द्वारका पॉकेट 8 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया

० इरफ़ान राही ० 
 नई दिल्ली- डीडीए पॉकेट नंबर 8 नसीरपुर द्वारका में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री भारत रत्न स्वतंत्रता सेनानी‌ मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की 134 वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का आयोजन किया गया , यह आयोजन सीरत एजुकेशनल एंड वेलफेयर एसोसिएशन सेवा द्वारा किया गया , कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली के शिक्षाविद तथा विद्वान मौलाना यहया अरसलानी ने की तथा संचालन एवं संयोजन कवि पत्रकार इरफान राही सैदपुरी सैफ़ी ने किया।
इस अवसर पर मौलाना यहया अरसलानी ने देश के भारत रत्न स्वतंत्रता सेनानी शिक्षाविद पत्रकार लेखक तथा वरिष्ठ विद्वान मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जीवनी पर रोशनी डाली और उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम जानकारी दी उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद द्वारा लिखित पुस्तक इंडिया विंन्स फ्रीडम को अवश्य पढ़ना चाहिए ।मुख्य वक्ताओं में मौलाना जमील कासमी ने बताया कि किस प्रकार अंग्रेज मौलाना आज़ाद की काबिलियत और उनके आंदोलन से अंग्रेज ख़ौफ़ज़दा रहते थे,
द्वारका विधानसभा के समाजसेवी साहब राज सिंह ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद महात्मा गांधी जी तथा जवाहरलाल नेहरू जी के साथी थे और आप संविधान निर्माण समिति के सदस्य थे आपकी सेवाएं देश हमेशा याद रखेगा यही वजह है कि आप को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न अर्पित किया गया और आपके जन्मदिवस पर पूरा भारत राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाता है।
कन्वीनर इरफ़ान राही ने बताया कि मौलाना अबुल कलाम आजाद 11 नवंबर 1888 को पैदा हुए आप 16 साल की उम्र में बहुत ज्ञान प्राप्त कर लिया आप हिंदी अंग्रेजी उर्दू फारसी संस्कृत के विद्वान थे आपने al-hilal नामक समाचार पत्र का संपादन किया खिलाफत आंदोलन के मुख्य नेताओं में से थे, आपने अंग्रेजो के ख़िलाफ़ आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया यही वजह रही कि आप गांधीजी के बहुत करीबी रहे बहुत कम उम्र में राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे उसके बाद आपको भी जवाहर लाल नेहरू और अन्य नेताओं के साथ 3 साल के लिए अंग्रेजों द्वारा जेल में डाला गया , आज उनको ख़िराज ए अक़ीदत पेश करते हैं।
इस मौके पर रियाज़ अंसारी, मोहम्मद हसमुल्लाह, सलीम उस्ताद,बख्तियार अहमद, सानिया सैफ़ी, जास्मिन, नाजिर एकेडमी के टीचर्स इमरान नाजिर ,अब्दुल अहद, मोनल ,निहाल अंसारी , तथा नाजिर एकेडमी के स्टूडेंट्स अशवनी, उपासना ,अलीशा, शादाब,समीर, जकारिया, रेहान, तरन्नुम, युवराज ,जिया,निजा, फिजा,ठेकेदार भाई, शादाब सैफी सहित लोगों और बच्चों ने शिरकत की।

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