आजादी के अमर बलिदानी स्वातंत्र्यवीर श्रीदेव सुमन पर डाक टिकट जारी करने की मांग

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली,प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हिमालयी क्षेत्र के प्रमुख पत्रकारों,बुद्धिजीवियों और सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार से स्वाधीनता सेनानी और टिहरी के मुक्तिनायक अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन की स्मृति में डाक टिकट जारी करने की माँग की।

पर्वतीय लोकविकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो.सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में 84 दिन तक भूख हड़ताल करने वाले एकमात्र क्रांतिकारी और अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन को केवल टिहरी राजशाही का बागी बताकर स्वाधीनता समर के इतिहास में स्वातंत्र्यवीर सावरकर का नाममेट कर दिया गया। टिहरी राज परिवार और कांग्रेस के इशारे पर कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने श्रीदेव सुमन के विराट राष्ट्रीय योगदान को बौना बना दिया।

अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन के जन्मशताब्दी वर्ष से पर्वतीय लोकविकास समिति एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा भारत सरकार से सुमन पर डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया गया,किंतु इच्छाशक्ति के संकट और राजनीतिक गुणा गणित से विवश रही उत्तराखंड सरकारों की तरह केंद्र सरकार भी अभी तक इस विषय पर उदास ही दिखती है। 

वास्तव में श्रीदेव सुमन की हत्या के बाद से ही अभागी टिहरी की उपेक्षा,अनदेखी और बदहाली शुरू हो गई थी जो आज पृथक उत्तराखंड राज्य में भी यथावत जारी है। उसके लिए केन्द्र या राज्य सरकार दोषी नहीं है बल्कि टिहरी के नाकारा,उदास, आत्ममुग्ध,अदूरदर्शी और स्वार्थी जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं।

प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल ने युवाशक्ति का आह्वान किया कि अपने दुर्गम क्षेत्रों के अभावों और संकटों को दूर करने का संकल्प लें। पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार देवभूमि को खुले हाथों से खजाना दिया है,आर्थिक अनुदान के साथ समय-समय पर विभिन्न विभागों को पैकेज और प्रोजेक्ट्स दिये हैं,उनका लाभ तो दूर टिहरी सब दृष्टि से वंचित और अभावग्रस्त रखी गई है।

 टिहरी के सभी अन्याय पीड़ितों को 76 वर्ष की बदहाली पर साहस करके प्रधानमंत्री के सम्मुख एक श्वेतपत्र प्रस्तुत करना चाहिए। टिहरी के साथ प्रत्येक स्तर पर हुए भेदभाव और सौतेलेपन के लिए जिम्मेदार लोगों की कलई खुलनी चाहिए। उत्तराखंड सरकार के पूर्व राज्यमंत्री और टिहरी जिले के पूर्व भाजपा अध्यक्ष मेहरबान सिंह रावत ने राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हो रहे जनकल्याण के कार्यों और उपलब्धियों की चर्चा की। 

पर्वतीय लोकविकास समिति के सचिव संजय तड़ियाल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने के साथ टिहरी में महिलाओं और बेटियों के उत्थान की ठोस योजनाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार मुरार कंडारी ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में युवाओं के लिए शिक्षा,पर्यावरण,खेल,साहसिक पर्यटन और लोक संस्कृति से जुड़े प्रोजेक्ट उपलब्ध करवाकर राज्य के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

 वक्ताओं ने केंद्र सरकार से अमर शहीद श्रीदेव सुमन को अपेक्षित सम्मान देने और स्वाधीनता संग्राम में उनके योगदान को इतिहास में प्रतिष्ठा देने की बात कही। सभी महानुभावों ने पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल सेवानिवृत्त भुवन चन्द्र खंडूड़ी को याद कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

पर्वतीय लोकविकास समिति के राष्ट्रीय महासचिव कवि बीर सिंह राणा ने कहा कि आज भी टिहरी राजशाही से मुक्त नहीं हुआ है। टिहरी आज भी नाकारा और गैर जिम्मेदार थोपे जनप्रतिनिधियों के कारण विकास से वंचित होकर विनाश का अभिशाप झेल रही है। टिहरी के अतीत के इतिहास और वर्तमान ढर्रे को दुरुस्त कर ही हम अपनी भावी पीढ़ियों से न्याय कर पाएंगे।

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