समाजवादी विचार धारा के प्रतीक हैं डाॅ रघुवंश प्रसाद सिंह पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री

बिहार -  साधारण से व्यक्ति डाॅ रघुवंश प्रसाद सिंह पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तीन तीन बार केन्द्र में मंत्री रहे 15 साल से अधिक सांसद तथा 5 साल विधायक और 5 साल विधान परिषद यानी 25 साल के राजनीतिक जीवन के बाद भी खपरैल के पुराने से घर में रहते हैं, आज तक खुद की गाड़ी नही, खुद का स्मार्टफ़ोन नहीं है। मजदूर और किसान की तरह जीवन यापन, साधारण गरीब, मजदूरों की तरह खाना सुखी रोटी, सब्जी, मक्का और जो की सतु तथा मक्का की भुजा खा कर जीवन यापन करते हैं। पेंशन के अलावा खाते में कोई पैसा नहीं है। यही असली समाजवादी नेता है।



बिहार के ग्रामीण सड़कों का विकास तथा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण या प्रधानमंत्री ग्रामीण विद्युतीकरण हर गाँव हर घर बिजली पहुंचाने का श्रेय डाॅ रघुवंश प्रसाद सिंह को ही जाता है।।लालू प्रसाद यादव राज्य में बिहार के सड़क के विकास नहीं होने का मुख्य कारण यह था कि 2004 से पहले  राज्यों के ग्रामीण सड़कों के योजना के लिए केन्द्र से 70 प्रतिशत राशि मिलती थी और राज्यों को 30 फीसदी अपने तरफ से लगाने पड़ते थे लेकिन बिहार जैसे अति पिछड़े राज्यों के लिए 30 फीसदी राशि सड़क में लगाने पर बहुत सारे योजना में कटौती करनी पड़ती जिसके कारण तत्कालीन राजद सरकार मजबूरी के कारण केंद्र की 70 प्रतिशत राशि लौटा देती थी, लेकिन जब 2004 के यूपीए सरकार में डा रघुवंश प्रसाद सिंह जैसा ईमानदार नेता ग्रामीण विकास मंत्री बने तो उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में लंबी बहस के बाद प्रधानमंत्री को समझाने में सफल रहे कि पिछड़े राज्यों में सड़कों के विकास के लिए तथा बिजली पहुंचाने के लिए 100 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार को देने चाहिए तथा ये बिल संसद में पास हो गया लेकिन राजद का दुर्भाग्य की 2005 में बिहार में रंगा बिल्ला की सरकार बन गई तथा केन्द्र के विकास को शिक्षा के कमी के कारण बिहार के लोगों ने नीतिश कुमार का विकास समझ लिया।


रघुवंश प्रसाद सिंह का भारत के ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार देने के लिए मनरेगा मिल का पत्थर साबित हुआ तथा मनरेगा के सफलता का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुले मंच से रघुवंश प्रसाद सिंह को दिया था और आपदा के ईस घड़ी पुरे भारत के मजदूरों के साथ साथ बिहार के मजदूरों, दलितों, अल्पसंख्यकों, पिछड़े, अति पिछड़े वर्ग के गरीब मजदूर लोगों जिस तरह से बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने आपके लिए आरक्षण दिया उसी तरह डाँ रघुवंश प्रसाद सिंह उर्फ बाबा ने आप लोगों को रोजगार की गारंटी योजना के तहत मनरेगा दिया जिसमे आपको केन्द्र के तरफ से पैसे और रोजगार दोनों मिल रहा है।


दलितों, पिछड़े, अति पिछड़े, अल्पसंख्यकों और गरीब सामान्य वर्ग के लोगों क्या रघुवंश प्रसाद सिंह गरीब राजपूत परिवार में जन्म लिया है तो पाप किया है क्या? क्या रघुवंश प्रसाद सिंह जैसा ईमानदार नेता आज दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, अल्पसंख्यक में जन्मा होता तो प्रधानमंत्री और मुख्य मंत्री आप नहीं बनाते,। आज रघुवंश प्रसाद सिंह का अपना जाति का लोग इसलिए गाली देता है कि वह आजिवन दलित, पिछड़े, वंचित, शोषित और अल्पसंख्यकों के लिए लडते रहे।।। तथा अति पिछड़े, पिछड़े और दलित समाज उन्हें इसलिए समर्थन नहीं कर रहा है कि वह एक गरीब राजपूत है जिन्होंने एक रुपया का भ्रष्टाचार नहीं किया, माफियाओं, ठेकेदार, अपराधियों, हत्यारे को संरक्षण नहीं दिया।। समाजबादी विचार धारा के प्रतीक हैं
कई बार इन्होंने मंत्रालय का प्रस्ताव ढूक रा दिया  कहा कि में साधारण ही ठीक हूं


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