भारत का पहला पहनने योग्य SOS उपकरण जो अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट से जुड़ा रहेगा

YOGESH BHATT Correspondent.
नई दिल्ली : ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने डॉक्टररिंग (DrRing) के साथ पार्टनरशिप करके भारत का पहला हॉस्पिटल-इंटीग्रेटेड वियरेबल (पहनने योग्य) इमरजेंसी रिस्पॉन्स डिवाइस लॉन्च किया है। यह अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट से सीधे जुड़ा रहेगा। इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सर्विसेज़ (ERS) इकोसिस्टम को इमरजेंसी की तैयारी, रिमोट मॉनिटरिंग और द्रुत मेडिकल रिस्पॉन्स को मज़बूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
खासतौर से यह सीनियर सिटिज़न्स, पोस्ट-ऑपरेटिव मरीज़ों, कमज़ोर लोगों और लगातार मेडिकल सुपरविज़न की ज़रूरत वाले लोगों के लिए है। इसे भारत में इमरजेंसी सपोर्ट में देरी को लेकर बढ़ती चिंता को दूर करने के लिए बनाया गया है। मुश्किल समय में उपयोगकर्ता इस सिस्टम के जरिए आईएसआईसी मेडिकल टीम तथा इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क से तुरंत कनेक्ट कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ एसओएस (SOS) एक्टिवेशन करना होता है।
सीने में तकलीफ, पैनिक अटैक, गिर जाना, सांस लेने में दिक्कत, या अचानक किसी मेडिकल परेशानी की मुश्किल और आपात स्थिति में उपयोगकर्ता SOS फ़ीचर को एक्टिवेट करके तुरंत ISIC ड्यूटी डॉक्टर से जुड़ सकते हैं। इस तरह, आवश्यक निर्देश, गाइडेंस और द्रुत रिस्पॉन्स प्राप्त कर सकते हैं। यह सिस्टम एम्बुलेंस सपोर्ट को भी ट्रिगर कर सकता है, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट कर सकता है और अगर उपयोगकर्ता की प्रतिक्रिया न मिले तो केस को गंभीर श्रेणी में आगे बढ़ाकर कार्रवाई कर सकता है।

 ज़िंदगी की असल इमरजेंसी के दौरान तेज़ी से एक्शन सुनिश्चित करने के लिए, इस इकोसिस्टम में नियमित तैयारी ड्रिल भी शामिल हैं। इससे जरूरत के समय जब डर और घबराहट की स्थिति सामान्य होती है तब SOS एक्टिवेशन के लिए क्या करना है या उसकी प्रक्रिया क्या है उससे परिचित होने में मदद मिलती हैं।

 हॉस्पिटल ने आस-पास के रिहायशी इलाकों और स्कूल में - कुछ परिवारों तथा यूज़र्स के बीच एक परीक्षण फेज भी आयोजित किया, ताकि ज़रूरत पड़ने पर इमरजेंसी में जल्दी पहुंचने में मदद की जा सके। यह फेज़ इमरजेंसी के दौरान उपकरण के प्रैक्टिकल इस्तेमाल, रिस्पॉन्स का सही होना जांचने तथा रियल-टाइम असर की पुष्टि के लिए आयोजित किया गया।

आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ. आशीष चंद्रा ने कहा आज हेल्थकेयर को हॉस्पिटल की दीवारों से बाहर ले जाना होगा। DrRing के साथ इस गठजोड़ के ज़रिए, हमारा मकसद एक ऐसा कनेक्टेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम बनाना है जो तैयारी, रोकथाम और समय से मेडिकल मदद पहुंचाने पर फोकस करे। यह पहल पहनने वाले उपकरण पर आधारित डेटा ट्रैकिंग, पर्सनलाइज़्ड हेल्थ ट्रेंड मॉनिटरिंग,

 डायरेक्ट डॉक्टर कनेक्टिविटी, जियोफेंसिंग सपोर्ट, WhatsApp इंटीग्रेशन और एक बड़े इमरजेंसी रिस्पॉन्स नेटवर्क तक एक्सेस देकर टेक्नोलॉजी-संचालित प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ISIC के फोकस को और मजबूत करती है। भिन्न इमरजेंसी सिचुएशन में, शुरू के कुछ मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस पहल के ज़रिए, हम चाहते हैं कि मरीज़ और परिवार को जब भी मदद की ज़रूरत हो, सपोर्टेड, कनेक्टेड और मेडिकली गाइडेड महसूस करें।

DrRing के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर, डॉ. शिव कुमार ने कहा, “ DrRing को इमरजेंसी में मदद को आसान बनाने और मुश्किल हालात में तुरंत मेडिकल मदद को ज़्यादा आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था। इमरजेंसी के कई मामले गंभीर हो जाते हैं क्योंकि घबराहट वाली स्थिति में लोग जल्दी मदद नहीं मांग या ले पाते हैं। ISIC के साथ हमारा सहयोग हॉस्पिटल-इंटीग्रेटेड इमरजेंसी तैयारी और लगातार सपोर्ट के ज़रिए इस सोच को और मज़बूत करता है। खासकर से यह वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों और अकेले रहने वाले कमज़ोर लोगों के लिए है।

 SOS इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का लाइव प्रदर्शन भी किया और दिखाया गया। इसके जरिए बताया गया कि यह प्लेटफॉर्म असल ज़िंदगी की इमरजेंसी जैसी स्थिति में कैसे तेज़ी से कम्युनिकेशन, इमरजेंसी एस्केलेशन और कोऑर्डिनेटेड मेडिकल रिस्पॉन्स को मुमकिन बनाता है।

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