पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त सरकारी आवास व अन्य सुविधाएं प्रदान करने वाला कानून रद्द


जयपुर - पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त सरकारी आवास व अन्य सुविधाएं प्रदान करने वाला कानून रद्द। वरिष्ठ पत्रकार मिलापचंद डांडिया की मुहिम सफल  द टेलीग्राफ, एशियन एज, रविवार, इकाॅनामिक टाइम्स आदि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्रों के विशेष संवाददाता रहे वरिष्ठ पत्रकार मिलापचंद डांडिया की याचिका पर फैसला सुनाते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त सरकारी आवास व अन्य सुविधाएं प्रदान करने वाले कानून को रद्द कर दिया।


वर्तमान में दो पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया व वसुंधरा राजे इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं ।


इस कानून के अनुसार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन पूर्ण सुविधाओं सहित सरकारी आवास, दूरसंचार संबंधी सेवाएं, राज्य में व बाहर उपयोग हेतु ड्राइवर सहित कार, एक प्राइवेट सेक्रेटरी, एक निजी सहायक, एक लिपिक ग्रेड 1, दो सूचना सहायक तथा 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का प्रावधान किया गया था। यह सभी सेवाएं मुफ्त दी जानी थीं और यह भी व्यवस्था की गई थी कि यदि कोई पूर्व मुख्यमंत्री इनमें से कोई सुविधा नहीं लेना चाहे तो उसकी एवज में प्रति माह नकद धन राशि का हकदार होगा।


कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इस कानून को रद्द कर दिया। अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को इनमें से कोई सुविधा नहीं दी जा सकेगी। 
यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में एक पूर्व राज्यपाल को भी इसी तरह की सुविधाएं तत्कालीन राजस्थान सरकार द्वारा दिये जाने पर डांडिया की ही याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाई गई थी । इस याचिका की पैरवी एडवोकेट विमल चौधरी ने की।


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