मदान फाउंडेशन जरूरतमंदों को भोजन,जरूरी सामान और हास्पिटलों में पीपीई वितरित कर रही है


नयी दिल्ली , कोरोना वायरस के देश में बढ़ते आंकड़े जहां लोगों को डरा रहे हैं, वहीं इस बिमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी सभी को हौसला दे रही है। इससे लड़ने के लिए जहां देश की केंद्र सकरार और राज्य सरकारों द्वारा बेहतरीन कार्य किया जा रहा है वहीं सरकारी प्रयासों के अलावा भी बहुत से प्रसास किये जा रहे हैं। इसमें देश के युवा उद्यमी आगे आ रहे है और अपना अहम योगदान दे रहे हैं। ऐसे ही युवा उद्यमियों में से एक हैं, भुपिंदर मदान जो अपने मदान फाउंडेशन के जरिए इस महामारी के दौरान जरूरत की चीजें जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं। 


मदान फाउंडेशन आगे कदम बढ़ाते हुए जरूरतमंदों के लिए भोजन, जरूरी सामान और विभिन्न हास्पिटलों में कोविड के योद्धाओं को पीपीई वितरित कर रही है। इसके साथ ही उन संस्थाओं को भी आर्थिक सहायता दे रही है जो सेवा भाव से लोगों की सहायता कर रहे हैं। इसके तहत दिल्ली स्थित सिख गुरुदारा प्रबंधक समीति को रुपये 1 लाख का दान और ग्लोबल केयर आर्गनाइजेशन को रुपये 5 लाख का दान दिया। तमिलनाडु के तिरुपुर में 5 लाख दैनिक मजदूर मजदूर रहते है, यहां उनकी समस्या को देखते हुए उनके लिए चादर, कंबल और 20 दिनों के लिए भोजन की व्यवस्था की। कोविड-19 से लड़ाई में स्वच्छता, सामाजिक-दूरी और सही जानकारी एक कारगर हथियार है इसलिए मदान फाउंडेशन जागरूकता अभियान को भी चला रही है ताकि लोगों को सही जानकारी मिले। 


लाकडाउन की समस्या को देखते हुए और एक जिम्मेदार युवा उद्यमी के तौर पर मदान फाउंडेशन के संस्थापक भुपिंदर मदान ने अपने कर्मचारियों को एक माह का एडवांस वेतन दिया ताकि उन्हें किसी तरह की आर्थिक असुरक्षा का सामाना ना करना पड़े। मदान फाउंडेशन के संस्थापक श्री भुपिंदर मदान ने अपनी इस पहल के संदर्भ में कहा, ‘‘हम अपनी इस पहल के जरिए कोशिश कर रहे हैं कि जरूरतमंद व्यक्तियों तक भोजन व राहत सामग्री पहुंचाई जाए। इसलिए हमने तिरुपुर और दिल्ली में कुछ सेंटर बनाए है जहां से हम जन सेवा के कार्य को कर रहे हैं। इकसे साथ ही हमने कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है जिससे जरूरतमंत हम से सीधे मदद ले सकते हैं।‘‘


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