद्र असवाल के संबोधन से हुआ। जिसमें उन्होंने उत्तराखंड में अपनी गणना अपने गांव के मूल बिंदुओं को जनता के समक्ष रखा। गढ़वाली कवि डॉ. पृथ्वी सिंह केदारखंडी ने अपनी कविता पुंगड़ा नी रयांन अब खल्यांण गौं मा बिरान हुयां छन मकान गौं-गौं मा रही।समारोह के मुख्य वक्ता मुख्य संयोजक अपनी गणना अपने गांव अभियान के संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए जनता से आह्वान किया कि इस बार की जनगणना में पहाड़ों के विकास की रक्षा के लिए, अपनी पंचायतों एवं विधानसभा सीटों को बचाने, अपने क्षेत्र के नेतृत्व को बचाने के लिए हर प्रवासी परिवार को अपने पूरे परिवार की गणना अपने गांव में जाकर करवानी चाहिए।दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सुरेश बंदूनी ने कहा कि अपनी गणना अपने गांव की अपील तो ठीक है, लेकिन हमें यहीं नहीं रूकना, हमें अपने गांव या उसके आसपास की सुविधाजनक जगह पर अपना मकान जरूर बनाना चाहिए जिससे हम समय-समय पर गांव जा सके। अन्य वक्ताओं में मथुरा दत्त जोशी पूर्व दर्जा राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार, महावीर केमवाल, गंभीर सिंह नेगी, सर्वेश्वर बिष्ट, सुरेशानंद बसलियाल, विनोद नौटियाल, देवेन्द्र जोशी, बिशन सिंह राणा व चंदन सिंह गुसांई आदि रहे।इस अवसर पर सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत ने कहा कि सभा सामाजिक मुद्दों से संबंधित बिषयों पर हमेशा से मुखर रही है। जिन मुद्दों से समाज का हित होता हो, उन मुद्दों को सभा उठाती रहेगी। समारोह में प्रमुख रूप से सूरत सिंह रावत, पवन कुमार मैठानी, बृजमोहन उप्रेती, उदय सिंह नेगी, रामचंद्र सिंह भंडारी, कमल सिंह रावत,
विजय सिंह नेगी, धन सिंह नेगी, राकेश गौड़, कवि जगमोहन सिंह रावत जगमोरा, वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश ध्यानी सहित सभा के पूर्व पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे। सभा उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह नेगी के स्वागत व सचिव देवेश नौटियाल के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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