राज्य के डेटा की साइबर सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला

० आशा पटेल ० 
जयपुर। राष्ट्रीय परामर्श प्रक्रिया के तृतीय चरण के अंतर्गत "Strengthening Cybersecurity Frameworks for State Data" विषय पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रेवेन्यू रिसर्च एंड एनालिसिस (COERRA), जयपुर में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर रिस्क-बेस्ड असेसमेंट एवं आईटी परिसंपत्तियों की सुरक्षा निगरानी, स्टेट डेटा सेंटर एवं SWAN सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) एवं स्टेट कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (CSIRT), लीगेसी सिस्टम्स का आधुनिकीकरण, Secure-by-Design एवं Zero Trust सिद्धांत, डेटा वर्गीकरण, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा नीति एवं सभी विभागों में CISO की नियुक्ति, क्षमता निर्माण, कौशल विकास और जागरूकता सहित छह प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने उभरते साइबर खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने, साइबर रेजिलिएंस को मजबूत करने, विभागों के मध्य समन्वय बढ़ाने तथा सर्वोत्तम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं को अपनाने पर बल दिया। साथ ही, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 एवं DPDP नियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला का स्वागत उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के तकनीकी निदेशक अखिलेश मित्तल ने दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) के निदेशक (टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट) दिनेश डिडेल, टीम लीड (साइबर लॉ) अर्शिल खान तथा स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।
उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह चंद्रावत ने साइबर अपराधों में हो रही निरंतर वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में प्रशिक्षित एवं दक्ष "साइबर वॉरियर्स" तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा साइबर क्राइम इकाई के समन्वित प्रयासों से राज्य में साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान आयोजित तकनीकी एवं ज्ञान सत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के वरिष्ठ परियोजना अधिकारियों ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे के तकनीकी, नीतिगत एवं क्रियान्वयन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।

कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के साथ हुआ। इन सुझावों को राष्ट्रीय परामर्श प्रक्रिया के अंतर्गत संकलित कर अंतिम राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे के निर्माण हेतु इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा जाएगा। कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, उप मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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